Article 15 Meaning in Hindi | आर्टिकल 15 का अर्थ, मतलब व परिभाषा

भारतीय संविधान के तीसरे भाग (मूल अधिकार) के अंतर्गत आने वाले "समता के अधिकार" का एक हिस्सा है आर्टिकल 15 (अर्थात: अनुच्छेद 15)



यह अनुच्छेद सरकार व नागरिकों द्वारा किसी अन्य नागरिक के साथ उसके धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग, जन्मस्थान के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव करने को अस्वीकार्य मानता है। इस अनुच्छेद के कारण ही उपरोक्त बिंदुओं के आधार किया गया किसी भी प्रकार का भेदभाव संविधान के विरूद्ध माना जाता है।
यह अनुच्छेद कहता है कि :

(1) राज्य, किसी नागरिक के विरुद्ध के केवल धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग, जन्मस्थान या इनमें से किसी के आधार पर कोई विभेद नहीं करेगा।

अर्थात : सरकार किसी भी नागरिक के साथ उसके धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव नही कर सकती।

(2) कोई नागरिक केवल धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग, जन्मस्थान या इनमें से किसी के आधार पर--
(क) दुकानों, सार्वजनिक भोजनालयों, होटलों और सार्वजनिक मनोरंजन के स्थानों में प्रवेश, या
(ख) पूर्णतः या भागतः राज्य-निधि से पोषित या साधारण जनता के प्रयोग के लिए समर्पित कुओं, तालाबों, स्नानघाटों, सड़कों और सार्वजनिक समागम के स्थानों के उपयोग,
के संबंध में किसी भी निर्योषयता, दायित्व, निर्बन्धन या शर्त के अधीन नहीं होगा।

अर्थात : उपरोक्त बिंदुओं के आधार पर किसी नागरिक को दुकानों, सार्वजनिक भोजनालयों, होटलों या सार्वजनिक मनोरंजन के स्थानों में प्रवेश करने से नही रोका जा सकता। साथ ही सरकारी या अर्द्ध-सरकारी अथवा साधारण जनता के प्रयोग के लिए समर्पित कुओं, तालाबों, स्नानघाटों, सड़कों और सार्वजनिक समागम के स्थानों पर कोई भी व्यक्ति प्रवेश कर सकता है या उनका प्रयोग कर सकता है। उपरोक्त बिंदुओं के आधार पर इन सरकारी अर्द्ध-सरकारी स्थानों का अथवा सेवाओं का प्रयोग करने से उन्हें नहीं रोका जा सकता और न ही उन पर किसी प्रकार की कोई बंदिश या शर्त लगाई जा सकती है।

(3) इस अनुच्छेद की कोई बात राज्य को स्त्रियों और बालकों के लिए कोई विशेष उपबंध करने से निवारित नहीं करेगी।

अर्थात : यह अनुच्छेद सभी नागरिकों को समानता का अधिकार तो देता है परंतु यदि स्त्रियों और बालकों के सशक्तिकरण के लिए सरकार उन्हें कोई विशेष योजना का लाभ देना चाहती है तो यह अनुच्छेद सरकार को यह लाभ देने से नहीं रोकेगा। विशेष योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के पश्चात भी स्त्रियों और बालकों को अन्य नागरिकों के समान ही समझा जाएगा।

(4) इस अनुच्छेद की या अनुच्छेद 29 के खंड (2) की कोई बात राज्य को सामाजिक और शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े हुए नागरिकों के किन्हीं वर्गों की उन्नति के लिए या अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए कोई विशेष उपबंध करने से निवारित नहीं करेगी।

अर्थात : अनुच्छेद 15 समानता का अधिकार तो देता है लेकिन यदि पिछड़े हुए नागरिकों को सामाजिक और शैक्षणिक दृष्टि से किसी विशेष सुविधा का लाभ दिया जाता है अर्थात कोई योजना चला कर उनकी सामाजिक रूप से सहायता की जाती है या उन्हें शिक्षा में विशेष छूट दी जाती है तो अनुच्छेद 15 यह छूट देने से अथवा यह सहायता करने से सरकार को नहीं रोकेगा। समाज के पिछड़े वर्ग सरकारी सहायता प्राप्त करने के पश्चात भी अन्य नागरिकों के समान ही समझे जाएंगे।

