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एम आरएनए वैक्सीन का अर्थ | mRNA Vaccine Meaning in Hindi

चर्चा में क्यों : हाल ही में 16 नवंबर को अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना ने अमेरिका के राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान के साथ मिलकर विकसित किए गई वैक्सीन के मानव परीक्षण के परिणामों की घोषणा की। परिणामों में वैक्सीन 94.5 प्रतिशत प्रभावी पाई गई। इससे पूर्व Pfizer ने BioNTech-Fosun Pharma के साथ मिलकर बनाई गई अपनी वैक्सीन को 90 प्रतिशत प्रभावी दिखाते हुए मानव परीक्षण के परिणाम जारी किए थे; इसी खबर के चलते mRNA वैक्सीन चर्चा में है।

mRNA क्या है : mRNA की फुल फॉर्म होती है मैसेंजर RNA; मैसेंजर RNA - RNA (राइबोन्यूक्लिक एसिड) का एकल-स्ट्रॉन्डेड अणु होते हैं जो आनुवंशिक सामग्री से बने होते हैं तथा कोशिकाओं तक यह जानकारी लेकर जाते हैं कि उन्हें कौन सा प्रोटीन बनाना है। प्राकृतिक रूप से mRNA कोशिकाओं को ऐसे प्रोटीन बनाने के लिए कहते हैं जो शरीर में हुई टूट-फुट व किसी बीमारी से हुई कमी को ठीक कर सकें।

वैक्सीन में mRNA तकनीक : वैक्सीन की सहायता से मैसेंजर RNA के जरिए कोशिकाओं को ऐसे प्रोटीन बनाने के लिए कहा जा सकता है जो किसी विशेष बीमारी के लिए उत्तरदायी वायरस को समाप्त करने के लिए इम्यून सिस्टम को एंटीबॉडीज बनाने हेतु बाध्य कर सकें।

कोरोना वैक्सीन में mRNA तकनीक : कोरोना वायरस के खिलाफ शरीर में एंटीबॉडीज बनाने के लिए मॉडर्ना और फाइजर दोनों कंपनियों ने mRNA वैक्सीन का इस्तेमाल किया है। इस वैक्सीन के जरिए कोरोना वायरस के स्पाइक प्रोटीन के कोड्स को mRNA सीक्वेंस के रूप में ढालकर तथा इन पर लिपिड कोटिंग चढ़ाकर शरीर में इंजेक्ट किया जाता है तथा इसके बाद ये mRNA सीक्वेंस कोशिकाओं को कोरोना के स्पाइक प्रोटीन की कॉपीज बनाने का निर्देश देते हैं। बड़ी मात्रा में कोरोना के स्पाइक प्रोटीन की कॉपीज बनने के बाद ये कॉपीज इम्यून सिस्टम को एंटीबॉडीज बनाने हेतु बाध्य करती हैं।

एंटीबॉडीज का कार्य : शरीर में पहले से एंटीबॉडीज मौजूद होने के कारण जब वास्तव में कोरोना वायरस का हमला होता है तो इससे पहले कि कोरोना वायरस शरीर को बीमार करे एंटीबॉडीज इसे नष्ट कर देती हैं इस प्रकार कोरोना से संक्रमित होने बाद भी व्यक्ति स्वस्थ बना रहता है।

इच्छा मृत्यु का अर्थ | Euthanasia Meaning in Hindi

चर्चा में क्यों : हाल ही में न्यूज़ीलैंड के 65% लोगों ने इच्छा मृत्यु के पक्ष में वोट दिया।

अर्थ : इच्छामृत्यु का अर्थ होता है किसी लाइलाज बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को पीड़ा से छुटकारा दिलाने के लिए उसका जीवन समाप्त करना।

प्रकार : 1. निष्क्रिय इच्छा मृत्य 2. सक्रिय इच्छा मृत्यु

निष्क्रिय इच्छा मृत्यु : जब किसी मरणासन्न व्यक्ति की मौत की तरफ बढ़ने या लाइलाज बीमारी के चलते उसे इलाज देना बंद कर दिया जाता है तथा जीवनरक्षक प्रणालियों को हटा लिया जाता है इसे अंग्रेजी में पैसिव यूथेनेशिया (Passive Euthanasia) या हिंदी में निष्क्रिय इच्छा मृत्यु कहा जाता है।

सक्रिय इच्छा मृत्यु : यदि मरीज को कुछ नशीली या अन्य दवाइयां दी जाएं जो उसे कुछ समय तक राहत देने के बाद उसकी जान ले लें तो ऐसी मृत्यु को एक्टिव यूथेनेशिया (Active Euthanasia) या हिंदी में सक्रिय इच्छा मृत्यु कहा जाता है।

