Third World Countries Meaning in Hindi | तीसरी दुनिया के देश का अर्थ, मतलब व परिभाषा

हाल ही में हिंदी भाषी मूवी "सुपर 30" सुर्खियों में आई है जिसमें भारत को थर्ड वर्ल्ड कंट्री अर्थात तीसरी दुनिया का देश कहा गया है। इसके साथ ही हमारे सामने यह प्रश्न आता है कि तीसरी दुनिया का देश आखिर कहा किसे जाता है।

तीसरी दुनिया के देश उन देशों को कहा जाता है जो निम्नलिखित परिस्थितियों के अंतर्गत आते हैं।

1. अमेरिका और रूस के मध्य चलने वाले शीत युद्ध के समय कुछ देश पूंजीवादी अमेरिका के पक्ष में थे जबकि कुछ देश रूसी समाजवाद के पक्ष में। इनमें से जो देश अमेरिका के पक्ष में थे उन्हें "पहली दुनिया के देश" कहा गया तथा जो देश रूस के पक्ष में थे उन्हें "दूसरी दुनिया के देश" कहा गया। इनके अलावा कुछ ऐसे देश भी थे जो न तो अमेरिका के पक्ष में थे और न ही रूस के पक्ष में; उन देशों को तीसरी दुनिया का देश कह कर संबोधित किया गया और भारत भी उन्हीं निष्पक्ष देशों में से एक था।

2. तीसरी दुनिया के देश उन देशों को कहा जाता है जो लैटिन अमेरिका, अफ्रीका और एशिया महाद्वीप में स्थित है तथा अभी विकासशील है अर्थात वे विकसित नहीं हुए हैं बल्कि उनमें विकास की प्रक्रिया चल रही है। उन देशों को तीसरी दुनिया का देश कहकर संबोधित किया जाता है।

3. तीसरा और सबसे अहम बिंदु जो भारत को तीसरी दुनिया के देश के रूप में रेखांकित करता है; के अनुसार तीसरी दुनिया का देश उन देशों को कहा जाता है जो अभी विकास के प्रथम चरण पर हैं और व्यापक गरीबी से पीड़ित हैं अर्थात उन देशों में अभी इतना ज्यादा विकास नहीं हुआ है कि उन देशों की जनसंख्या बड़े स्तर पर गरीबी से उभर सके।

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