अस्थाई सदन का अर्थ, मतलब व परिभाषा | Asthayi Sadan Meaning in Hindi

अस्थाई सदन के नाम से संसद के लोकसभा सदन को जाना जाता है क्योंकि यह सदन प्रत्येक 5 वर्षों पश्चात भंग होता है। हालांकि विभिन्न परिस्थितियों में लोकसभा को 5 वर्ष से पूर्व भी भंग किया जा सकता है। इसी कारण यह सदन अस्थाई सदन के नाम से जाना जाता है। इसके विपरीत राज्यसभा सदन कभी भी भंग नहीं होता क्योंकि राज्यसभा के एक तिहाई सदस्यों को प्रत्येक 2 वर्षों पश्चात सेवानिवृत्त कर दिया जाता है। जिस कारण राज्यसभा केे कुछ सदस्य है सदैव व्यवस्था में बने रहते हैं और राज्यसभा पूर्ण रूप से कभी भी भंग नहीं होती। इस प्रकार भंग न होने के कारण राज्यसभा को स्थाई सदन और भंग हो जाने के कारण लोकसभा को "अस्थाई सदन" के नाम से जाना जाता है।

स्थाई सदन का अर्थ, मतलब व परिभाषा | Sthayi Sadan Meaning in Hindi

भारत की संसद मुख्य रूप से तीन भागों से मिलकर बनी हुई है पहला भाग है लोकसभा; दूसरा भाग है राज्य सभा और तीसरा भाग है राष्ट्रपति। इन तीनों भागों में से राज्यसभा को स्थाई सदन के नाम से जाना जाता है। राज्यसभा को स्थाई सदन इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह सदन कभी भी भंग नहीं होता। राज्यसभा का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है परंतु प्रत्येक 2 वर्ष बाद इसके एक तिहाई सदस्य सेवानिवृत हो जाते हैं जिस कारण यह सदन सदैव व्यवस्था में बना रहता है। यही कारण है कि राज्यसभा को स्थाई सदन के नाम से जाना जाता है। इसके विपरीत लोकसभा को अस्थाई सदन कहा जाता है क्योंकि यह प्रत्येक 5 वर्ष पश्चात या 5 वर्ष से पहले भी भंग में हो सकता है।

उच्च सदन का अर्थ, मतलब व परिभाषा | Uchch Sadan Meaning in Hindi

भारतीय संसद मुख्य रूप से तीन भागों से मिलकर बनी हुई है यह भाग हैं लोकसभा, राज्यसभा और राष्ट्रपति। इनमें से लोकसभा को "निम्न सदन" के नाम से जाना जाता है और राज्यसभा को "उच्च सदन" के नाम से जाना जाता है। राज्यसभा को उच्च सदन इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह स्थाई सदन होता है वैसे तो इसका कार्यकाल 6 वर्ष का होता है। लेकिन इसके एक तिहाई सदस्यों को प्रत्येक 2 वर्ष बाद सेना निवृत्त कर दिया जाता है। जिस कारण यह सदन सदैव व्यवस्था में बना रहता है और कभी भी भंग नहीं होता। इसके विपरीत लोकसभा जिसे निम्न सदन के नाम से जाना जाता है वह प्रत्येक 5 वर्ष बाद अवश्य भंग होता है तथा नई लोकसभा का निर्माण किया जाता है। ज्ञात रहे कि लोकसभा को 5 वर्ष से पूर्व भी भंग किया जा सकता है।

