वैलपुणा का अर्थ | Vailpuna Meaning in Hindi

वैलपुणा उन सभी नकारात्मक क्रियाओं का संयुक्त रूप है जो किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा की जाती है जिसे कोई काम-धंधा न हो। वैल (या वेल) पंजाबी का शब्द है इसका मतलब होता है निठ्ठला रहने वाला। "पुणा" शब्द का प्रयोग उस निठ्ठले व्यक्ति द्वारा की जाने वाली क्रियाओं के लिए किया जाता है। इस प्रकार "वैलपुणा" शब्द का सयुंक्त अर्थ निकलता है "वो सभी नकारात्मक क्रियाएँ जो एक निठ्ठले व्यक्ति द्वारा की जाती है जैसे कि गलत कार्य करना, घुमक्कड़ों की तरह फिरना व नशा करना इत्यादि। अर्थात कुल मिलाकर ऐसा कोई भी कार्य जो केवल और केवल समय नष्ट करे और जिसका कोई सकारात्मक लाभ न हो को वैलपुणा कहा जाता है। पंजाबी गानों में बहुत अधिक प्रयोग होने के कारण इस शब्द को हिंदी भाषी क्षेत्रों में भी जाना जाने लगा है। वैलपुणा का इंग्लिश में मतलब इंसेन्सिबिलिटी (Insensibility) होता है।

उदाहरण : वैलपुणा छड दे
(अर्थात : निठ्ठलापन छोड़ दे)

दर्शन का अर्थ | Darshan Meaning in Hindi (Philosophy)

यदि शाब्दिक अर्थ के तौर पर बात की जाए तो दर्शन का अर्थ होता है देखना। जब हम किसी भी वस्तु को देखते हैं तो इसका मतलब होता है कि हम उसके दर्शन कर रहे हैं। लेकिन यहां हमें पता होना चाहिए कि दर्शन शब्द Philosophy का प्रयायवाची है और जहां दर्शन शब्द "भारतीय दर्शन" की ओर इशारा करता है वहीं फिलोसोफी "पश्चिमी दर्शन" की बात करता है। इस प्रकार यदि हम "दर्शन" शब्द को भारतीय दर्शन के रूप में देखें तो आपका किसी वस्तु या दृश्य को देखना "दर्शन" तभी कहलायेगा जब आप उस वस्तु या दृश्य को इस प्रकार देख रहे होंगे कि वह वस्तु या दृश्य आपको भावात्मक, ज्ञानात्मक और कर्मयोग सभी प्रकार का ज्ञान दे रहा हो अर्थात किसी तत्व के बारे में जितना अधिक ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है जो ज्ञान की चरम सीमा है जब आप उसे प्राप्त कर रहे होते हैं तब आपके देखने को दर्शन कहा जाता है।

वहीं यदि बात फिलोसोफी की की जाए तो यह केवल भावनात्मक पक्ष की बात करता है फिलोसोफी के अनुसार जब आप किसी वस्तु या दृश्य को देख रहे होते हैं तो आप उससे भावनात्मक तौर पर जुड़ जाते हैं और आपका यह भावनात्मक जुड़ाव व ज्ञान के प्रति प्रेम जितना गहरा होगा उतना अधिक ज्ञान आप उस वस्तु से प्राप्त कर पाएंगे इसी प्रक्रिया को फिलोसोफी कहा जाता है।

द्वैतवाद क्या है / Dvaitavad kya hai / Dvaitavad meaning in Hindi

द्वैतवाद धर्म से संबंधित एक सिद्धांत है, जो कहता है कि मनुष्य और भगवान अलग-अलग वास्तविकताएं हैं, यह सिद्धांत मध्वाचार्य द्वारा दिया गया है, ...