ककड़ी खीरा समझना का अर्थ | Kakdi Kheera samajhna meaning in hindi

किसी को महत्व न देना या कोई ऐसा जिसके होने न होने का कोई फर्क ही न समझा जाए को ककड़ी-खीरा कहा जाता है। ककड़ी खीरा समझना मुहावरे का मतलब होता है महत्वहीन समझना। ककड़ी तथा खीरा सब्जी की एक नस्ल है परन्तु इनका सब्जी बनाने में प्रयोग नगण्य है। इनका सब्जियों में कोई महत्व नही होता। हालाँकि ककड़ी व खीरा को सलाद के रूप में प्रयोग किया जाता है परन्तु सलाद में भी इनको अतिरिक्त में रखा जाता है तथा मुख्य सलाद अलग सब्जियों से बनता है। इसलिए ककड़ी व खीरा का कोई महत्व नहीं आँका जाता। इनके होने के साथ व इनके होने के बिना दोनों स्थितयों में भोजन पूर्ण होता है। इसलिए जब किसी महत्वहीन की बात की जाती है तो उन्हें ककड़ी-खीरा कहा जाता है। ककड़ी खीरा समझना मुहावरे का वाक्य में प्रयोग निम्न है।
उदाहरण: 1). भीड़ में बात को समझने वाले लोग कम और ककड़ी खीरे ज्यादा होते हैं।
2). महत्वपुर्ण लोगों को ही बुलाना फालतू ककड़ी खीरे इक्कठे करने की कोई आवश्यकता नही है।

औंधे मुँह गिरना का अर्थ | Aundhe muh girna meaning in hindi

जब कोई व्यक्ति निरंतर चल रहे कार्य में बुरी तरह से धोखा खा जाए तथा उसे भारी नुकसान झेलना पड़े तब इस प्रकार की स्थिति को औंधे मुँह गिरना कहा जाता है। औंधे मुँह गिरना मुहावरे का मतलब होता है बुरी तरह से धोखा खाना। औंधे मुँह गिरना अर्थात उल्टा होकर गिरना; जैसे कोई व्यक्ति चलता-चलता ठोकर लगने से मुँह के बल गिर जाता है तो उसे औंधे मुँह गिरना कहा जाता है। जो कि एक भयकंर रूप से व अचानक लगी चोट को दर्शाता है। इसी प्रकार जब कोई काम प्रगति की राह पर ऊपर की ओर बढ़ते-बढ़ते अचानक से डगमगा कर एकदम नीचे के स्तर पर आ गिरे जिससे व्यक्ति को वोही मेहनत दोबारा करनी पड़े ऐसी स्थिति औंधे मुँह गिरना मुहावरे का पर्याय होती है। औंधे मुँह गिरना मुहावरे का वाक्य में प्रयोग निम्न है।
उदाहरण: 1). आज का सेंसेक्स औंधे मुँह गिरकर महीने के सबसे निम्न स्तर पर पहुँच गया है।
2). तुम एक धोखेबाज के साथ व्यापार कर रहे हो देख लेना किसी दिन औंधे मुँह गिरोगे।

कटक बनना का अर्थ | Katak banana meaning in hindi

किसी के रास्ते की बाधा बनना अथवा किसी के काम में खुद एक अड़चन की तरह अड़ जाना कटक बनना कहलाता है। कटक बनना मुहावरे का मतलब होता है बाधक होना। कटक पाँव में पहने जाने वाले कड़े को कहते हैं जो तेजी से चलते समय पांव से टकराता है तथा एक बाधक की तरह काम करता है। इसके अतिरिक्त पहाड़ के मध्य भाग को भी कटक कहा जाता है तथा रास्ते में आने वाला पहाड़ एक बाधक होता है। इस प्रकार जब कोई हमारे रास्ते की बाधा बनता है तो उसे कटक बनना कहा जाता है। कटक बनना मुहावरे का वाक्य में प्रयोग निम्न है।
उदाहरण: 1). पैसे की तंगी मेरे कार्य में कटक बनी हुई है।
2). तुम ज्यादा कटक मत बनों मुझे अपना काम करने दो।

औधी खोपड़ी का होना का अर्थ | Audhi khopdi ka hona meaning in hindi

वह जो बेवकूफी भरे कार्य करने के लिए जाना जाता हो को औधी खोपड़ी का कहा जाता है। औधी खोपड़ी का होना मुहावरे का मतलब होता है मूर्ख होना। औधी खोपड़ी का अर्थात उल्टे दिमाग का व्यक्ति जो उचित ढंग से कार्य न करके विपरीत कार्य करता हो। किसी कार्य को सही करने की बजाए उसे और अधिक उलझा देने वाले मूर्ख व्यक्ति को औधी खोपड़ी का कहा जाता है। औधी खोपड़ी का होना मुहावरे का वाक्य में प्रयोग निम्न है।
उदाहरण: 1). तुम्हारा मित्र औधी खोपड़ी का आदमी है।
2). तुमसे ये काम भी ठीक से नही हुआ औधी खोपड़ी के हो क्या?