निम्न सदन का अर्थ, मतलब व परिभाषा | Nimn Sadan Meaning in Hindi

भारत की संसद मुख्य रूप से तीन भागों से मिलकर बनी हुई है पहला भाग है लोकसभा; दूसरा भाग है राज्यसभा और तीसरा भाग है राष्ट्रपति। इन तीनों से मिलकर भारत की संसद का निर्माण होता है। भारत के राष्ट्रपति के अलावा बाकी के दो भागों को हम सदन के नाम से जानते हैं। इन दोनों सदनों में से राज्यसभा को उच्च सदन कहा जाता है और लोकसभा को निम्न सदन के नाम से जाना जाता है। लोकसभा को निम्न सदन इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह प्रत्येक 5 वर्ष पश्चात भंग होता है इसके अलावा इसे बीच में भी भंग किया जा सकता है। इसके विपरीत राज्यसभा को उच्च सदन इसलिए कहा जाता है क्योंकि वह एक स्थाई सदन होता है। राज्यसभा का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है परन्तु प्रत्येक 2 वर्ष बाद राज्यसभा के एक तिहाई सदस्यों को सेवानिवृत्त कर दिया जाता है जिस कारण यह सदन सदैव अस्तित्व में बना रहता है और कभी भी पूर्ण रूप से भंग नही होता।

अल्प बेरोजगारी का अर्थ, मतलब व परिभाषा | Alp Berojgari Meaning in Hindi

जब किसी व्यक्ति को सरकारी नियमों के अनुसार वर्ष के पूर्ण समय तक रोजगार प्राप्त नहीं होता तो उस व्यक्ति को अल्प बेरोजगार कहा जाता है और इस प्रकार की बेरोजगारी को अल्प बेरोजगारी कहा जाता है। उदाहरण के तौर पर मौजूदा समय में भारत सरकार द्वारा दी गई आधिकारिक परिभाषा के अनुसार के अनुसार किसी भी व्यक्ति को "पूर्ण रोजगार प्राप्त व्यक्ति" तभी कहा जाएगा जब उसे दिन में 8 घंटे और वर्ष में 273 दिन रोजगार मिले। यदि किसी व्यक्ति को दिन में 8 घंटे और वर्ष में 273 दिनों तक रोजगार नहीं मिलता तो उस व्यक्ति को अल्प बेरोजगार कहा जाता है और इस प्रकार की बेरोजगारी अल्प बेरोजगारी के नाम से जानी जाती है। इसे अल्प बेरोजगारी इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह बेरोजगारी पूरे वर्ष न रहकर कुछ दिन, हफ्ते या महीने के लिए ही रहती है।

जेंडर डिस्क्रिमिनेशन का अर्थ, मतलब व परिभाषा | Gender Discrimination Meaning in Hindi

जेंडर डिस्क्रिमिनेशन मूल रूप से अंग्रेजी भाषा का शब्द है जो अंग्रेजी के दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है। इसमें जेंडर का अर्थ होता है "लिंग" तथा डिस्क्रिमिनेशन का अर्थ होता है "भेदभाव" इस प्रकार लिंग के आधार पर भेदभाव करना ही जेंडर डिस्क्रिमिनेशन कहलाता है। उदाहरण के तौर पर यदि महिलाओं या पुरुषों में से किसी एक वर्ग को विशेष सुविधाएं दी जाएं जबकि दूसरे वर्ग को पूर्ण रूप से या आंशिक रूप से उन विशेष सुविधाओं से वंचित रखा जाए; वो भी ऐसी स्थिति में जबकि दोनों वर्गों को उस सुविधा की आवश्यकता हो तो इसे जेंडर डिस्क्रिमिनेशन या जेंडर इनइक्वलिटी कहा जाता है।

जेंडर डिस्क्रिमिनेशन के बहुत से उदाहरण हमारे अपने देश भारत में भी देखे जा सकते हैं जैसे कि कुछ धार्मिक स्थलों पर महिलाओं को जाने की अनुमति नही दी जाती या फिर इसके विपरीत कुछ विशेष सुविधाएं जो सरकार द्वारा केवल महिलाओं को दी जाती है; इन दोनों ही स्थितियों में जेंडर डिस्क्रिमिनेशन दिखाई देता है। तो इस तरह से हम दोनों जेंडर के साथ डिस्क्रिमिनेशन देख सकते हैं। हालांकि हमें यह मानना होगा कि भारत सहित लगभग दुनिया के सभी देशों में जेंडर डिस्क्रिमिनेशन के आधार पर महिलाओं के साथ भेदभाव अधिक होता है।

