(Ishwar) ईश्वर का अर्थ Meaning in Hindi

एक ऐसी अलौकिक शक्ति जिसकी कल्पना मनुष्य करता है तथा मानता है कि जो भी कुछ ब्रह्माण्ड में ऐसा है जो मानवीय क्षमताओं से बाहर है वह उसी अलौकिक शक्ति की ईच्छा से होता है उस अलौकिक शक्ति को ईश्वर नाम दिया जाता है।

सरल शब्दो में मानव की क्षमता व समझ जहाँ समाप्त हो जाती है उस के बाहर होने वाली प्रत्येक क्रिया एक अलौकिक शक्ति करती है जिसे ईश्वर कहा जाता है।

यद्दपि यह शक्ति मात्र एक ही है फिर भी इंसानों में इसे समझने का तरीका अलग-अलग होता है। उसी प्रकार इसके नामों में भी समुदाय के अनुसार परिवर्तन मिलता है जैसे हिन्दू धर्म में इसे ईश्वर के नाम से जाना जाता है वहीं इस्लाम में इसे अल्लाह कहा जाता है। सिख इसे वाहेगुरु कह कर सम्बोधित करते हैं तथा ईसाइयों में ये शक्ति गॉड नाम से प्रचलित है। ऐसा नही है कि इस काल्पनिक अलौकिक शक्ति को हिन्दी मे केवल ईश्वर नाम से ही जाना जाता है बल्कि हिन्दू धर्म पर्याय इसे भगवान, ईश्वर, परमेश्वर, त्रिलोकी आदि नामों से भी सम्बोधित करता है।

आइए इस शक्ति को उदाहरण के माध्यम से समझने का प्रयास करें:

1. आप जानते हैं कि किसी भी वस्तु को चलाने के लिए बाहरी बल आवश्यक है और आप ये भी जानते हैं कि पृथ्वी गतिशील है लेकिन इस पर कोई बल लगाता हुआ हमें दिखाई नही देता अब इंसान ये समझ पाने में असमर्थ है कि पूरा ब्रह्मांड गतिशील कैसे है कहाँ से इसे ब्राहा बल मिल रहा है। तब इंसान के मस्तिष्क में ये बात आती है कि कोई अन्य शक्ति है जो इस संसार को गतिशील बनाए हुए है। बस उसी काल्पनिक शक्ति को इंसान ने ईश्वर नाम दिया है।

2. इंसान में जान कहा से आती है और मरने के बाद कहा चली जाती है ये जानना आपकी क्षमता से बाहर है तो आप कहेंगे कि जान ईशवर से आती हैं और उन्ही के पास चली जाती है। क्योंकि हमारी कल्पना जहाँ समाप्त होती हैं उसी के आगे हम ईश्वर की कल्पना करते हैं।

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