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नौ दो ग्यारह होना का अर्थ | Nau Do Gyarah Hona meaning in hindi

यह मुहावरा किसी व्यक्ति के भाग खड़े होने पर प्रयोग में लाया जाता है। नौ दो ग्यारह मुहावरे का अर्थ होता है भाग खड़े होना। इस मुहावरे का भाव किसी खतरे की स्थिति में तेजी से भाग कर उस स्थान से कुछ ही पल में विलुप्त हो जाने से है। जब कोई व्यक्ति किसी परिस्थिति से बचकर जल्दबाजी में भाग जाता है तो नौ दो ग्यारह मुहावरे का प्रयोग किया जाता है।
उदाहरण: 1). अध्यापक को देखते ही कक्षा ना लगाने की मंशा से बाहर खड़े बच्चे नौ दो ग्यारह हो गए।
2). पुलिस के आते ही चोर नौ दो ग्यारह हो गया।
3). अगर तुम चाहते हो कि मुझे और अधिक गुस्सा न आए तो यहाँ से नौ दो ग्यारह हो जाओ।

टिप्पणियाँ

  1. मुझे यह जानना था कि सिर्फ नो दो ग्यारह ही भागने के लिये क्यों लिखा जाता है। कोई और संख्या क्यों नहीं लिखी जाती है।
    जैसे दो लोगों में गुस्सा और नफरत दर्शाने के लिये कहा जाता है कि इन दोनों में छत्तीस का आंकडा है। चूंकि हिन्दी में ३६ लिखने पर पता चलता है कि तीन और छह अंकों का मुंह एक दूसरे की विपरीत दिशा में है, इसलिये ३६ का आंकडा लिखा जाता है।
    तो क्या ९ २ ११ के लिये भी इस प्रकार का कोई लॉजिक है ?

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  2. As per a quora answer:

    Before advent of announcement system in Indian Railways ringing of bell was used to alert passenger about arrival of train on platform. It is still used in small stations in India.

    The bell was struck 5 times when train used to reach 2 station before destination, 4 times when it reached one station before destination, thus bell struck 5+4 = 9 before coming to station and bell would struck 2 times before leaving platform.

    Hence the phrase Nau Do Gyarah (9+2 = 11) meaning to ‘run away’.

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