सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

मसीहा का अर्थ Masiha Meaning in Hindi

Masiha Ka Matlab Aur Paribhasha:
(English Meaning: Prince of Piece प्रिंस ऑफ पीस/ Christ क्राइस्ट)

मसीहा शब्द को दो अर्थों में समझने की जरुरत है पहले अर्थ के अनुसार इसका शाब्दिक अर्थ होता है वह जो उद्धार करें, जिसमें मृत व्यक्तियों को जीवित करने की और रोगियों को रोग मुक्त करने में शक्ति हो को मसीहा कहा जाता है। मसीहा शब्द उसके लिए प्रयोग किया जाता है जो अपने लोगों का सारा कष्ट दूर करने की शक्ति रखता हो। यह शब्द ईसाई धर्म के प्रवर्तक ईसा मसीह का पर्यायवाची है। ईसा "मसीह" के नाम से ही मसीहा शब्द निकला है और धीरे-धीरे यह हिंदी भाषी क्षेत्रों में भी फैल गया है। आज इस शब्द का प्रयोग हिंदी भाषी क्षेत्रों में बहुतयात तौर पर होता है। ध्यान देने योग्य है कि वर्तमान राजनीति में इस शब्द का प्रयोग कटाक्ष करने के लिए भी किया जाता है।

मसीहा नाम का हिंदी भाषी क्षेत्रों में प्रचलित होने का कारण है इस पर बनी बहुत सी हिन्दी फिल्में। मसीहा नाम से कई फिल्में बनी है और बहुत सी फिल्मों में नायक के लिए मसीहा शब्द का प्रयोग किया जाता है। जैसे यदि कहा जाए कि "वह गरीबों का मसीहा है" तो इसका अर्थ होगा कि वह गरीबों के दुख-दर्द दूर करने वाला है। इसके अतिरिक्त मसीहा शब्द का एक अन्य अर्थ होता है "भगवान द्वारा भेजा गया दूत" अर्थात वह जो मानवता के दुखों को दूर करने के लिए भगवान द्वारा धरती पर भेजा गया हो को मसीहा कहा जाता है। माना जाता है कि ईसा मसीह ईश्वर के दूत थे और उन्हें ईश्वर ने मनुष्यों के दुख-दर्द दूर करने के लिए धरती पर भेजा था इसलिए उनके नाम में लगे "मसीह" शब्द से मसीहा शब्द बना है।

मसीहा शब्द के हिंदी पर्यायवाची होते हैं ईसा मसीह, भगवान द्वारा भेजा गया दूत, वह जो मृतकों को जीवित करने की शक्ति रखता हो, वह जो रोगियों को स्वस्थ करने की शक्ति रखता हो, वह जो हर दुख समाप्त करने में सक्षम हो इत्यादि। मसीहा शब्द के English में अर्थ होते हैं Christ, Messiah, The son of man, prince of peace इत्यादि।

आइए मसीहा शब्द से जुड़े कुछ वाक्य व उदाहरण देखते हैं:

* तुम तो गरीबों के लिए मसीहा बनकर आए हो।

* अब तो तुम्हारी सहायता कोई मसीहा ही कर सकता है।

* राजनीति में आज भी कुछ ईमानदार नेता है जो देश की जनता के लिए मसीहा हैं।

* अपनी नौकरी छोड़कर तुम यहां पर गरीब बच्चों को मुफ्त में पढ़ा रहे हो तुम इन बच्चों के लिए किसी मसीहा से कम नही।

* वो ईश्वर तो मसीहों का मसीहा है तुम भला उसे क्या दे सकते हो।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