ओखली में सिर देना का अर्थ | Okhli mein sir dena meaning in hindi

जब किसी को यह पता होते हुए भी कि कोई कार्य विशेष करने पर वह मुसीबत में पड़ जाएगा लेकिन फिर भी जानबूझकर वह उस कार्य को करता है तथा मुसीबत को गले लगा लेता है तो इसे ओखली में सिर देना कहा जाता है। ओखली में सिर देना मुहावरे का मतलब होता है जानबूझकर मुसीबत में पड़ना। ओखली एक कटोरी के आकार की किन्तु बड़ी पत्थर की बनी होती है जिसमें गेहूँ, बाजरा इत्यादि कूटा जाता है। ओखली में कूटने लायक वस्तु डालकर ऊपर से भारी मूसल बरसाए जाते हैं। इसलिए जब ओखली में सिर देना कहा जाता है तो इसका अर्थ होता है मूसल की चोट सहन करने अर्थात मुसीबत को गले लगाने के लिए तैयार होना। यहाँ मूसल का प्रहार मुसीबत का पर्याय है। इस प्रकार उपरोक्त मुहावरे का अर्थ निकलता है जानबूझकर मुसीबत को गले लगाना। ओखली में सिर देना मुहावरे का वाक्य में प्रयोग निम्न है।
उदाहरण: 1). सरेआम गाली-गलौच करके उसने अपना ही सिर ओखली में दिया है।
2). खतरनाक जगह पर बिना किसी सुरक्षा व जानकारी के जाना ओखली में सिर देने जैसा है।
3). चोरी करके तुमने खुद अपना सिर ओखली में दिया है अब पुलिस की मार तो झेलनी पड़ेगी।

मित्तर प्यारे नूँ का अर्थ | Mittar Pyare Nu meaning in hindi

मित्तर प्यारे नूँ पंजाबी भाषा में लिखित एक शब्द है जिसकी रचना दशम सिख गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा की गई थी। पंजाबी शब्द मित्तर प्यारे नूँ का हिन्दी मे मतलब होता है प्रिय मित्र को। इस प्रसिद्ध शब्द का पूर्ण हिन्दी अर्थ निम्न है:

मित्तर प्यारे नूँ: मेरे प्रिय मित्र को... (यहाँ मित्र शब्द परम परमेश्वर के लिए प्रयोग किया गया है)
हाल मूरीदाँ दा कहणा: उनके अनुगामी का उनके मुरीद का हाल बताना...
तुध बिन रोग रजाईयाँ दा ओढ़न: उनको बताना उनके बगैर रजाई (कम्बल) को ओढ़ना एक रोग के जैसा है...
नाग निवासाँ दे रहणा: उनके बगैर रहना सांपो के साथ रहने जैसा है...
सूल सुराही खँजर प्याला: उनके बगैर सुराही काँटे के समान हैं और प्याला खंजर के समान लगता है...
बिंग कसाईयाँ दा सहणा: उनके बगैर जीने का एहसास कसाईयों से कटते हुए जीव को होने वाली पीड़ा के समान है...
यारड़े दा सानूँ सथर चंगा: मेरा यार मेरे साथ है तो मुझे मृत्यु शय्या भी प्रिय लगती है...
भट्ठ खेड़ेयाँ दा रहणा: यार के बिना रहना भट्ठी में जल रहे तन की पीड़ा के समान है...

दशम गुरु द्वारा इस शब्द की रचना माछीवाड़ा के जंगलों में वनवास करते समय की गई थी।

एम आरएनए वैक्सीन का अर्थ | mRNA Vaccine Meaning in Hindi

चर्चा में क्यों : हाल ही में 16 नवंबर को अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना ने अमेरिका के राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान के साथ मिलकर विकसित किए गई वैक्सीन ...