चारू चन्द्र की चंचल किरणें का अर्थ | Charu Chandra Ki Chanchal Kirne Meaning in Hindi

चारू चन्द्र की चंचल किरणें नामक कविता के विषय में अनुप्रास अलंकार अति प्रसिद्ध है। वह छंद या पंक्तियां जिसमें वर्णों की आवृत्ति (बार बार प्रयोग होना) होती है उसमें अनुप्रास अलंकार होता है। और चारू चन्द्र की चंचल किरणें कविता जो कि मैथिलीशरण गुप्त द्वारा रचित है; में अनुप्रास अलंकार है।

चारुचंद्र की चंचल किरणें, खेल रहीं हैं जल थल में,
स्वच्छ चाँदनी बिछी हुई है अवनि और अम्बरतल में।

सुंदर चन्द्रमा की चंचल किरणें... जल और भूमि पर बिखर रही हैं...
चाँद की स्पष्ट रोशनी फैली हुई है... धरती और आकाश में...

पुलक प्रकट करती है धरती, हरित तृणों की नोकों से,
मानों झीम रहे हैं तरु भी, मन्द पवन के झोंकों से॥

धरती रोमांच का अनुभव कर रही है, हरे घास के नुकीले तिनकों से...
मानो ऐसा लगता है जैसे वृक्ष भी... धीमी गति से चल रही हवा में झूम रहे हैं...

कटिंग चाय का अर्थ | Cutting Chai Meaning in Hindi

छोटे चाय के ठेलों व ढाबे पर हम अक्सर कटिंग चाय नाम सुनते हैं और हमारे मन में यह प्रश्न उठता है कि आखिर कटिंग चाय और साधारण चाय में क्या फर्क होता है। वास्तव में कटिंग चाय भी साधारण चाय ही होती है लेकिन इसमें कटिंग शब्द का अर्थ होता है आधा। अर्थात यदि कोई कहता है कि "एक कटिंग चाय दो" तो इसका मतलब होगा "आधा कप चाय दो" मुंबई में आधा कप चाय को कटिंग चाय बोला जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत में चाय दूसरा सबसे अधिक पीया जाने वाला पेय पदार्थ है तथा मीठा होने के कारण यदि इसे अधिक मात्रा में पीया जाए तो यह शरीर को हानि पहुँचा सकता है परंतु जिन्हें इसकी आदत होती है वो लोग दिन में पाँच से छः बार चाय पीते हैं। अब यदि हर बार केवल आधा कप चाय पीएंगे तो इससे मूड तो फ्रेश हो जाएगा साथ ही शरीर को भी कम मीठा अब्जॉर्ब करना पड़ेगा। इसी फायदे के करण ही कटिंग चाय शब्द प्रचलित हुआ है। आज के समय में बड़े-बड़े रेस्टॉरेंट इत्यादि भी आधा कप चाय लिखने की बजाए कटिंग चाय लिख कर ग्राहकों को आधा कप चाय खरीदने का विकल्प देते हैं।

वर्णसंकर का अर्थ | Varnasankar meaning in Hindi

वर्ण व्यवस्था के अंतर्गत चार वर्ण बताए गए हैं ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र। जब दो अलग अलग वर्ण के महिला व पुरुष आपस में विवाह करते हैं...