कार्य शक्ति का अर्थ, मतलब व परिभाषा | Karya Shakti Meaning in Hindi

भारत देश के सापेक्ष में कार्य शक्ति 15 वर्ष से अधिक और 64 वर्ष से कम आयु वर्ग की उस जनसंख्या को कहा जाता है जिसे रोजगार प्राप्त है। 15 वर्ष से अधिक और 64 वर्ष से कम जनसंख्या की कुल संख्या को "श्रम शक्ति" के नाम से जाना जाता है। इस "श्रम शक्ति" में से यदि बेरोजगारों की संख्या को घटा दिया जाए तो हमें केवल रोजगार व्यक्तियों की संख्या ज्ञात होगी और रोजगार व्यक्तियों की इस कुल संख्या को ही "कार्य शक्ति" कहा जाता है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी देश के पास 100 श्रम शक्ति है उसमें से 20 व्यक्ति बेरोजगार हैं तो उस देश की कार्य शक्ति होगी 80 व्यक्ति।

श्रम शक्ति का अर्थ, मतलब व परिभाषा | Shram Shakti Meaning in Hindi

भारत के सापेक्ष में श्रम शक्ति जनसंख्या के उस भाग को कहा जाता है जिसकी आयु 15 वर्ष से अधिक और 64 वर्ष से कम है। इस आयु वर्ग को श्रम शक्ति इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह आयु वर्ग कार्य करने में सक्षम होता है और उत्पादन कर सकता है। श्रम शक्ति में रोजगार और बेरोजगार दोनों को गिना जाता है चाहे व्यक्ति को काम मिला हो या ना मिला हो तब भी उसकी परिभाषा श्रम शक्ति की रहती है क्योंकि आवश्यकता पड़ने पर उससे काम करवाया जा सकता है। किसी देश का यह आयु वर्ग उस देश की श्रम शक्ति कहलाता है।

गैर कार्यशील जनसंख्या का अर्थ, मतलब व परिभाषा | Gair Karyasheel Jansankhya Meaning in Hindi

भारत देश के सापेक्ष में गैर कार्यशील जनसंख्या उन व्यक्तियों (महिला तथा पुरुष दोनों) की कुल संख्या को कहा जाता है जिनकी आयु 15 वर्ष से कम और 64 वर्ष से अधिक है। 15 वर्ष से कम आयु की जनसंख्या को बच्चों में गिना जाता है और 64 वर्ष से अधिक आयु की जनसंख्या को वृद्धों में गिना जाता है ये दोनों समूह कार्य करने में सक्षम नही होते जिस कारण इन दोनों को श्रम शक्ति में नहीं बदला जा सकता। श्रम शक्ति में न बदले जा सकने के कारण जनसंख्या के इन दोनों समूहों को गैर कार्यशील जनसंख्या कहा जाता है।

कार्यशील जनसंख्या का अर्थ, मतलब व परिभाषा | Karyasheel Jansankhya Meaning in Hindi

भारत देश के सापेक्ष में कार्यशील जनसंख्या उन व्यक्तियों (महिला व पुरुष दोनों) की कुल संख्या को कहा जाता है जिनकी आयु 15 वर्ष से अधिक और 64 वर्ष से कम है। इस आयु के मध्य पड़ने वाली जनसंख्या को कार्यशील जनसंख्या इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह जनसंख्या काम करने हेतु सक्षम होती है और इसे श्रमशक्ति में बदला जा सकता है। जबकि 15 वर्ष से कम आयु की जनसंख्या बच्चों में गिनी जाती है और 64 वर्ष से अधिक आयु की जनसंख्या वृद्धों में गिनी जाती हैं। इन दोनों आयु के लोग कार्य करने में सक्षम नहीं होते जिस कारण इन्हें श्रम शक्ति में नहीं बदला जा सकता है और इस जनसंख्या को गैर-कार्यशील जनसंख्या कहा जाता है।

