सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

लोकतंत्र का अर्थ, मतलब व परिभाषा | Loktantra Meaning in Hindi


किसी भी देश, संगठन अथवा समूह द्वारा अपनाई गई ऐसी शासन व्यवस्था जिसमें जनता द्वारा, जनता में से, जनता के लिए शासक चुना जाता है; को लोकतंत्र अथवा लोकतांत्रिक व्यवस्था के नाम से जाना जाता है। लोकतंत्र मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है पहला प्रत्यक्ष लोकतंत्र और दूसरा अप्रत्यक्ष लोकतंत्र।



प्रत्यक्ष लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक देश में जितने भी लोग होते हैं उन सभी की राय लेकर शासक का चुनाव किया जाता है अथवा कोई कानून बनाया जाता है। प्रत्यक्ष लोकतंत्र प्राचीन समय में हुआ करता था जब लोगों के छोटे-छोटे दल स्वयं पर शासन किया करते थे। वर्तमान समय में प्रत्यक्ष लोकतंत्र समाप्त हो चुका है। आज के समय में केवल अप्रत्यक्ष लोकतंत्र विद्यमान है क्योंकि प्रत्येक देश में लोगों की संख्या लाखों से करोड़ों तक पहुंच चुकी है इसलिए वहां पर प्रत्यक्ष लोकतंत्र स्थापित कर पाना संभव नहीं है अर्थात सभी लोगों की राय लेकर शासक नहीं चुना जा सकता इसलिए यहां अप्रत्यक्ष लोकतंत्र अपनाया जाता है। अप्रत्यक्ष लोकतंत्र में लोगों के अलग-अलग समूह चुनाव के माध्यम से अपना-अपना प्रतिनिधि चुनते हैं और फिर वे चुने हुए प्रतिनिधि प्रत्यक्ष तौर पर एक व्यक्ति को शासक चुनते हैं। लोकतंत्र में शासन की मूल शक्ति जनता में निहित होती है अप्रत्यक्ष लोकतंत्र में शासक अप्रत्यक्ष रूप से जनता द्वारा ही चुना जाता है। इस प्रकार ऐसी शासन व्यवस्था जिसमें जनता द्वारा, जनता के लिए, जनता में से ही शासक चुना जाता है; को लोकतंत्र या लोकतांत्रिक व्यवस्था कहा जाता है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

आमी तोमाके भालोबाशी का अर्थ - Ami Tomake Bhalobashi Meaning in Hindi

* आमी तोमाके भालोबाशी बंगाली भाषा का शब्द है। * इसका हिंदी में अर्थ होता है "मैं तुमसे प्यार करता/ करती हूँ। * इस शब्द का प्रयोग हिंदी फिल्मों और गानों में बंगाली टच देने के लिए किया जाता है। * आमी तोमाके भालोबाशी में "तोमाके" का अर्थ होता है "तुमको" इसे "तोमे" के साथ भी बोला जा सकता है अर्थात "आमी तोमे भालोबाशी" का अर्थ भी "मैं तुमसे प्यार करता हूँ" ही होता है। * अपने से उम्र में बड़े व्यक्ति जैसे माता-पिता को बंगाली में यह शब्द कहते हुए "तोमाके" शब्द को "अपनके" बोला जाता है जैसे : आमी अपनके भालोबासी" * अंग्रेजी में इसका अर्थ आई लव यू होता है। * अगर बोलना हो कि "मैं तुमसे (बहुत) प्यार करता हूँ" तो कहा जाएगा "आमी तोमाके खूब भालोबाशी" * वहीं अगर बोलना हो " तुम जानती हो मैं तुमसे प्यार करता हूँ" तो कहा जाएगा "तुमी जानो; आमी तोमाके भालोबाशी"

जिहाल-ए-मिस्कीं मकुन बरंजिश का अर्थ | Zihale-E-Miskin Mukun Ba Ranjish Meaning in Hindi

"जिहाल-ए -मिस्कीन मकुन बरंजिश" पंक्ति हिंदी फिल्म गुलामी में गए गए गीत के चलते प्रचलित हुई है। यह गीत प्रसिद्ध कवि अमीर ख़ुसरो द्वारा रचित फ़ारसी व बृजभाषा के मिलन से बनी कविता से प्रेरित है। यह कविता मूल रूप में इस प्रकार है। ज़िहाल-ए मिस्कीं मकुन तगाफ़ुल, दुराये नैना बनाये बतियां... कि ताब-ए-हिजरां नदारम ऐ जान, न लेहो काहे लगाये छतियां... इस मूल कविता का अर्थ है : आँखे फेरके और बातें बनाके मेरी बेबसी को नजरअंदाज (तगाफ़ुल) मत कर... हिज्र (जुदाई) की ताब (तपन) से जान नदारम (निकल रही) है तुम मुझे अपने सीने से क्यों नही लगाते... इस कविता को गाने की शक्ल में कुछ यूँ लिखा गया है : जिहाल-ए -मिस्कीं मकुन बरंजिश , बेहाल-ए -हिजरा बेचारा दिल है... सुनाई देती है जिसकी धड़कन , तुम्हारा दिल या हमारा दिल है... इस गाने की पहली दो पंक्तियों का अर्थ है : मेरे दिल का थोड़ा ध्यान करो इससे रंजिश (नाराजगी) न रखो इस बेचारे ने अभी बिछड़ने का दुख सहा है...

करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान दोहे का अर्थ Karat Karat Abhyas Ke Jadmati Hot Sujan Doha Meaning in Hindi

करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान मध्यकालीन युग में कवि वृंद द्वारा रचित एक दोहा है यह पूर्ण दोहा इस प्रकार है "करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान; रसरी आवत जात ते सिल पर परत निसान" इस दोहे का अर्थ है कि निरंतर अभ्यास करने से कोई भी अकुशल व्यक्ति कुशल बन सकता है यानी कि कोई भी व्यक्ति अपने अंदर किसी भी प्रकार की कुशलता का निर्माण कर सकता है यदि वह लगातार परिश्रम करे। इसके लिए कवि ने कुए की उस रस्सी का उदाहरण दिया है जिस पर बाल्टी को बांध कर कुए से पानी निकाला जाता है। बार-बार पानी भरने के कारण वह रस्सी कुए के किनारे पर बने पत्थर पर घिसती है तथा बार-बार घिसने के कारण वह कोमल रस्सी उस पत्थर पर निशान डाल देती है क्योंकि पानी भरने की प्रक्रिया बार बार दोहराई जाती है इसलिए वह रस्सी पत्थर निशान डालने में सफल हो जाती है। यही इस दोहे का मूल है इसमें यही कहा गया है कि बार-बार किसी कार्य को करने से या कोई अभ्यास लगातार करने से अयोग्य से अयोग्य व मूर्ख से मूर्ख व्यक्ति भी कुशल हो जाता है। इसलिए व्यक्ति को कभी भी अभ्यास करना नहीं छोड़ना चाहिए। इस दोहे के लिए अंग्रेजी में एक वाक्य प्रय