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मी टू मूवमेंट का अर्थ | Metoo Movement Meaning in Hindi

Me Too या हैशटैग #MeToo सोशल मीडिया पर उठा एक आंदोलन है जिसके तहत सभी महिलाएं संगठित होकर अपने साथ हुए यौन अपराधों का खुलासा कर रही हैं। मी टू का हिंदी अर्थ होता है "मैं भी" इसके अंतर्गत वो महिलाएं जिनके साथ जिंदगी में कभी कोई यौन शोषण की घटना या छेड़खानी हुई है और वे आज तक चुप हैं वे इस मूवमेंट के साथ जुड़कर अपने साथ हुए अन्याय का खुलासा कर सकती हैं। जिसके बाद इस मूवमेंट से जुड़ी सभी महिलाएं संगठित होकर उस महिला के साथ हुए शोषण के खिलाफ लड़ती हैं।

इस अभियान से जुड़ने व अपने साथ बीती हुई यौन शोषण की घटना के बारे में बताने के लिए महिलाएं सोशल मीडिया पर एक हैश टैग #MeToo का प्रयोग कर अपनी आप बीती सांझा कर सकती हैं और क्योंकि इस मूवमेंट पर मीडिया व सोशल मीडिया की अटेंशन है इसलिए आवाज़ उठाने वाली महिलाओं को इनका पूरा सहयोग मिलता है। इस हैश टैग का प्रयोग सबसे ज्यादा वे महिलाएं कर रही हैं जिनका शोषण किसी ऐसे शख्स द्वारा किया गया है जो समाज में एक बड़ा रुतबा रखता हो और घटना के समय कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित कर पाने में सफल हो सका हो। ऐसे शख्स के खिलाफ मीडिया सपोर्ट प्राप्त कर वह महिला अपने न्याय के लिए गुहार लगा सकती है।

इस आंदोलन की शुरुआत दो चरणों में हुई है पहला तो आज से लगभग डेढ़ दशक पहले Me Too शब्द का उत्पन्न होना तथा दूसरा इस शब्द का हैशटैग के रूप में परिवर्तित होना। Me Too शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम एक समाजसेवी तराना बर्क ने किया था लेकिन उस समय यह ऑनलाइन स्तर पर इतना प्रभावी न हो सका। इसके पश्चात 15 अक्टूबर 2017 को सोशल मीडिया के प्रभाव ने इसे हैशटैग से उस समय जोड़ दिया जब हॉलीवुड अभनेत्री एलीसा मिलाने ने इसका प्रयोग कर अपनी आपबीती सांझा की। इसके बाद यह हैशटैग उन महिलाओं के लिए एक केंद्र बिंदु बन गया जो अपने साथ हुई यौन शोषण की घटनाओं को सामने लाना चाहती थी। भारत में यह शब्द बॉलीवुड अभिनेत्री तनुश्री दत्ता द्वारा अभिनेता नाना पाटेकर पर लगाए गए आरोपों के बाद प्रसिद्ध हुआ है। तनुश्री दत्ता का कहना था कि एक फिल्म के गाने की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने उन्हें गलत तरीके से छूने की कोशिश की थी इसके बाद नाना पाटेकर के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की गई। यहीं से भारत में इस आंदोलन की शुरुआत हुई और धीरे-धीरे बहुत से बड़े चेहरे महिला यौन शोषण में लिप्त पाए गए। उन सभी के खिलाफ कार्यवाही हुई कुछ ने सार्वजनिक रूप से माफी माँगी तो कुछ ने आरोपों को सिरे से खारिज किया। अब भी यह आंदोलन ऐसे ही चल रहा है। कोई भी महिला Me Too हैशटैग का प्रयोग कर इस आंदोलन से जुड़ कर अपने साथ हुई शोषण की घटना को दुनिया के साथ साझा कर सकती है और न्याय के लिए गुहार लगा सकती हैं।

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