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साईं लिरिक्स का अर्थ | Sai Lyrics Meaning in Hindi

साईं सूफी गायक सतिंदर सरताज द्वारा गाया गया एक रूहानी गाना है। इस गाने का पंजाबी लिरिक्स व हिंदी अर्थ निम्न है।

Satinder Sartaj Sai Song Lyrics Meaning & Translation in Hindi :

जदों इश्क़ दे कम्म नूं हथ लाइए...
पहलां रब्ब दा नाम ध्याइये जी...
तदों शायरी शायर दे वल्ल होवे...
जदों इसज़्म हज़ूर तों पाइए जी...
पल्ले दौलतां होण तां वंड दईए...
ओह... बंदी छोड़याँ ना शडवाईए जी...
वारिस शाह रल्ल नाल प्यारेयाँ दे...
नवी इश्क दी वाट चलाइए जी...

जब प्यार के काम को हाथ लगाएं...
सबसे पहले ईश्वर के नाम का ध्यान कीजिए...
शायरी तभी शायर के करीब होगी...
जब इसका हुनर ईश्वर जे मिला हो...
पास दौलत हो तो बांट दीजिए...
लेकिन खुदा की बंदिगी कोई छुड़ाए तो भी ना छोड़िए...
वारिस शाह प्यारों के साथ मिलकर...
नई प्यार की रस्म चलाइए...

कोई अली आखे...
कोई वली आखे...
कोई कहे दाता सच्चे मालकां नूं...
मैनूं समझ ना आवे की नाम देवां...
इस गोल चक्की देयाँ चालकां नूं...
रूह दा असल मालक ओही मनिए जी...
जिहदा नाम लइए तां सरूर होवे...
अखां खुलियाँ नूं महबूब दिसे हाय...
अखां बंद होवण तां हज़ूर होवे...

कोई अली कहे...
कोई वली कहे...
कोई उस सच्चे मालिक को दाता कहता है...
मुझे समझ नही आती की मैं क्या नाम दूँ...
इस गोल चक्की (पृथ्वी) को चलाने वाले को...
रूह का असली मालिक उसी को मानना चाहिए...
जिसका नाम लेने पर सरूर चढ़े...
आँखे खुली हो तो महबूब दिखे...
आँखे बंद हो तो खुदा दिखे...

कोई सौण वेले...
कोई नहाऊण वेले...
कोई गौण वेले...
तैनूं याद करदा...
इक्क नज़र तूं मेहर दी मार साईं...
सरताज वी खड़ा फरियाद करदा...

कोई सोने के समय...
कोई नहाने के समय...
कोई गाने के समय...
तुझे याद करे...
एक मेहर की नजर डाल साईं...
सरताज खड़ा तेरी फरियाद कर रहा है...

साईं... वे साडी फ़रयाद तेरे ताईं...
साईं... वे बाहों फड़ बेरा बन्ने लाईं...
साईं... वे मेरेयाँ गुनाहां नूं लुकाईं...
साईं... वे हजरा हजूर वे तू आईं...

साईं... तुझसे मेरी फरियाद है...
साईं... मेरी बांह पकड़ कर मेरा बेड़ा पार करवा...
साईं... मेरे गुनाहों को छिपा...
साईं... हजर हजूर में तू आना...

साईं... वे फेरा मस्कीना वल्ल पाईं...
साईं... वे बोल खाक सारां दे पुगाईं...
साईं... वे हक्क विच फैसले सुनाईं...
साईं... वे होली होली खामियाँ घटाईं...
साईं... वे मैनूं मेरे अंदरों मुक़ाईं...
साईं... वे डिगिए तां फड़ के उठाईं...
साईं... वे वेखी ना भरोसा आजमाईं...
साईं... वे औखे सौखे राहां चों कड़ाईं...

साईं... मस्कीना कि तरफ आना...
साईं... सबके बोल पुगाना...
साईं... हक में फैसले सुनाना...
साईं... धीरे धीरे कमियां घटाना...
साईं... मुझे मेरे मन से "मैं" (अहंकार) को मिटाना...
साईं... अगर गिरें तो पकड़ कर उठाना...
साईं... देखना हमारा भरोसा मत आजमाना...
साईं... मुश्किल राहों से निकलना...

साईं... वे कला नूं होर चमकाईं...
साईं... वे सुरां नूं बिठादे थाओं थाईं...
साईं... वे ताल विच तुरना सीखाईं...
साईं... वे साज रूस गए तां मनाईं...
साईं... वे इहना नाल आवाज़ वी रलाईं...
साईं... वे अखरां दा मेल तूं कराईं...
साईं... वे कन्नी किसे गीत दी फड़ाईं...
साईं... वे शब्दां दा साथ वी दवाईं...
साईं... वे नगमे नूं फड़ के जगाईं...
साईं... वे शायरी च असर वी दिखाईं...

साईं... कला को ओर चमकाना...
साईं... सुरों को उनके स्थान पर बिठाना...
साईं... ताल में चलना सिखाना...
साईं... साज रूठ जाएं तो मनाना...
साईं... इनके साथ आवाज भी मिलाना...
साईं... अक्षरों का मिलान भी करवाना...
साईं... किसी गीत का कोना पकड़ाना...
साईं... शब्दों का साथ भी दिलवाना...
साईं... नग्में को पकड़ कर जगाना...
साईं... शायरी में असर भी दिखाना...