वैधता : अलग-अलग देशों में ये दोनों तरीके वैध माने जाते हैं ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड्स, बेल्जियम, कोलंबिया, स्विट्जरलैंड, लक्जमबर्ग, जर्मनी, कनाडा जैसे कुछ विकसित देशों में कुछ परिस्थितियों में इच्छा मृत्यु दी जा सकती है।

लिविंग विल : इच्छा मृत्यु के मामले से बचने के लिए चिकित्सा देने से पूर्व मरीज से लिविंग विल ली जाती है। लिविंग विल एक लिखित दस्तावेज होता है जिसमें कोई मरीज पहले से यह निर्देश देता है कि मरणासन्न स्थिति में पहुंचने या रजामंदी नहीं दे पाने की स्थिति में पहुंचने पर उसे किस तरह का इलाज दिया जाए।

भारत में इच्छा मृत्यु : भारत में सक्रिय इच्छा-मृत्यु गैर कानूनी है क्योंकि मृत्यु का प्रयास IPC की धारा 309 के अंतर्गत आत्महत्या (Suicide) का अपराध है; चाहे इच्छा मृत्यु भले ही मानवीय भावना से देने की बात हो या पीड़ित व्यक्ति की असहनीय पीड़ा को कम करने की उसे IPC की धारा 304 के अंतर्गत हत्या जैसा अपराध माना जाता है; दुनिया के ज्यादातर देशों में इच्छा मृत्यु पर प्रतिबंध है उनमें से भारत भी एक है। भारत में इच्छा मृत्यु से जुड़े मसलों पर मंथन उस समय शुरू हुआ जब वर्ष 2011 में लगभग 35 साल से कोमा में पड़ी मुंबई की नर्स अरुणा शानबॉग को इच्छा मृत्यु देने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया। लेकिन वर्ष 2018 में कुछ शर्तों के साथ निष्क्रिय इच्छा मृत्यु को विचारणीय बनाया गया है।

मैनिफेस्टो का अर्थ | Manifesto Meaning in Hindi

चुनावी घोषणापत्र राजनीतिक पार्टी का एक औपचारिक लिखित बयान होता है जिसमें वे अपने उद्देश्य और नीतियों को बताते हैं जिनके आधार पर मतदाता उस पार्टी विशेष को सत्ता में लाने के लिए वोट देते हैं; एक तरह से चुनावी घोषणापत्र राजनीतिक पार्टी की प्राथमिकताओं को समझाने का जरिया होता है; महत्व - पहला तो यह पार्टी की विचारधारा का स्पष्ट व विश्वसनीय स्रोत होता है; दूसरा यह वाद-विवाद के एक निश्चित स्त्रोत की तरह काम करता है; तीसरा यह उन लोगों को पार्टी से सीधा जोड़ता है जिनके मुद्दों कोे मैनिफेस्टो में प्राथमिकता मिलती है; चौथा यह पार्टियों के बीच होने वाली स्पष्ट प्रतिस्पर्धा को रेखांकित करता है; अंत में यह मतदाताओं को स्पष्ट विकल्प देता है; समस्याएं - पहला भारत में मैनिफेस्टो को ज्यादा तरजीह नही दी जाती; दूसरा विविधता के चलते राष्ट्रीय स्तर के दलों को ऐसे वादे करने में समस्याएं आती हैं जो संपूर्ण भारत को रेखांकित करती हों; तीसरा मैनिफेस्टो के प्रति जवाबदेही का ना होना इसके महत्व को राजनीतिक दलों में भी कम करता है; चौथा भारत में जारी चुनावी मैनिफेस्टो में मुफ्तखोरी का बोलबाला रहता है; अंत में मैनिफेस्टो में किए गए वादों में वर्षों से चले आ रहे सामान्य वादों को बार-बार प्रिंट कर दिया जाता है जिनका कोई निश्चित पैमाना नही होता जिस वजह से उन मुद्दों पर डिबेट करना मुश्किल होता है जैसे कि अच्छी सरकार।

वाइट सुपरमेसी का अर्थ | White Supermacy Meaning in Hindi

वो सिद्धांत या मान्यता जो कहती है कि श्वेत लोग अन्य नस्लों के लोगों की अपेक्षा स्वाभाविक रूप से श्रेष्ठ हैं इसलिए अन्य नस्लों को इसे उच्च दर्जे का मानना चाहिए।

