कोष मूलो दंड का अर्थ | Kosh Mulo Dand Meaning in Hindi

भारतीय आयकर विभाग की मुख्य "टैगलाइन" के रूप में जिस वाक्य का प्रयोग किया गया है वह है "कोष मूलो दण्ड" यह वाक्य आचार्य कौटिल्य द्वारा रचित अर्थशास्त्र से लिया गया है। तीन शब्दों से मिलकर बने इस वाक्य में कोष का अर्थ होता है धन/ संपति, मूलो का अर्थ होता है "मूल रूप से" और दण्ड शब्द का अर्थ होता है डंडा/ छड़ी अर्थात शक्ति का प्रतीक"। इस प्रकार "कोष मूलो दण्ड" वाक्य का संयुक्त अर्थ निकलता है "धन मूल शक्ति है" या यूँ कहें कि "धन किसी भी राज्य की मूल शक्ति है"।

यह वाक्य अपने में संपूर्ण सत्यता लेकर चलता है धन-संपदा किसी भी राज्य की मूल शक्ति होती है धन से वो सब कुछ खरीदा जा सकता है जो किसी राज्य के संचालन हेतु आवश्यक होता है। चाहे वह सैन्य शक्ति हो या जीविका के मूल साधन; इन सब की प्राप्ति धन से की जा सकती है। इसलिए कहा गया है कि धन किसी भी राज्य की मूल शक्ति है अर्थात जिस राज्य के पास सर्वाधिक धन है वह सर्वाधिक शक्तिशाली है।

खाली पीली का अर्थ | Khali Pili Meaning in Hindi

बहुत सी भाषाओं में कुछ स्लैंग (खिचड़ी शब्द) बन जाते है जो समय के साथ साथ प्रचलित होते रहते हैं। इन शब्दों का जन्म इसलिए होता है क्योंकि यह शब्द बोलने में मनोरंजक लगते है। जिस वजह से लोग बिना इन शब्दों का अर्थ निकाले इन्हें अपना लेते हैं। इन स्लैंग से मिलकर बनी भाषा को खिचड़ी भाषा कहा जाता है। मुंबई में इसी तरह का एक शब्द प्रसिद्ध है वह शब्द है "खाली पीली"। इस शब्द का अर्थ होता है "बिना किसी बात के" या "बेवजह" अर्थात जब बिना किसी कारण के ही कोई कार्य कर दिया जाता है तो कहा जाता है कि तुमने यह काम खाली पीली ही कर दिया है।

अन्य स्लैंग शब्दों की तरह ही "खाली पीली" शब्द का भी कोई सार्थक इतिहास नहीं है लेकिन माना जाता है कि मुंबई में चलने वाली काले और पीले रंग की टैक्सी (जिन्हें आम भाषा में काली-पीली कहा जाता है) के नाम से ही यह शब्द बना है। मुंबई में चलने वाली टैक्सियां काले रंग की तथा इनकी छत पीले रंग की होती है। कईं दशक लगातार चलने के कारण काले-पीले रंग की यह टैक्सियां मुंबई के इतिहास का हिस्सा बन चुकी है यद्द्पि अब इनकी मैन्युफैक्चरिंग बंद कर दी गई है। इन टैक्सियों में काला रंग लंदन तथा पीला रंग इंग्लैंड की टैक्सियों से लिया गया था।

द्वैतवाद क्या है / Dvaitavad kya hai / Dvaitavad meaning in Hindi

द्वैतवाद धर्म से संबंधित एक सिद्धांत है, जो कहता है कि मनुष्य और भगवान अलग-अलग वास्तविकताएं हैं, यह सिद्धांत मध्वाचार्य द्वारा दिया गया है, ...