शिक्षित बेरोजगारी का अर्थ, मतलब व परिभाषा | Shikshit Berojgari Meaning in Hindi

आज के समय में रोजगार पाने के लिए शिक्षित होना आवश्यक है लेकिन यदि कोई व्यक्ति शिक्षित होता है और उसके बाद भी उसे रोजगार नहीं मिल पाता तो उस व्यक्ति को शिक्षित बेरोजगार कहा जाता है और इस प्रकार युवाओं के शिक्षित होने के बावजूद भी उत्पन्न बेरोजगारी को शिक्षित बेरोजगारी कहा जाता है।

घर्षनात्मक बेरोजगारी का अर्थ, मतलब व परिभाषा | Ghrashnatamak Berojgari Meaning in Hindi

जब कोई व्यक्ति एक कार्य को छोड़कर दूसरा कार्य शुरु करता है या एक नौकरी को छोड़ कर दूसरी नौकरी प्राप्त करता है तो कुछ समय के लिए वह बेरोजगार हो जाता है इस प्रकार कुछ समय के लिए उत्पन्न हुई बेरोजगारी को घर्षनात्मक बेरोजगारी के नाम से जाना जाता है। यह बेरोजगारी मूल रूप से विकसित देशों में पाई जाती है जहां पर छँटाई के चलते लोगों को नौकरी से निकाल दिया जाता है जिस वजह से वे एक नौकरी छोड़ दूसरी नौकरी में चले जाते हैं या फिर मांग कम होने के कारण वे अपना व्यापार बदल लेते हैं जिस कारण वे कुछ दिनों के लिए बेरोजगार हो जाते हैं जब तक कि उनके नए व्यापार से या उनकी नई नौकरी से आमदनी आनी शुरू नहीं हो जाती। इस प्रकार व्यापार या नौकरी बदलने के कारण कुछ समय के लिए उतपन्न हुई बेरोजगारी को घर्षनात्मक बेरोजगारी कहा जाता है।

खुली बेरोजगारी का अर्थ, मतलब व परिभाषा | Khuli Berojgari Meaning in Hindi

खुली बेरोजगारी को अनैच्छिक बेरोजगारी के नाम से भी जाना जाता है यह बेरोजगारी का सबसे प्रचलित रूप है। खुली बेरोजगारी उसे कहा जाता है जब कोई व्यक्ति बाजार में प्रचलित मजदूरी की दरों पर काम करना चाहता है लेकिन उसे काम नहीं मिल पाता। इस प्रकार की बेरोजगारी खुली बेरोजगारी कहलाती है और इस बेरोजगारी को हम अपने देश भारत में भी रोजाना देख सकते हैं जहां पर सैकड़ों की संख्या में मजदूर काम की प्रतीक्षा में बैठे होते हैं लेकिन कोई कार्य न मिल पाने के कारण वे कई-कई दिनों तक बेरोजगार बने रहते हैं। यहां पर मजदूरों में कार्य करने की योग्यता व क्षमता भी है और उनकी इच्छा भी है लेकिन उन्हें कार्य नहीं मिल पा रहा है जिस कारण वे अपनी इच्छा के विरुद्ध बेरोजगार बैठे हैं इसी कारण इस बेरोजगारी को अनैच्छिक बेरोजगारी के नाम से भी जाना जाता है।

ऐच्छिक बेरोजगारी का अर्थ, मतलब व परिभाषा | Aichhik Berojgari Meaning in Hindi

यदि कोई व्यक्ति बाजार में प्रचलित मजदूरी की दरों पर काम करने को तैयार नहीं है और उन मजदूरी की दरों से अधिक पैसे की मांग कर रहा है जिस कारण उसे रोजगार नहीं मिल पा रहा है तो ऐसे बेरोजगार व्यक्ति को ऐच्छिक बेरोजगार कहा जाता है और इस प्रकार की बेरोजगारी ऐच्छिक बेरोजगारी कहलाती है। क्योंकि यहां पर वह व्यक्ति अपनी इच्छा से बेरोजगार है और अधिक मजदूरी नहीं मिलने के कारण स्वयं बेरोजगार रहना चाहता है इसी कारण उसकी बेरोजगारी को ऐच्छिक बेरोजगारी कहा जाता है।