इस सिद्धांत को श्वेत वर्चस्ववाद के नाम से जाना जाता है।

यह सिद्धांत छद्म विज्ञान के आधार पर नस्लवाद सही साबित करने की कोशिश करता है और उपनिवेशवादी सफलता का उदाहरण देकर साबित करने का प्रयत्न करता है।

दिगम्बर और श्वेताम्बर का अर्थ | Digambar & Shwetambar Meaning in Hindi

जैन धर्म के दो सम्प्रदाय हैं; एक सम्प्रदाय है श्वेताम्बर और दूसरा सम्प्रदाय है दिगम्बर; श्वेताम्बर शब्द श्वेत और अंबर से बना है अर्थात सफेद जिसका वस्त्र हो; दिगम्बर शब्द दिक् और अंबर से मिलकर बना है अर्थात दिशा ही जिसका अंबर यानी कि वस्त्र है; दिगम्बर संप्रदाय के अनुयायी मोक्ष प्राप्त करने के लिए नग्नतत्व को मुख्य मानते हैं; जबकि श्वेताम्बर ऐसा नही मानते और सफेद वस्त्र ग्रहण करते हैं; जैन धर्म इन दो सम्प्रदायों में 24 वें तीर्थंकर महावीर स्वामी की मोक्ष प्राप्ति के लगभग 200 वर्षों बाद मगध के राजा चंद्रगुप्त मौर्य के शासनकाल में बंटा; क्योंकि आचार्य भद्रभाहु (जैन धर्म के गुरु) ने मगध में पड़े 12 वर्षों के भीषण अकाल के कारण दक्षिण में जाने का निर्णय लिया था; जबकि स्थूलभद्र (दूसरे जैन गुरु) ने अपने शिष्यों के साथ मगध में ही रूकने का निर्णय लिया; स्थूलभद्र के शिष्यों ने श्वेत वस्त्र धारण करना शुरू कर दिया और माना जाता है कि उस समय जैन धर्म के मूल सिद्धांतो में भी परिवर्तन हुआ; तब से जैन धर्म दो सम्प्रदायों में बंटा हुआ है और दोनों के अलग-अलग विश्वास हैं; श्वेताम्बर पूज्य मूर्तियों को कपड़ों और आभूषणों से सजाते हैं जबकि दिगम्बर ऐसा नही करते; श्वेताम्बर साधु जैन सिद्धांतों के अनुसार निश्चित की गई 14 वस्तुओं को धारण कर सकते हैं जबकि दिगम्बर कमंडलु (भिक्षापात्र/ प्राचीन में दरियाई नारियल से बना), शास्त्र और मोर पंख से बने झाड़ू (पिच्छी) को अपने साथ रखते हैं; श्वेताम्बर कुछ घरों से दान में भोजन लेते हैं और एक से अधिक बार भोजन का सेवन कर सकते हैं जबकि दिगम्बर केवल पानी लते हैं दानी खुद की इच्छा से दिया गया भोजन दिन में केवल एक ही बात ग्रहण करते हैं; श्वेताम्बर मानते हैं कि जैन धर्म की 19 वीं तीर्थंकर मल्लीनाथ स्त्री थी और उनका वास्तविक नाम मल्ली बाई था जबकि दिगम्बरों के अनुसार 19 वें तीर्थंकर पुरुष थे; श्वेताम्बर मानते हैं कि महावीर स्वामी ने साधु बनने से पूर्व शादी की थी और उनकी एक पुत्री (प्रियदर्शनी) भी थी जबकि दिगम्बर इस बात से सहमत नही हैं; श्वेताम्बर मानते हैं कि स्त्री पुरुष के समान मुक्त हो सकती है जबकि दिगम्बर मानते हैं कि स्त्री को मुक्ति पाने के लिए पुरुष रूप में पुनर्जन्म लेना पड़ता है; श्वेताम्बर मानते हैं कि जैन धर्म के पवित्र णमोकार मंत्र की प्रथम नौ पंक्तियों का उच्चारण किया जाना चाहिए जबकि दिगम्बरों के अनुसार यह सँख्या पाँच होनी चाहिए; हालांकि दोनों सम्प्रदाय जैन धर्म के मूल सिद्धातों में विश्वास रखते है लेकिन दोनों की व्याख्याओं में अंतर है; इसके अलावा दिगम्बर श्वेताम्बरों के 45 ग्रंथों को वे स्वीकार नहीं करते; दिगम्बर और श्वेताम्बर की परंपराएं अलग हैं; दोनों सम्प्रदायों के परिधान, मंदिर और शास्त्र अलग हैं, दोनों का महिला सन्यासियों के प्रति दृष्टिकोण भी अलग है; दोनों के ग्रन्थों में भी ऐतिहासिक मतभेद हैं; दिगंबर संन्यासी किसी भी भौतिक वस्तुओं के मोह से मुक्त होते हैं; दिगम्बर भिक्षु एक समुदाय के स्वामित्व वाली पिच्छी लेकर चलते हैं जो कि मोर के पंखों से बना एक झाड़ू होता है इससे वे रास्ते में पड़े या बैठने के स्थान पर मौजूद कीड़ों को साफ कर उनका जीवन बचाते हैं; दिगंबर जैन समुदाय वर्तमान में मुख्य रूप से कर्नाटक के जैन मंदिरों, दक्षिण महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में मिलते हैं; विद्वान जेफरी डी लांग के अनुसार भारत के सभी जैनियों में पांचवें हिस्से से भी कम अनुयायी दिगंबर विरासत का अनुसरण करते हैं; दिगम्बर खुद को महावीर स्वामी (24 वें तीर्थंकर) के वास्तविक अनुयायी मानते हैं जबकि श्वेताम्बर इस तथ्य के विरोध में हैं।