आमी तोमाके भालोबाशी का अर्थ - Ami Tomake Bhalobashi Meaning in Hindi

* आमी तोमाके भालोबाशी बंगाली भाषा का शब्द है। * इसका हिंदी में अर्थ होता है "मैं तुमसे प्यार करता/ करती हूँ। * इस शब्द का प्रयोग हिंदी फिल्मों और गानों में बंगाली टच देने के लिए किया जाता है। * आमी तोमाके भालोबाशी में "तोमाके" का अर्थ होता है "तुमको" इसे "तोमे" के साथ भी बोला जा सकता है अर्थात "आमी तोमे भालोबाशी" का अर्थ भी "मैं तुमसे प्यार करता हूँ" ही होता है। * अपने से उम्र में बड़े व्यक्ति जैसे माता-पिता को बंगाली में यह शब्द कहते हुए "तोमाके" शब्द को "अपनके" बोला जाता है जैसे : आमी अपनके भालोबासी" * अंग्रेजी में इसका अर्थ आई लव यू होता है। * अगर बोलना हो कि "मैं तुमसे (बहुत) प्यार करता हूँ" तो कहा जाएगा "आमी तोमाके खूब भालोबाशी" * वहीं अगर बोलना हो " तुम जानती हो मैं तुमसे प्यार करता हूँ" तो कहा जाएगा "तुमी जानो; आमी तोमाके भालोबाशी"

जिहाल-ए-मिस्कीं मकुन बरंजिश का अर्थ | Zihale-E-Miskin Mukun Ba Ranjish Meaning in Hindi

"जिहाल-ए -मिस्कीन मकुन बरंजिश" पंक्ति हिंदी फिल्म गुलामी में गए गए गीत के चलते प्रचलित हुई है। यह गीत प्रसिद्ध कवि अमीर ख़ुसरो द्वारा रचित फ़ारसी व बृजभाषा के मिलन से बनी कविता से प्रेरित है। यह कविता मूल रूप में इस प्रकार है। ज़िहाल-ए मिस्कीं मकुन तगाफ़ुल, दुराये नैना बनाये बतियां... कि ताब-ए-हिजरां नदारम ऐ जान, न लेहो काहे लगाये छतियां... इस मूल कविता का अर्थ है : आँखे फेरके और बातें बनाके मेरी बेबसी को नजरअंदाज (तगाफ़ुल) मत कर... हिज्र (जुदाई) की ताब (तपन) से जान नदारम (निकल रही) है तुम मुझे अपने सीने से क्यों नही लगाते... इस कविता को गाने की शक्ल में कुछ यूँ लिखा गया है : जिहाल-ए -मिस्कीं मकुन बरंजिश , बेहाल-ए -हिजरा बेचारा दिल है... सुनाई देती है जिसकी धड़कन , तुम्हारा दिल या हमारा दिल है... इस गाने की पहली दो पंक्तियों का अर्थ है : मेरे दिल का थोड़ा ध्यान करो इससे रंजिश (नाराजगी) न रखो इस बेचारे ने अभी बिछड़ने का दुख सहा है...

करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान दोहे का अर्थ Karat Karat Abhyas Ke Jadmati Hot Sujan Doha Meaning in Hindi

करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान मध्यकालीन युग में कवि वृंद द्वारा रचित एक दोहा है यह पूर्ण दोहा इस प्रकार है "करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान; रसरी आवत जात ते सिल पर परत निसान" इस दोहे का अर्थ है कि निरंतर अभ्यास करने से कोई भी अकुशल व्यक्ति कुशल बन सकता है यानी कि कोई भी व्यक्ति अपने अंदर किसी भी प्रकार की कुशलता का निर्माण कर सकता है यदि वह लगातार परिश्रम करे। इसके लिए कवि ने कुए की उस रस्सी का उदाहरण दिया है जिस पर बाल्टी को बांध कर कुए से पानी निकाला जाता है। बार-बार पानी भरने के कारण वह रस्सी कुए के किनारे पर बने पत्थर पर घिसती है तथा बार-बार घिसने के कारण वह कोमल रस्सी उस पत्थर पर निशान डाल देती है क्योंकि पानी भरने की प्रक्रिया बार बार दोहराई जाती है इसलिए वह रस्सी पत्थर निशान डालने में सफल हो जाती है। यही इस दोहे का मूल है इसमें यही कहा गया है कि बार-बार किसी कार्य को करने से या कोई अभ्यास लगातार करने से अयोग्य से अयोग्य व मूर्ख से मूर्ख व्यक्ति भी कुशल हो जाता है। इसलिए व्यक्ति को कभी भी अभ्यास करना नहीं छोड़ना चाहिए। इस दोहे के लिए अंग्रेजी में एक वाक्य प्रय