सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

लीडरशिप फनल का अर्थ | Leadership Funnel Meaning in Hindi

लीडरशिप फनल एक अंग्रेजी का शब्द है जो दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है पहला शब्द है लीडरशिप तथा दूसरा है फनल। इसमें लीडरशिप शब्द का अर्थ होता है नेतृत्व अर्थात एक व्यक्ति द्वारा बहुत से लोगों को साथ लेकर चलना किसी एक उद्देश्य की प्राप्ति के लिए। इसमें जो व्यक्ति सबसे आगे होता है और रास्ता बनाता है उसको लीडर या नेता कहा जाता है तथा नेता द्वारा सभी लोगों को साथ लेकर चलने की तकनीक को उस नेता का नेतृत्व कहा जाता है। दूसरा शब्द है फनल जिसका अर्थ होता है एक छोटा सा होल या कीप। जो बहुत सारी भीड़ में से बहुत ही छंटे हुए लोगों को आगे जाने दे। ठीक वैसे ही जैसे हम किसी बोतल को भरने के लिए कीप का इस्तेमाल करते हैं और वह बहुत सारे तेल में से बहुत कम तेल को धीरे-धीरे एक छोटे से होल द्वारा गुजरने देती है ताकि वह नीचे ना फैले। कभी-कभी कीप में एक छलनी भी बना दी जाती है जो तेल की अशुद्धि को होल में से गुजरने नही देती। आइए अब देखते हैं आखिर इन दोनों शब्दों को मिलाकर बनाए गए "लीडरशिप फनल" शब्द का सयुंक्त अर्थ क्या निकलता है।

लीडरशिप फनल का मतलब है एक ऐसा स्थान जहां से बहुत से लोगों में से किन्हीं चुनिंदा व्यक्तियों को चुना जाएगा जो नेतृत्व करेंगे। क्योंकि नेतृत्व करने वाले व्यक्तियों की सँख्या सदैव फॉलो करने वाले व्यक्तियों से कम होती है। इसलिए इसे लीडरशिप फनल नाम दिया जाता है जिसमें बहुत सारे व्यक्तियों में से बहुत कम लोगों को चुना जाता है जो आगे जाकर नेतृत्व करते हैं। लीडरशिप फनल में नेतृत्व करने के गुर सिखाए जाते हैं तथा जो व्यक्ति इस प्रकार के फनल में हिस्सा लेता है वह नेतृत्व के गुर सीखता है तथा बाहर आकर किसी एक उद्देश्य की प्राप्ति के लिए लोगों का नेतृत्व करता है। इस प्रकार के लीडरशिप फनल में मुख्यत: वे लोग जाते हैं जो अपना स्वयं का व्यापार बड़े स्तर पर फैलाना चाहते हैं।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

आमी तोमाके भालोबाशी का अर्थ - Ami Tomake Bhalobashi Meaning in Hindi

* आमी तोमाके भालोबाशी बंगाली भाषा का शब्द है। * इसका हिंदी में अर्थ होता है "मैं तुमसे प्यार करता/ करती हूँ। * इस शब्द का प्रयोग हिंदी फिल्मों और गानों में बंगाली टच देने के लिए किया जाता है। * आमी तोमाके भालोबाशी में "तोमाके" का अर्थ होता है "तुमको" इसे "तोमे" के साथ भी बोला जा सकता है अर्थात "आमी तोमे भालोबाशी" का अर्थ भी "मैं तुमसे प्यार करता हूँ" ही होता है। * अपने से उम्र में बड़े व्यक्ति जैसे माता-पिता को बंगाली में यह शब्द कहते हुए "तोमाके" शब्द को "अपनके" बोला जाता है जैसे : आमी अपनके भालोबासी" * अंग्रेजी में इसका अर्थ आई लव यू होता है। * अगर बोलना हो कि "मैं तुमसे (बहुत) प्यार करता हूँ" तो कहा जाएगा "आमी तोमाके खूब भालोबाशी" * वहीं अगर बोलना हो " तुम जानती हो मैं तुमसे प्यार करता हूँ" तो कहा जाएगा "तुमी जानो; आमी तोमाके भालोबाशी"

करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान दोहे का अर्थ Karat Karat Abhyas Ke Jadmati Hot Sujan Doha Meaning in Hindi

करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान मध्यकालीन युग में कवि वृंद द्वारा रचित एक दोहा है यह पूर्ण दोहा इस प्रकार है "करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान; रसरी आवत जात ते सिल पर परत निसान" इस दोहे का अर्थ है कि निरंतर अभ्यास करने से कोई भी अकुशल व्यक्ति कुशल बन सकता है यानी कि कोई भी व्यक्ति अपने अंदर किसी भी प्रकार की कुशलता का निर्माण कर सकता है यदि वह लगातार परिश्रम करे। इसके लिए कवि ने कुए की उस रस्सी का उदाहरण दिया है जिस पर बाल्टी को बांध कर कुए से पानी निकाला जाता है। बार-बार पानी भरने के कारण वह रस्सी कुए के किनारे पर बने पत्थर पर घिसती है तथा बार-बार घिसने के कारण वह कोमल रस्सी उस पत्थर पर निशान डाल देती है क्योंकि पानी भरने की प्रक्रिया बार बार दोहराई जाती है इसलिए वह रस्सी पत्थर निशान डालने में सफल हो जाती है। यही इस दोहे का मूल है इसमें यही कहा गया है कि बार-बार किसी कार्य को करने से या कोई अभ्यास लगातार करने से अयोग्य से अयोग्य व मूर्ख से मूर्ख व्यक्ति भी कुशल हो जाता है। इसलिए व्यक्ति को कभी भी अभ्यास करना नहीं छोड़ना चाहिए। इस दोहे के लिए अंग्रेजी में एक वाक्य प्रय

जिहाल-ए-मिस्कीं मकुन बरंजिश का अर्थ | Zihale-E-Miskin Mukun Ba Ranjish Meaning in Hindi

"जिहाल-ए -मिस्कीन मकुन बरंजिश" पंक्ति हिंदी फिल्म गुलामी में गए गए गीत के चलते प्रचलित हुई है। यह गीत प्रसिद्ध कवि अमीर ख़ुसरो द्वारा रचित फ़ारसी व बृजभाषा के मिलन से बनी कविता से प्रेरित है। यह कविता मूल रूप में इस प्रकार है। ज़िहाल-ए मिस्कीं मकुन तगाफ़ुल, दुराये नैना बनाये बतियां... कि ताब-ए-हिजरां नदारम ऐ जान, न लेहो काहे लगाये छतियां... इस मूल कविता का अर्थ है : आँखे फेरके और बातें बनाके मेरी बेबसी को नजरअंदाज (तगाफ़ुल) मत कर... हिज्र (जुदाई) की ताब (तपन) से जान नदारम (निकल रही) है तुम मुझे अपने सीने से क्यों नही लगाते... इस कविता को गाने की शक्ल में कुछ यूँ लिखा गया है : जिहाल-ए -मिस्कीं मकुन बरंजिश , बेहाल-ए -हिजरा बेचारा दिल है... सुनाई देती है जिसकी धड़कन , तुम्हारा दिल या हमारा दिल है... इस गाने की पहली दो पंक्तियों का अर्थ है : मेरे दिल का थोड़ा ध्यान करो इससे रंजिश (नाराजगी) न रखो इस बेचारे ने अभी बिछड़ने का दुख सहा है...