सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

BAE meaning in Hindi | बीएई का अर्थ

इंटरनेट के आने के बाद बहुत से शब्द हमारे शब्दकोश में जुड़ चुके हैं इनमें से ज्यादातर शब्द संक्षिप्त रूप में होते हैं जिन्हें समझना कभी कभी मुश्किल हो जाता है। ऐसा ही एक शब्द है BAE जिसे हिन्दी में "बे" कहा जाता है। यह शब्द इंटरनेट के सबसे अधिक खोजे जाने वाले शब्दों में से एक है और कारण है इस शब्द की लव लाइफ में महत्वता होना। यदि आपका प्रेमी या प्रेमिका आपके लिए कभी इस शब्द का प्रयोग करे तो सामने से क्वेश्चन मार्क (?) भेजने की बजाए बेहतर रहेगा कि आप इस शब्द का उत्तर पहले से ही जान लें। तो आइए जानते हैं "बे" शब्द का मतलब और लव लाइफ में इसका महत्व।

BAE शब्द का मतलब होता है Before Anyone Else यदि इसका हिन्दी ट्रांसलेशन किया जाने तो इसका मतलब होगा "सबसे पहले"। जो इंसान हमारी ज़िंदगी में सबसे ज्यादा महत्व रखता है अर्थात हमारा सबसे प्रिय होता है व जिसके बारे में हम सबसे पहले सोचते हैं के लिए BAE शब्द का प्रयोग किया जाता है। जो प्रायः अपने जीवनसाथी के संबोधन में कहा जाता है। यहाँ जीवन साथी से अभिप्राय husband-wife के साथ साथ Girlfriend-Boyfriend से भी है। और प्रेम के इसी सबंध से BAE शब्द उपजा है।

BAE शब्द कैसे बना:
संक्षिप्त शब्दों के बनने के क्रम में ही "बे" शब्द इज़ाद हुआ है क्योंकि इंटरनेट पर आपस में सम्पर्क व बातचीत Chat के माध्यम से होती है तथा Chat छोटे छोटे सन्देशों को भेजकर की जाने वाली लिखित वार्तालाप को कहते हैं। अब जब हर बात को लिख कर कहनी पड़ती है तो Chat का आम बातचीत से ज्यादा समय लेना स्वाभाविक है अब इस समय को घटाने के लिए लोगों ने बड़े शब्दों को छोटे रूप देने शुरू कर दिए। उदाहरण के लिए यदि आपको किसी बात पर हँसी आई है तो आप Reply में LOL भेज दीजिए सामने वाला समझ जाएगा की उसकी कही गई बात पर आपको हंसी आई है। क्योंकि LoL की Full Form होती है Laughter Out Load अर्थात ठहाके लगा कर हँसना। इसी तरह से bae शब्द का भी चलन हुआ जो कि Before Anyone Else का संक्षिप्त रूप है। जब आप किस को Bae कहते हैं तो वो समझ जाता है कि वही आपकी ज़िंदगी में सबसे ज्यादा Importance रखता है।

BAE शब्द किसके लिए प्रयोग किया जा सकता है:
Bae शब्द के प्रयोग की सीमा हस्बैंड-वाइफ तथा बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रैंड तक ही है। इस शब्द को दोनों एके दूसरे के लिए समान भाव से प्रयोग कर सकते हैं Gender का इस शब्द पर कोई प्रभाव नही पड़ता।

