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मार्च 14, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सशक्तिकरण का अर्थ | Sashaktikaran meaning in Hindi

वह क्रिया जिसके द्वारा किसी विशेष समुदाय को किसी विशेष क्षेत्र में शक्ति प्रदान की जाती है को सशक्तिकरण कहा जाता है। सशक्तिकरण उन समुदायों का किया जाता है जो किसी कारणवश समाज में पिछड़ चुके हैं चाहे वह गरीब वर्ग हो, शोषित वर्ग हो या फिर महिला वर्ग हो। सशक्तिकरण में सबसे अधिक जोर इस समय महिला सशक्तिकरण पर दिया जा रहा है पूरी दुनिया की जनसंख्या में महिलाओं की हिस्सेदारी 50% है परंतु वही यदि दुनिया के विकास की बात की जाए तो महिलाओं की हिस्सेदारी 20% भी बड़ी मुश्किल से पार कर पाती है और कई देशों में तो महिलाओं के इतने बुरे हालात है कि उनका विकास में प्रतिशत 10% से भी कम आंका गया है और वही यदि गरीबों की बात की जाए तो उनका विकास में कोई अहम योगदान नहीं होता इसका कारण यह नहीं है कि उनके पास कोई प्रतिभा नहीं है इसका कारण यह है कि उन्हें अपनी प्रतिभा को दिखा पाने के मौके नहीं मिल पाते। इसलिए उन्हें सशक्त करके आगे लेकर आना ही सशक्तिकरण का मुख्य उद्देश्य है। ऐसा ही कुछ शोषित वर्ग के साथ भी होता है ऐसे वर्ग की प्रतिभा का प्रयोग सशक्त लोगों द्वारा पहले ही कर लिया जाता है। सशक्तिकरण क्रिया का मूल का

अखंडता का अर्थ | Akhandta meaning in Hindi

वह जो कभी खंडित ना हो अर्थात जिसे टुकड़ों में ना बांटा जा सके को अखंड कहा जाता है। जब कोई वस्तु अखंडता को प्राप्त कर लेती है तो वह कहीं से भी टूटी हुई नहीं रहती। हमारा देश एक अखंड देश है इसकी अखंडता को दर्शाने के लिए अखंड भारत शब्द को गुंजाया जाता है यहां पर भारत की अखंडता का अर्थ हर हिस्से का एक दूसरे से बंधा होना अर्थात जुड़ा होना है। जम्मू कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक और गुजरात से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक सारा भारत अखंड है यहां अखंड से तात्पर्य एकता से है। जब राष्ट्रपति प्रधानमंत्री या कोई भी जन सेवक अपने पद की शपथ ग्रहण करता है तो वह भारत को अखंड रखने की प्रतिज्ञा करता है। अखंडता एक हिंदी शब्द है तथा हिंदी में ही इसके अन्य अर्थ भी हैं जो कि इस प्रकार है: 1. वह जो कभी खंडित ना हो 2. वह जिसमें निरंतरता हो 3. वह जिसमें एकता हो। (अखंडता को अंग्रेजी में इंटीग्रिटी कहा जाता है) अखंड शब्द का उदाहरण सहित वाक्यों में प्रयोग इस प्रकार हैं : 1. धार्मिक स्थलों पर अखंड पाठ करवाया जाता है जिसमें निरंतरता से पूरा धार्मिक अध्याय पढ़ा जाता है इसे बीच में एक बार भी से छोड़ा नहीं जाता। एक बार शुरू ह