चक्रीय बेरोजगारी का अर्थ, मतलब व परिभाषा | Chakriya Berojgari Meaning in Hindi

ऐसी बेरोजगारी जो मांग के चक्र के कारण उत्पन्न होती है को चक्रीय बेरोजगारी कहा जाता है। जैसे यदि किसी क्षेत्र विशेष में अचानक से किसी वस्तु की मांग घट जाती है तो ऐसी स्थिति में उस वस्तु की सप्लाई को भी कम करना पड़ता है और साथ ही उस वस्तु का उत्पादन भी घटाया जाता है। उत्पादन घटने की वजह से जो लोग उसे क्षेत्र में कार्य कर रहे होते हैं उनकी आवश्यकता कम हो जाती है। जिस कारण उत्पादनकर्ता द्वारा कर्मियों की छँटाई शुरू कर दी जाती है। छँटाई करने के बाद कुछ लोगों को काम से निकालना पड़ता है। जिन लोगों को काम से निकाला जाता है वे बेरोजगार हो जाते हैं। इस प्रकार मांग में कमी के कारण उत्पन्न हुई इस बेरोजगारी को चक्रीय बेरोजगारी कहा जाता है जो मुख्य रूप से विकसित देशों में पाई जाती है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

वर्णसंकर का अर्थ | Varnasankar meaning in Hindi

वर्ण व्यवस्था के अंतर्गत चार वर्ण बताए गए हैं ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र। जब दो अलग अलग वर्ण के महिला व पुरुष आपस में विवाह करते हैं...