ब्रदरहुड लिरिक्स का अर्थ | Brotherhood Lyrics Meaning in Hindi

बर्दरहुड पंजाबी गायक मनकिरत औलख द्वारा पंजाबी लहजे में यारी दोस्ती पर गया गया एक गाना है। इस गाने का पंजाबी लिरिक्स व हिंदी अर्थ निम्न है।

Mankirt Aulakh's Brotherhood Song Lyrics Meaning & Translation in Hindi :

वड्डा शेर दा शिकारी...
कदे चीते नईयो ढक्कदा ओये...

बड़े शेर का शिकारी...
कभी चीते को नही रोकता...

यारां बिन कख दा...
यारां नाल लख दा ओये...

यारों के बिना कौड़ी का...
यारों के साथ लाखों का...

हो बंदा बूंदा कूटणा...
जे बम्ब किते सूटणा...
खजाना कोई लूटणा तां यार ने...

आदमी कोई पीटना हो...
बम कहीं फेंकना हो...
खज़ाना कोई लूटना हो... तो यार हैं...

जिद नूं पगौणा होवे...
जित्ते नूं हरौणा होवे...
साले नूं डरौणा होवे यार ने...

जिद्द पूरी करनी हो...
जीते हुए को हराना हो...
सालों को डराना हो... तो यार हैं...

हो फेर MP दा पुत्त वी...
मुरे अख नईयो चकदा ओये...

फिर MP का बेटा भी...
सामने आँख नही उठाता...

हो दुःख नूं वंडोण वाले...
हिक्क नाल लौण वाले...
हक्क जा जतोंण वाले यार ने...

दुख बांटने वाले...
सीने से लगाने वाले...
हक जताने वाले... यार हैं...

हो दिलां विच रहण...
जेहड़े महफिलां च बेहण...
तैनूं भाबी भाबी कहण वाले यार ने...

जो दिलों में बसें...
जो महफिलों में साथ बैठें...
तुझे भाभी-भाभी बोले... यार हैं...

यार बापू तों चोरी...
मंजा मोटर ते रखदा ओये...

पिता से चोरी...
मंजा (चारपाई) मोटर (ट्यूबवेल का स्थान) पर रखता हूँ...

ओ बकरी पुलेखे विच शेर बन जांदी आ...
ते चीते ओहदा करदे शिकार ने...
वेल्लियाँ ते रेल्लियाँ दे विच...
नाम बोले, नाम बोले वी क्योंना मेरे यार ने...

बकरी गलतफहमी में शेर बन जाती है...
और चीते उसका शिकार करते हैं...
खतरनाक दुश्मनों और रैलियों के बीच...
मेरा नाम गूँजता है, गूँजे भी क्यों ना... मेरे यार हैं...

हो वड्डा छोटा चंगा माडा...
कदे नईयो ठोकया...
ठोकया जेड़ा करे चौड़ नी...

बड़ा, छोटा, अच्छा, बुरा...
कभी नहीं पीटा...
पीटा वो जो ज्यादा होशियार बना...

मेरेया यारां दे बारे...
माडा जेहड़ा बोलू...
लगु पिटबुल्ल मुरे ओहदी दौड़ नी...

मेरे दोस्तों के बारे में...
गलत जो बोले...
पिटबुल (कुत्ते) के आगे उनकी दौड़ लगेगी...

लोकसभा तों लेके पिंड दी ग्राउंड तक...
सिंग्गे ते तां फैले होए यार ने...
यारां दी यारी लई सिंग्गा अंदर गया सी...
हुण सुनेया फ्लों होणी बार ने...
सुनेया फ्लो होणी बार ने...

लोकसभा से लेके गाँव के ग्राउंड तक...
सिंग्गे (नाम) के दोस्त फैले हुए हैं...
दोस्तों की दोस्ती के लिए सिंग्गा (नाम) जेल गया था...
अब सुना है फ्लो (DJ Flow) सब बाहर है...

ना ख़ुशी रेही ना चाह रेहा...
ना मंजिल रेही ना राह रेहा...
एह दुनिया पावें लाख वस् ते...
टूटया दिल कितों ना जुड़ेया...
मेरे यार एहनी दूर गए...
जिथों वापस कोई ना मुड़ेया...
जिथों वापस कोई ना मुड़ेया...

ना खुशी रही ना चाह रही...
ना मंजिल रही ना राह रही...
ये दुनिया चाहे लाख बसती है...
लेकिन टूटा दिन कहीं ना जुड़ा...
मेरे दोस्त इतनी दूर गए...
जहाँ से वापिस कोई ना आया...
जहाँ से वापिस कोई ना आया...

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