छिपी बेरोजगारी का अर्थ, मतलब व परिभाषा | Chhipi Berojgari Meaning in Hindi

ऐसी बेरोजगारी जो समक्ष दिखाई नहीं देती को छिपी हुई बेरोजगारी कहते हैं। ऐसी बेरोजगारी मुख्य रूप से कृषि से जुड़े क्षेत्रों में पाई जाती है। जहां पर आवश्यकता से अधिक लोग कार्य में लगे होते हैं। मान लीजिए किसी कार्य के लिए केवल पांच व्यक्तियों की आवश्यकता है लेकिन वहां पर 10 व्यक्ति कार्य कर रहे हैं और उनमें से यदि 5 व्यक्तियों को निकाल भी दिया जाए तो भी उत्पादन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता तो वे जो पांच व्यक्ति अतिरिक्त लगे हुए हैं वे छिपे हुए बेरोजगार कहलाते हैं और इस प्रकार की बेरोजगारी को छिपी हुई बेरोजगारी कहा जाता है। छिपी बेरोजगारी मुख्य रूप से कृषि से सबंधित क्षेत्रों में पाई जाती है। कृषि क्षेत्रों में जहां पर 10 व्यक्तियों की आवश्यकता होती है वहां पर 15 से 20 व्यक्ति कार्य कर रहे होते हैं यदि उन अतिरिक्त व्यक्तियों को निकाल भी दिया जाए तो भी कृषि के उत्पादन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। इस प्रकार के अतिरिक्त व्यक्तियों को छिपे हुए बेरोजगार कहा जाता है और इस प्रकार की बेरोजगारी छिपी बेरोजगारी कहलाती है।

चक्रीय बेरोजगारी का अर्थ, मतलब व परिभाषा | Chakriya Berojgari Meaning in Hindi

ऐसी बेरोजगारी जो मांग के चक्र के कारण उत्पन्न होती है को चक्रीय बेरोजगारी कहा जाता है। जैसे यदि किसी क्षेत्र विशेष में अचानक से किसी वस्तु की मांग घट जाती है तो ऐसी स्थिति में उस वस्तु की सप्लाई को भी कम करना पड़ता है और साथ ही उस वस्तु का उत्पादन भी घटाया जाता है। उत्पादन घटने की वजह से जो लोग उसे क्षेत्र में कार्य कर रहे होते हैं उनकी आवश्यकता कम हो जाती है। जिस कारण उत्पादनकर्ता द्वारा कर्मियों की छँटाई शुरू कर दी जाती है। छँटाई करने के बाद कुछ लोगों को काम से निकालना पड़ता है। जिन लोगों को काम से निकाला जाता है वे बेरोजगार हो जाते हैं। इस प्रकार मांग में कमी के कारण उत्पन्न हुई इस बेरोजगारी को चक्रीय बेरोजगारी कहा जाता है जो मुख्य रूप से विकसित देशों में पाई जाती है।

प्रच्छन्न बेरोजगारी का अर्थ, मतलब व परिभाषा | Prachhann Berojgari Meaning in Hindi

जब किसी कार्य में आवश्यकता से अधिक लोग लगे हो तो उनमें से कुछ लोगों को यदि काम से निकाल दिया जाए तो भी उत्पादन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता इस प्रकार के अनावश्यक लोगों को छिपे हुए बेरोजगार या अदृश्य बेरोजगार कहा जाता है और इस प्रकार की बेरोजगारी को छिपी हुई/ अदृश्य या प्रच्छन्न बेरोजगारी के नाम से जाना जाता है। उदाहरण के तौर पर कृषि संबंधित क्षेत्रों को लिया जा सकता है जहां पर आवश्यकता से अधिक लोग कार्य कर रहे होते हैं। कृषि क्षेत्रों में जहां 10 लोगों की आवश्यकता होती है वहां पर 15 लोग कार्य कर रहे होते हैं इन 15 लोगों में से यदि 05 लोगों को निकाल भी दिया जाए तो भी कृषि के उत्पादन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। इस प्रकार वे पांच व्यक्ति छिपे हुए/ अदृश्य या प्रच्छन्न बेरोजगार हैं और उनकी बेरोजगारी को प्रच्छन्न बेरोजगारी कहा जाता है।

