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अप्रैल 18, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

(Bakwas) बकवास का अर्थ Meaning in Hindi

बकवास कोई भी ऐसी बड़बड़ाहट होती है जिसके कहने या बोलने का कोई कारण नहीं होता और ना ही इसका कोई अर्थ होता है। जैसे किसी भी मुद्दे पर ऐसी बहस करना जिसका उस मुद्दे विशेष से दूर दूर तक कोई सबंध ना हो को बकवास कहा जाता है। जब कोई भी व्यक्ति बिना किसी कारण के या बिना किसी बात के बोल रहा हो जिसका सुनने वाले की सहनशीलता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा हो तब ऐसी बात को बकवास कहा जाता है।

(Falak Tak) फ़लक तक का अर्थ Meaning in Hindi

“फलक तक” शब्द हिन्दी फिल्म “टशन” के एक गाने “फलक तक चल साथ मेरे” से प्रसिद्ध हुआ है। फलक का अर्थ होता है वह आभासी स्थान जहाँ पर हमें आसमान और ज़मीन मिलते हुए दिखाई देते हैं। यह आभास अनंत है क्योंकि हम जितनी आगे चलेंगे उतना ही आगे फलक हमें दिखाई देगी। वास्तव में यह पृथ्वी की गोलाई की वजह से दिखाई देती है। जिस कारण हमें ज़मी और आस्मां के मिलन का आभास होता है। इसी आभासी स्थान तक साथ निभाने की बात का भावनात्मक अर्थ है अंनत तक साथ निभाना।

(Talaq) तलाक का अर्थ Meaning in Hindi

तलाक को एक प्रक्रिया या एक प्रकार का निर्णय कहा जा सकता है जिसके द्वारा विवाह के बंधन में बंधे पुरुष व स्त्री जो कि पति-पत्नी के रूप में एक दूजे के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभा रहे थे; वे इन जिम्मेदारियों से मुक्त हो जाते हैं। तलाक के बाद पति या पत्नी द्वारा भूतपूर्व रिश्ते की तर्ज पर एक दूजे पर किसी भी प्रकार का दबाव बनाना या जबरदस्ती हक़ जताना कानून के अनुसार दण्डनीय हो जाता है। तलाक पुरुष व स्त्री को एक दुसरे से स्वतंत्र कर देता है। हालांकि धार्मिक भावनाओं के चलते कई धर्मों ने इसे पाप की संज्ञा दी है व सामाजिक तौर पर तलाक को एक मनसिक पीड़ा के रूप में देखा जाता है क्योंकि तलाकशुदा पुरुष व स्त्री को समाज में सम्मान की दृष्टि से नहीं देखा जाता। परन्तु कानून कहता है कि एक दुसरे के साथ जहन्नुम जैसी ज़िन्दगी बिताने से अच्छा अलग रह कर एक नए जीवन की शुरुवात किया जाना ज्यादा बेहतर है कानून इसी नियम का अनुसरण करता है व इसी कारण यदि पति पत्नी की इच्छा हो तो तलाक के हक़ में सदैव उनके साथ खड़ा रहता है।

तीन तलाक का अर्थ, मतलब व परिभाषा | 3 Talaq Meaning in Hindi

3 तलाक/ तीन तलाक का सबंध इस्लाम धर्म से है। यह एक प्रकार का नियम है जिस की व्याख्या इस्लाम के पवित्र क़ुरान में भी मिलती है। तीन तलाक के नियम के अनुरूप शादी के पश्चात यदि पुरुष के समक्ष ऐसी स्थति उत्पन्न हो जाए जिसके चलते शादी का रिश्ता निभा पाना असंभव हो जाए तब वह अपनी इच्छा से पत्नी को तलाक दे सकता है। इस स्थति में पुरुष को गवाहों सामने अपनी पत्नी के समक्ष तीन बार तलाक शब्द को दोहराना होगा। तलाक, तलाक, तलाक कहने पर पति पत्नी एक दुसरे के प्रति सभी वैवाहिक जिम्मेदारियों से आज़ाद हो जाते हैं। परन्तु इस्लाम में तलाक लेने की प्रक्रिया को बहुत ही जटिल बनाया गया है जिसमें पुरुष को तलाक देने के लिए 3 महीने तक का इंतज़ार करना पड़ता है अर्थात तलाक, तलाक, तलाक एक साथ ना कह कर एक माह में एक ही तलाक दिया जा सकता है या अन्य स्थति में यदि स्त्री गर्भवती है तो बच्चा पैदा होने तक इंतज़ार करने की आज्ञा क़ुरान में दी गई है।