डीआरडीओ का अर्थ | DRDO Meaning in Hindi

डीआरडीओ की फुल फॉर्म है Defence Research and Development Organisation इसे हिंदी में "रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन" कहा जाता है; यह भारत में विश्व स्तर के विज्ञान और प्रौद्योगिकी के आधार को स्थापित करने के लिए काम कर रहा है; यह हमारी रक्षा सेवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी प्रणालियों से लैस करके निर्णायक बढ़त प्रदान करता है; डीआरडीओ की स्थापना वर्ष 1958 में कुछ तकनीकी और डिफेंस क्षेत्र के संयुक्त संगठनों को मिलाकर की गई थी; यह रक्षा मंत्रालय के अधीन काम करता है; DRDO का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है; मौजूदा समय में 50 से अधिक प्रयोगशालाओं के नेटवर्क के साथ DRDO रक्षा तकनीकों को विकसित करने में लगा हुआ है; यह मुख्य रूप से एयरोनॉटिक्स, आर्मामेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, कॉम्बैट व्हीकल, मिसाइल, राडार, एडवांस कंप्यूटिंग और सिमुलेशन, विशेष सामग्री, नौसेना प्रणाली के क्षेत्र में काम करता है; मौजूदा समय में DRDO में 5000 से अधिक वैज्ञानिकों और लगभग 25,000 तकनीकी स्टाफ और सहायक कर्मी कार्यरत हैं; DRDO के अंतर्गत ही पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा Integrated Guided Missile Development Programme (IGMDP) नामक प्रोग्राम की शुरुआत की गई थी; इस प्रोग्राम का उद्देश्य भारत को मिसाइल विकसित करने के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना था; इस प्रोग्राम के अंतर्गत ही पृथ्वी, अग्नि, त्रिशूल, आकाश और नाग जैसी मिसाइल विकसित की गई हैं; इसके अलावा DRDO ने प्रहार, शौर्य, निर्भय, अस्त्र, धनुष, सागरिका, ब्रह्मोस जैसी मिसाइलें भी विकसित की हैं; हालांकि DRDO की तुलना ISRO से की जाती है जिसमें DRDO पिछड़ा हुआ नजर आता है जिस कारण केंद्र सरकार की ओर से ISRO को आर्थीक सहायता अधिक दी जाती है; DRDO का सालाना बजट सामान्यतः 15000 करोड़ के आसपास रहता है।

जंगलराज का अर्थ | Jungle Raj Meaning in Hindi

जंगलराज को 20 वीं शताब्दी के बिहार से जोड़ कर देखा जाता है; 1990 से 2005 तक लगातार लालू प्रसाद यादव की सरकार रही है इसलिए लालू राज को भी जंगलराज में गिना जाता है; जंगलराज का अर्थ बिहार के उस समयकाल से है जब बिहार में कानून की बजाए दबंगों का बोलबाला था; अपहरण करना, तमंचे लहराना, अपराधियों का लग्जरी गाड़ियों में घूमना, सामूहिक नरसंहार, बुद्धिजीवियों का पलायन, शून्य विकास उस समय सामान्य हुआ करता था; इसके विपरीत शब्द है कानूनराज।

एम आरएनए वैक्सीन का अर्थ | mRNA Vaccine Meaning in Hindi

चर्चा में क्यों : हाल ही में 16 नवंबर को अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना ने अमेरिका के राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान के साथ मिलकर विकसित किए गई वैक्सीन ...