मैलवेयर का अर्थ | Malware Meaning in Hindi

मैलवेयर शब्द दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है पहला है Malicious (मैलिशियस) जिसका अर्थ होता है दुर्भावनापूर्ण और दूसरा शब्द है है सॉफ्टवेयर। जो की एक प्रोग्राम होता है तथा कंप्यूटर द्वारा अपना आंतरिक परिचालन करने हेतु प्रयोग किया जाता है। इन दो शब्दों को मिलाकर मैलवेयर शब्द बनाया गया है जिसका अर्थ होता है "दुर्भावनापूर्ण बनाया गया सॉफ्टवेयर"

इसे कंप्यूटर या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में सेंध लगाने के लिए डिज़ाइन किया जाता है। मैलवेयर एक अम्ब्रेला टर्म है अर्थात इसके अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से जुड़े बहुत से दुर्भावनापूर्ण तरीके से बनाए गए सॉफ्टवेयर आते हैं जो उपयोगी सॉफ्टवेयर को खराब करने का काम करते हैं।

मैलवेयर का प्रयोग विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की आवश्यक जानकारी चुराने के लिए या किसी अन्य अवांछित प्रक्रिया करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा मैलवेयर का प्रयोग कर लोगों को डराने की कोशिश भी की जाती है ताकि जो सुलभ तरीके से सॉफ्टवेयर का प्रयोग बड़े स्तर पर चल रहा है उसे प्रभावित किया जा सके। मैलवेयर के बहुत से प्रकार होते हैं जैसे कि :

स्पाईवेयर : स्पाइवेयर का प्रयोग कर किसी व्यक्ति के कंप्यूटर को अवैध रूप से एक्सेस किया जा सकता है। जैसे यदि आपके पास एक कंप्यूटर है और कोई अन्य व्यक्ति बिना आपकी आज्ञा के आपकी फाइलों को एक्सेस करना चाहे तो वह इसके लिए जिस अवांछित सॉफ्टवेयर का प्रयोग करेगा उसे स्पाईवेयर कहा जाता है।

वायरस / वर्म्स / ट्रोजन : यह भी आपके कंप्यूटर में एक गुप्त रास्ता खोलने का काम करता है अर्थात आपको सामने से सब कुछ सही दिखाई देता है लेकिन इसके द्वारा गुप्त रूप से आपकी फाइलों को एक्सेस किया जा सकेगा। इस प्रकार के मैलवेयर को ट्रोजन कहा जाता है। इसके अलावा वायरस और वर्म्स आपकी फाइलों को करप्ट कर सकते हैं जिससे आपका आवश्यक डेटा एक्सेस करने योग्य नहीं रहता।

रैंसमवेयर : यह किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के यूजर को धमकाने के लिए प्रयोग किया जाता है और उससे फिरौती मांगी जाती है। दरअसल इसमें आपका मोबाइल या कंप्यूटर लॉक हो जाता है और स्क्रीन पर एक मैसेज शो होता है जिसमें लिखा होता है कि आप इतने रुपए दीजिए उसके बाद ही आपको यह कंप्यूटर या आपका मोबाइल एक्सेस करने दिया जाएगा अन्यथा आपकी फाइल्स को नष्ट कर दिया जाएगा। यह डिजिटल दुनिया में मांगी जाने वाली फिरौती की तरह काम करता है।

शुरुआती तौर पर मैलवेयर केवल कंप्यूटर में ही पाए जाते थे लेकिन समय के साथ जब मोबाइल में ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग किया जाने लगा तो उनके लिए भी मैलवेयर विकसित किए जाने लगे। मैलवेयर बड़े स्तर पर उपयोगकर्ताओं की जानकारी चुरा सकते हैं इसलिए मैलवेयर को ज्ञात कर उसे समाप्त करने के लिए विशेष प्रकार के सॉफ्टवेयर बनाए जाते हैं जिन्हें एंटीवायरस कहा जाता है।

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