आचार संहिता का अर्थ | Aachar Sanhita Meaning in Hindi

आचार संहिता दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है पहला शब्द है "आचार" जिसका मतलब होता है "आचरण या चाल चलन" दूसरा शब्द है "संहिता" जिसका मतलब होता है "संकलन" इस प्रकार आचार संहिता का अर्थ होता है "आचरणों की सूची या आचरणों का संकलन"। आइए अब इसका विस्तृत अर्थ समझते हैं। आचार संहिता या आदर्श आचार संहिता उन नियमों को कहा जाता है जो भारतीय चुनाव आयोग द्वारा राज्य या देश में होने वाले चुनावों से पूर्व लागू किए जाते हैं। इन नियमों को लागू किए जाने का उद्देश्य होता है सत्ताधारी उम्मीदवार तथा आम उम्मीदवार (जो सत्ता में आना चाहता है) उन दोनों की शक्तियों को एक बराबर करना। आचार संहिता के जरिए सत्ताधारी पार्टी के उम्मीदवारों की शक्ति पर अंकुश लगाए जाते हैं जिससे वे सरकारी संपत्ति व शक्ति का प्रयोग अपने चुनावी लाभ के लिए ना कर सके। आचार सहिंता यह तय करती है कि सत्ताधारी उम्मीदवार सरकारी वाहनों का प्रयोग अपने चुनाव प्रचार के लिए ना करे और ना ही चुनाव के नजदीक कोई ऐसी घोषणा करें जिससे मतदाता अकस्मात प्रभावित होकर उन्हें वोट दे दें।

किसी भी राज्य में चुनाव की तारीख की घोषणा होते ही आचार सहिंता लगा दी जाती है। इसलिए चुनाव तारीख की घोषणा होने से पूर्व सत्ताधारी पार्टी (मंत्री/मुख्यमंत्री/प्रधानमंत्री इत्यादि) अपने राज्य या देश के लिए कोई भी बड़ी या छोटी घोषणा कर सकती है। लेकिन एक बार आचार सहिंता लागू हो जाने के पश्चात सत्ताधारी पार्टी के मंत्री ऐसा कोई निर्णय नहीं ले सकते जो राज्य को लाभ पहुँचाए जिसका उद्देश्य मतदाता को अपनी ओर आकर्षित करता हो। इसके अलावा जो आम उम्मीदवार चुनाव में खड़ा होता है वह भी किसी गलत माध्यम से मतदाताओं को अपनी तरफ आकर्षित नहीं कर सकता। यदि कोई भी उम्मीदवार आचार संहिता के नियमों का उल्लंघन करता है तो उसे  चुनाव के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है अथवा नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी सजा भी दी जा सकती है। सत्ताधारी उम्मीदवारों पर अंकुश लगाने व चुनावी माहौल में उम्मीदवारों की नकारात्मक क्रियाओं पर नजर रखने वाले इन्हीं नियमों को आचार संहिता कहा जाता है।

अधेड़ उम्र का अर्थ | Adhed Umar Meaning in Hindi

हम समाचार पत्रों में या टीवी पर बहुत बार अधेड़ उम्र शब्द को सुनते हैं तथा यह शब्द सुनते ही हमारे मस्तिष्क में प्रश्न आता है कि आखिर यहां पर किस उम्र के बात की जा रही है? दरअसल अधेड़ उम्र 35 वर्ष से अधिक और 55 वर्ष से कम उम्र को कहा जाता है। यह ऐसा समय होता है जब बचपन, जवानी या बुढापा इनमें से किसी भी वर्ग में व्यक्ति को नहीं रखा जा सकता। व्यक्ति की शुरुआती जिंदगी में शिशु से किशोर होना और किशोर से जवान होने के समय अर्थात शून्य से लेकर 35 वर्ष तक व्यक्ति सुखद जीवन जीता है जिसमें वह निरंतर शारीरिक व मानसिक शक्ति को प्राप्त करता है। लेकिन 35 वर्ष से 55 वर्ष तक की उम्र में व्यक्ति अप्रसन्न ज्यादा रहता है क्योंकि इस उम्र में वह अपनी शारीरिक व मानसिक शक्ति को खोता है। इसलिए अधेड़ उम्र में व्यक्ति सबसे ज्यादा नीरस महसूस करता है और इसी उम्र में व्यक्ति पर सबसे अधिक जिम्मेवारी होती है जैसे अपने साथी की जिम्मेवारी, अपने बच्चों के करियर की जिम्मेवारी, घर का खर्च इत्यादि और ऊपर से वह लगातार अपनी शारीरिक व मानसिक शक्ति को खो रहा होता है इसलिए यहां पर उसे भावनात्मक, सामाजिक और आर्थिक हर प्रकार के सहयोग की आवश्यकता होती है और व्यक्ति के जीवन की उम्र के इसी पड़ाव को अधेड़ उम्र कहा जाता है।

टाइम कैप्सूल का अर्थ | Time Capsule Meaning in Hindi

हाल ही में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा राम मंदिर की नींव रखने से पूर्व 2000 फीट नीचे नीचे टाइम कैप्सूल रख जाने का निर्णय लिया ग...