शून्यकाल का अर्थ | Shunyakal meaning in hindi

शून्यकाल सदन से जुड़ा हुआ एक शब्द है शून्यकाल एक घण्टे का वह समय होता है जो प्रश्नकाल के बाद आरंभ होता है। दोनों सदनों में दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक के समय को शून्यकाल कहा जाता है। यह समय 12 बजे से शुरू होकर सदन के दोपहर के भोजन के लिए स्थगित होने के समय 1 बजे तक चलता है। शून्यकाल से सबंधित किसी भी नियम का कोई उल्लेख संसद नियमावली में नही है इसलिए शून्यकाल किसी भी तरह के नियम का अनुसरण नही करता। इस एक घण्टे के समय मे सदन के सदस्य ऐसे प्रश्न उठाते हैं जिनके विषय में पहले से कोई सूचना नही दी गई होती। तथा सदस्य शून्यकाल में उठाए गए लोक महत्व से सबंधित प्रश्नों पर तुरंत कार्यवाही चाहते हैं। शून्यकाल का अंग्रेजी भाषा में मतलब होता है जीरो ऑवर। सदन में 12 बजे से 1 बजे तक के समय को शून्यकाल इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह 12 बजे शुरू होता जो ना तो पूर्वाह्न में आता है और ना ही अपराह्न में आता है। शून्यकाल नाम समाचार पत्रों द्वारा दिया गया है तथा समाचार पत्रों ने ही इसे प्रचलित भी किया है। वास्तव में भारतीय संविधान में शून्यकाल का कोई उल्लेख नही है यह शब्द तथा इसकी परिभाषा पूर्ण रूप से समाचार पत्रों की ही देन है और इन्ही के माध्यम से अपना अस्तित्व बनाए हुए हैं। परन्तु फिर भी शून्यकाल का राजनीति तथा शासन व्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ता है।

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