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दोस पराए देखि करि दोहे का अर्थ Dosh Paraye Dekh Kar Doha Meaning in Hindi

Dosh Paraye Dekh Kar Dohe Ka Matlab:
(English Meaning: Seeing Other's Mistake सीइंग अदर्ज मिस्टेक)

दोस पराए देखि करि: दूसरों के दोष देख देख कर
चला हसन्त हसन्त: हंस रहा है उनका मजाक बना रहा है
अपने याद न आवई: खुद के दोषों को भूल गया
जिनका आदि न अंत: जिनकी कोई गिनती ही नही है

इस दोहे में कबीर जी कहते हैं कि ए मनुष्य... तू दूसरों के दोष देख-देख कर हंसता है जब किसी से कोई गलती हो जाती है तो तू उस पर हंसता हुआ चलता है उसका मजाक बनाता है। लेकिन कभी दूसरों का मजाक बनाते हुए तुम्हारे मन में यह बात ध्यान नहीं आई कि तुमने जो दोष किए हैं उनकी भी तो कोई सीमा नही है। तू खुद के दोषों को भूल गया है क्या? कबीर जी की इस सीख को ध्यान में रखते हुए हमें दूसरों के दोष पर हंसने से पहले अपने मन के अंदर झांक लेना चाहिए और हमने जो अनगिनत गलतियां की हैं उनके बारे में सोचना चाहिए। इसलिए किसी के दोषों पर हंसने से अच्छा है कि हम उसे माफ कर खुद के दोषों को सही करने का प्रयास करें। ऐसा इंसान ही सही मायनों में अच्छा इंसान कहलाता है।

व्याख्या: मनुष्य की यह प्रवृति होती है कि वह कभी भी अपनी गलतियों को नहीं देखता। अपनी गलती को तो वह नजर अंदाज कर देता है और दूसरों की गलतियों को उछालता है और उनका मजाक बनाने का प्रयास करता है। कबीर जी के इस दोहे में हमें यह सीख मिलती है कि दूसरों के दोषों की तरफ ध्यान देने से अच्छा है कि हम अपने खुद के दोष की तरफ ध्यान दें और देखें कि जो गलतियां हमने की हैं क्या वे सही की जा सकती हैं क्योंकि हमारे अपने ही दोष अनगिनत होते हैं तो हमारे पास दूसरों के दोषों के बारे में सोचने का समय होना ही नहीं चाहिए हमें अपनी गलतियों को सही करने में व्यस्त रहना चाहिए।

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