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बूथ कैप्चरिंग का अर्थ व मतलब | Booth Capturing Meaning in Hindi

चुनावों के समय बूथ कैप्चरिंग शब्द का प्रयोग अक्सर समाचार पत्रों में देखने को मिलता है क्योंकि चुनावी मौसम में अलग-अलग जगहों पर जोर जबरदस्ती व हिंसा का माहौल अक्सर दिखाई देता है। हालांकि इस प्रकार का माहौल बनना लोकतंत्र के प्रति लोगों की अज्ञानता को दर्शाता है। इस प्रकार के बेकाबू माहौल में कभी कभी बूथ कैप्चरिंग की घटनाएं भी देखी जाती हैं।


बूथ कैप्चरिंग दो शब्दों में मिलकर बना हुआ है पहला शब्द है "बूथ" जिसका अर्थ होता है मतदान केंद्र अर्थात वह क्षेत्र जहां पर मतदाताओं के वोट एकत्रित करने के लिए ईवीएम मशीन, बैलेट बॉक्स व अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती है। दूसरा शब्द है "कैपचरिंग" जिसका अर्थ होता है "कब्जा कर लेना" इस प्रकार किसी मतदान केंद्र पर कब्जा कर लेने की घटना को बूथ कैपचरिंग कहा जाता है। बूथ कैप्चरिंग इसलिए की जाती है ताकि किसी विशेष उम्मीदवार के पक्ष में जबरदस्ती व अवैध तरीके से वोट डलवाए जा सकें। बूथ कैपचरिंग कानून के खिलाफ होती है और इसके लिए सजा का प्रावधान भी रखा गया है। बूथ कैपचरिंग के जरिए लोकतंत्र के नियमों को बाईपास करने की कोशिश की जाती है।

बूथ कैपचरिंग की घटनाएं मुख्य तौर पर ऐसे क्षेत्रों में होती है जहां पर कानून की पकड़ कमजोर होती है या जहां पर उस मात्रा में सुरक्षा बल मौजूद नहीं होता जिस मात्रा में उसे वहां पर मौजूद होना चाहिए। विशेष तौर पर कुछ क्षेत्रों में क्षेत्रीय पार्टियों का दबदबा होता है जिस कारण वहां पर केंद्रीय सुरक्षा बल या क्षेत्रीय बल कमजोर पड़ जाता है जिसके पश्चात वहां की क्षेत्रीय पार्टी जिसका उम्मीदवार चुनाव में खड़ा होता है उसे जिताने के लिए उस पार्टी के कुछ हुड़दंगी लोग मिलकर बूथ को कैप्चर करने की कोशिश करते हैं यदि बूथ कैपचरिंग पूरे दिन की बजाए मात्र कुछ समय के लिए भी हो जाए और उसे बाद में छुड़वा लिया जाए तो भी यह घटना चुनावों के परिणाम को प्रभावित कर सकती है।

बहुत बार ऐसा भी देखा गया है कि यदि बड़े स्तर पर बूथ कैप्चरिंग हो जाती है तो चुनाव रद्द भी करने पर सकते हैं। इसलिए किसी भी लोकतांत्रिक देश में बूथ कैपचरिंग की घटना बहुत ही अशोभनीय व शर्मनाक है और इस प्रकार की घटनाएं नहीं होनी चाहिए। क्षेत्रीय पार्टियों या फिर वे लोग जो बूथ कैपचरिंग कर मतदान का रुख मोड़ने की कोशिश करते हैं पर लगाम लगाई जानी चाहिए ताकि लोकतांत्रिक रूप से सरकार का चुनाव किया जा सके और लोग वास्तव में जिस उम्मीदवार को सुनना चाहते हैं वे उसे बिना किसी असुविधा के चुन सकें।

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