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कंदमूल का अर्थ | Kandmul meaning in Hindi

कंदमूल जंगलों में पाए जाने वाले उन खाने योग्य खाद्य पदार्थों को कहा जाता है जो जड़ के रूप में होते हैं इन्हे उबालकर भी खाया जा सकता है तथा भूनकर भी। प्राचीन समय में आदिमानव कंद मूल खा कर ही गुजारा किया करते थे और क्योंकि जंगलों में इनकी बहुलता होती है तथा ये बहुत ही आसानी से मिल जाते हैं इसलिए ये आदिवासियों के भोजन का मुख्य हिस्सा होते हैं। आज भी जंगलों में निवास करने वाली कई प्रजातियां कंदमूल पर ही निर्भर है या कंदमूल को बहुत अधिक मात्रा में खाती हैं अपने आरंभिक काल में जब मनुष्य जंगल में रहा करता था उस समय उसका मुख्य भोजन कंद मूल ही हुआ करता था। प्राचीन काल के कंदमूलों का नाम आज दुर्लभ प्रजातियों में शामिल है। कंदमूल का हिंदी में मतलब होता है ऐसा पौधा जिसकी जड़ भूनकर या उबाल कर खाई जा सकती हो। कंदमूल को अंग्रेजी में रूट वेजिटेबल्स कहा जाता है।

कंदमूल शब्द का उदाहरण के रूप में वाक्य में प्रयोग इस प्रकार है:

1. प्राचीन समय में कंदमूल की अनेक प्रजातियां पाई जाती थी जो आज दुर्लभ हैं। इनमें से कई प्रजातियां अब नष्ट हो चुकी हैं क्योंकि समय के साथ-साथ आधुनिकता के चलते जंगल कम हो रहे हैं जिस कारण कंदमूल की बची हुई प्रजातियां भी बड़ी तेजी से विलुप्त होती रही है।

2. भगवान राम द्वारा अपने वनवास के समय खाई गई कंदमूल की एक प्रजाति को राम फल के नाम से जाना जाता है बहुत बड़े आकार की यह बाहर से नारंगी तथा अंदर से भूरे रंग की दिखने वाली कंदमूल की प्रजाति महाकुंभ मेले का केंद्र रहती है।

3. कंदमूल की आधुनिक प्रजातियों में शकरकंद, आलू, गाजर, शलगम, मूली इत्यादि का नाम लिया जा सकता है हालांकि आदिवासी प्रजातियों में यह आधुनिक कंदमूल किस्में प्रचलित नहीं है यह प्रजातियां कंदमूल की प्राचीन किस्मों को ही प्राथमिकता देती हैं।

4. यद्यपि आधुनिक समय में प्राचीन किस्म के कंदमूल का प्रयोग ना के बराबर है परन्तु ऐसा नहीं है कि प्राचीन कंदमूल लाभदायक नहीं होते थे बल्कि उनमें प्रोटीन विटामिन जैसे लाभदायक तत्व की प्रचुर मात्रा हुआ करती थी।

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