साईं, वे जज्बे दे वेल नूं बदांईं...
साई, वे घुट घुट सब नूं पिलाईं...
साईं, वे इश्के दा नशा वी चढ़ाईं...
साईं, वे सैर तूं ख्याला नूं कराईं...
साईं, वे तारेयां दे देश लैके जाईं...
साईं, वे सूफियां दे वांगरा नचाईं...
साईं, वे असी साज बैठे चाईं चाईं...
साईं, वे थोड़ी बहोती अदा वी सीखाईं...
साईं, वे मेरे नाल नाल तूं वी गाईं...
साईं, वे लाज सरताज दी बचाईं...

साईं... जज्बे की बेल को बढ़ाना...
साईं... घुट घुट सब को पिलाना...
साईं... इश्क का नशा भी चढ़ाना...
साईं... सैर ख्यालों को करवाना...
साईं... तारों के देश लेके जाना...
साईं... सूफियों की तरह नचाना...
साईं... साज उत्सुकता के साथ बैठे हैं...
साईं... थोड़ी बहुत अदा भी सिखाना...
साईं... मेरे साथ साथ तू भी गाना...
साईं... लाज सरताज की बचाना...

साईं, वे भुलेयां नूं उंगली फड़ाईं...
साईं, वे अग्गे होके राहां रोशनाईं...
साईं, वे हनेरियाँ च पल्ले ना छड़ाईं...
साईं, वे ज़िंदगी दे बोझ नूं चुकाईं...
साईं, वे फिकरां नूं हवा च उड़ाईं...
साईं, वे सारे लग्गे दाग वी धुंआईं...
साईं, वे सिले सिले नैनां नूं सुकाईं...
साईं, वे दिलां दे गुलाब महकाईं...
साईं, वे बस पट्टी प्यार दी पढाईं...
साईं, वे पाक साफ रूहां नूं मिलाईं...
साईं, वे बच्चेयाँ दे वांगु समझाईं...
साईं, वे माड़े कम्मों घूर के हटाईं...
साईं, वे खोटेयाँ नूं खरे च मिलाईं...
साईं, वे लोहे नाल पारस घसाईं...
साईं, वे मेहनतां दे मूल वी पवाईं...

साईं... भूले हुओं को उँगली पकड़ाना...
साईं... आगे होकर राहे रोशन करना...
साईं... अंधेरों में पल्ले (दामन) न छुड़ाना...
साईं... जिंदगी का बोझ उठवाना...
साईं... फिक्र को हवा में उड़ाना...
साईं... लगे हुए दाग भी धुलवाना...
साईं... भीगे हुए नैनों को सुखाना...
साईं... दिलों के गुलाब महकाना...
साईं... पढ़ाई प्यार की पढ़ाना...
साईं... पाक साफ (पवित्र) रूहों को मिलाना...
साईं... बच्चों की तरह समझाना...
साईं... बुरे कामों से घूर के हटाना...
साईं... खोटे को खरे में मिलाना...
साईं... लोहे को पारस से घिसाना...
साईं... मेहनत का मोल भी पड़वाना...

साईं, वे माड़ेयां दी मंडी ना विकाईं...
साईं, वे देखी हूण देर ना लगाईं...
साईं, वे दरां ते खड़े आं खैर पाईं...
साईं, वे मेहराँ वाले मीह वी वरसाईं...
साईं, वे अकलां दे कड़े वी भराईं...
साईं, वे गुबंद गुरूर दे गिराईं...
साईं, वे अग्ग वांगु हौसले बघाईं...
साईं, वे अंबरा तों सूच वी मंगाईं...
साईं, वे आपे आवाज मार के बुलाईं...
साईं, वे हूण सानूं कोल वी बिठाईं...
साईं, वे आपणे ही रंग च रंगाईं...
साईं, वे हर वेले करां साईं साईं...
साईं, वे तोते वांगु बोल वी रटाईं...
साईं, वे आत्मा दा दिवा वी जलाईं...
साईं, वे अनहद नाद तों बचाईं...
साईं, वे रूहानी कोई तार छेड़ जाईं...
साईं, वे सच्ची सरताज ही बनाईं...

साईं... बुरे लोगों की मंडी में ना बिकवाना...
साईं... देखना अब देर ना लगाना...
साईं... तेरे दर पर आकर खड़े हैं...
साईं... अपनी मेहर की बारिश बरसाना...
साईं... अक्ल का घड़ा भी भराना...
साईं... गुरूर के गुबंद भी गिराना...
साईं... आग की तरह हौसले धधकाना...
साईं... अम्बर (आकाश) से पवित्रता मंगवाना...
साईं... आप आवाज देकर बुलाना...
साईं... हमको पास भी बिठाना...
साईं... अपने रंग में रंगाना...
साईं... हर दम साईं साईं करूँ...
साईं... मुझे तोते की तरह रटवाना...
साईं... आत्मा का दिया भी जलाना...
साईं... अनहद नाद से बचाना...
साईं... रूहानी तार छेद जाना...
साईं... सच में सरताज ही बनाना...

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