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

आमी तोमाके भालोबाशी का अर्थ - Ami Tomake Bhalobashi Meaning in Hindi

* आमी तोमाके भालोबाशी बंगाली भाषा का शब्द है। * इसका हिंदी में अर्थ होता है "मैं तुमसे प्यार करता/ करती हूँ। * इस शब्द का प्रयोग हिंदी फिल्मों और गानों में बंगाली टच देने के लिए किया जाता है। * आमी तोमाके भालोबाशी में "तोमाके" का अर्थ होता है "तुमको" इसे "तोमे" के साथ भी बोला जा सकता है अर्थात "आमी तोमे भालोबाशी" का अर्थ भी "मैं तुमसे प्यार करता हूँ" ही होता है। * अपने से उम्र में बड़े व्यक्ति जैसे माता-पिता को बंगाली में यह शब्द कहते हुए "तोमाके" शब्द को "अपनके" बोला जाता है जैसे : आमी अपनके भालोबासी" * अंग्रेजी में इसका अर्थ आई लव यू होता है। * अगर बोलना हो कि "मैं तुमसे (बहुत) प्यार करता हूँ" तो कहा जाएगा "आमी तोमाके खूब भालोबाशी" * वहीं अगर बोलना हो " तुम जानती हो मैं तुमसे प्यार करता हूँ" तो कहा जाएगा "तुमी जानो; आमी तोमाके भालोबाशी"

जिहाल-ए-मिस्कीं मकुन बरंजिश का अर्थ | Zihale-E-Miskin Mukun Ba Ranjish Meaning in Hindi

"जिहाल-ए -मिस्कीन मकुन बरंजिश" पंक्ति हिंदी फिल्म गुलामी में गए गए गीत के चलते प्रचलित हुई है। यह गीत प्रसिद्ध कवि अमीर ख़ुसरो द्वारा रचित फ़ारसी व बृजभाषा के मिलन से बनी कविता से प्रेरित है। यह कविता मूल रूप में इस प्रकार है। ज़िहाल-ए मिस्कीं मकुन तगाफ़ुल, दुराये नैना बनाये बतियां... कि ताब-ए-हिजरां नदारम ऐ जान, न लेहो काहे लगाये छतियां... इस मूल कविता का अर्थ है : आँखे फेरके और बातें बनाके मेरी बेबसी को नजरअंदाज (तगाफ़ुल) मत कर... हिज्र (जुदाई) की ताब (तपन) से जान नदारम (निकल रही) है तुम मुझे अपने सीने से क्यों नही लगाते... इस कविता को गाने की शक्ल में कुछ यूँ लिखा गया है : जिहाल-ए -मिस्कीं मकुन बरंजिश , बेहाल-ए -हिजरा बेचारा दिल है... सुनाई देती है जिसकी धड़कन , तुम्हारा दिल या हमारा दिल है... इस गाने की पहली दो पंक्तियों का अर्थ है : मेरे दिल का थोड़ा ध्यान करो इससे रंजिश (नाराजगी) न रखो इस बेचारे ने अभी बिछड़ने का दुख सहा है...

करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान दोहे का अर्थ Karat Karat Abhyas Ke Jadmati Hot Sujan Doha Meaning in Hindi

करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान मध्यकालीन युग में कवि वृंद द्वारा रचित एक दोहा है यह पूर्ण दोहा इस प्रकार है "करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान; रसरी आवत जात ते सिल पर परत निसान" इस दोहे का अर्थ है कि निरंतर अभ्यास करने से कोई भी अकुशल व्यक्ति कुशल बन सकता है यानी कि कोई भी व्यक्ति अपने अंदर किसी भी प्रकार की कुशलता का निर्माण कर सकता है यदि वह लगातार परिश्रम करे। इसके लिए कवि ने कुए की उस रस्सी का उदाहरण दिया है जिस पर बाल्टी को बांध कर कुए से पानी निकाला जाता है। बार-बार पानी भरने के कारण वह रस्सी कुए के किनारे पर बने पत्थर पर घिसती है तथा बार-बार घिसने के कारण वह कोमल रस्सी उस पत्थर पर निशान डाल देती है क्योंकि पानी भरने की प्रक्रिया बार बार दोहराई जाती है इसलिए वह रस्सी पत्थर निशान डालने में सफल हो जाती है। यही इस दोहे का मूल है इसमें यही कहा गया है कि बार-बार किसी कार्य को करने से या कोई अभ्यास लगातार करने से अयोग्य से अयोग्य व मूर्ख से मूर्ख व्यक्ति भी कुशल हो जाता है। इसलिए व्यक्ति को कभी भी अभ्यास करना नहीं छोड़ना चाहिए। इस दोहे के लिए अंग्रेजी में एक वाक्य प्रय