उदारवाद का अर्थ | Udarvad Meaning in Hindi

उदारवाद एक राजनीतिक सिद्धान्त है जो व्यक्ति की पूर्ण स्वतंत्रता पर बल देता है। उदारवाद शब्द अंग्रेजी के लिबरल (Liberal) शब्द से बना है जिसका अर्थ होता है "स्वार्थहीनता" तथा अंग्रेजी का लिबर्टी (Liberty) शब्द उदारवाद का मूल है। लिबर्टी का हिंदी में अर्थ होता है "स्वतंत्रता"। इस प्रकार सरकार द्वारा बिना किसी स्वार्थ के व्यक्ति को पूर्ण स्वतंत्रता देना उदारवाद कहलाता है। उदारवादी सिद्धान्त के अनुसार सरकार द्वारा व्यक्ति पर किसी प्रकार का बल प्रयोग नही किया जाना चाहिए व्यक्ति जैसे अपना विकास करना चाहता है उसे वह विकास करने हेतु स्वतंत्र छोड़ देना चाहिए। उसके सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक जीवन में राज्य (सरकार) का किसी प्रकार से कोई हस्तक्षेप नही होना चाहिए। उदारवाद को English में Liberalism (लिबरलिज़्म) कहा जाता है।

उदारवाद "जियो और जीने दो" के नारे का अनुसरण करता है जो किसी को आघात न पहुँचाने व स्वयं आघात न सहने की बात करता है। यह प्रत्येक व्यक्ति को बिल्कुल स्वतंत्र करना चाहता है। उदारवादी व्यक्तियों का यह मानना है कि हो सकता है व्यक्ति प्राकृतिक रूप से स्वार्थी व अहंकारी प्रवृति का हो लेकिन उसमें सोचने समझने की शक्ति होती है और वह अपने विवेक के बल पर सही फैसले ले सकता है। व्यक्ति स्वतंत्र रूप से धरती पर पैदा हुआ है और उसने स्वयं ही समाज व सरकार का निर्माण किया है। इसलिए उसे आगे का विकास करने के लिए भी स्वतंत्र ही रहना चाहिए। जिस समाज व सरकार का व्यक्ति ने खुद ही निर्माण किया है उसी के समक्ष व्यक्ति को छोटा नही बनाया जाना चाहिए। इसलिए उदारवाद में व्यक्ति के अधिकार पहले आते है और समाज व सरकार के अधिकार बाद में।

समाजवादी और साम्यवादी सोच जहां व्यक्ति को खाने के लिए भोजन, रहने के लिए छत और पहनने के लिए कपड़े देने हेतु उसे सरकार पर आश्रित रखना चाहती है वहीं उदारवादी सोच व्यक्ति को स्वतंत्र छोड़ कर ये सब आधारभूत वस्तुएं स्वयं कमाने हेतु प्रेरित करती है। और व्यक्ति के स्वतंत्र विकास पर बल देती है। उदारवाद का मानना है कि सरकार की आवश्यकता केवल शांति बनाए रखने व बाहरी देशों से होने वाले आक्रमणों से व्यक्ति को बचाने के लिए है। इसके अतिरिक्त व्यक्ति के जीवन में सरकार का कोई हस्तक्षेप नही होना चाहिए। उदारवाद लोकतांत्रिक व्यवस्था में अधिक प्रभावी तरीके से काम करता है जहां प्रत्येक व्यक्ति को बराबर अधिकार होते हैं चाहे फिर वह अधिकार राजा (राष्ट्रपति) बनने का ही क्यों न हो।

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