मौसमी बेरोजगारी का अर्थ, मतलब व परिभाषा | Mausmi Berojgari Meaning in Hindi

ऐसी बेरोजगारी जो मौसम के आधार पर उत्पन्न होती है; को मौसमी बेरोजगारी कहा जाता है। उदाहरण के तौर पर कुछ कार्य ऐसे होते हैं जो किसी विशेष मौसम में चलते हैं और उस विशेष मौसम में उस कार्य से जुड़े लोगों को रोजगार मिल जाता है। जैसे गर्मियों के मौसम में कूलर, पंखे इत्यादि से जुड़ा कार्य चलता है जबकि सर्दियों में यह कार्य समाप्त हो जाता है। इस कारण इस क्षेत्र से जुड़े लोगों को गर्मियों में तो काम मिल जाता है लेकिन वे सर्दियों में बेरोजगार हो जाते हैं। इस प्रकार मौसम के बदलाव के चलते जो बेरोजगारी उत्पन्न होती है उसे मौसमी बेरोजगारी कहा जाता है।

मौसमी बेरोजगारी मूल रूप से कृषि, सब्जी या फलों से संबंधित व्यापार में आती है क्योंकि सब्जी, फलों और फसलों को उगाने का एक विशेष मौसम होता है जिस कारण वे उसी विशेष मौसम में उगाई जा सकती हैं। यदि मौजूदा मौसम उन फलों, सब्जियों या फसलों के अनुरूप नहीं है तो उस क्षेत्र से जुड़े लोग बेरोजगार हो जाते हैं। इस प्रकार के बेरोजगारों को मौसमी बेरोजगार कहा जाता है और इस तरह मौसम के बदलाव के चलते उत्पन्न हुई बेरोजगारी को मौसमी बेरोजगारी कहा जाता है।

सरंचनात्मक बेरोजगारी का अर्थ, मतलब व परिभाषा | Saranchnatmak Berojgari Meaning in Hindi

ऐसी बेरोजगारी जो उद्योगों में हो रहे परिवर्तन के चलते पैदा होती है उस बेरोजगारी को सरंचनात्मक बेरोजगारी कहा जाता है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी उद्योग में लेखा-जोखा बनाने के लिए 10 व्यक्ति कार्य कर रहे हैं और वहां पर कंप्यूटर स्थापित कर दिए जाते हैं तो कंप्यूटर उन व्यक्तियों के स्थान पर अधिक काम करना शुरू कर देगा जिस वजह से उन व्यक्तियों में से कुछ व्यक्तियों को नौकरी से निकालना पड़ेगा क्योंकि उनकी आवश्यकता नहीं रहेगी। फल स्वरुप निकाले गए व्यक्ति बेरोजगार हो जाएंगे। इस प्रकार से उत्पन्न हुई बेरोजगारी को संरचनात्मक बेरोजगारी (Structural Unemployment) कहा जाता है।

बेरोजगार का अर्थ, मतलब व परिभाषा | Berojgar Meaning in Hindi

भारत देश के सापेक्ष में आधिकारिक परिभाषा के अनुसार "15 वर्ष से अधिक और 64 वर्ष से कम आयु का वह व्यक्ति जिसे योग्यता, क्षमता और कार्य करने की इच्छा रखते हुए भी कार्य न मिल पा रहा हो; को बेरोजगार कहा जाता है।

बेरोजगार व्यक्ति की परिभाषा सभी देशों में अलग-अलग होती है उदाहरण के तौर पर अमेरिका में उस व्यक्ति को भी बेरोजगार कहा जाता है जिसे कार्य तो मिला है लेकिन वह कार्य उसकी योग्यता के अनुसार नहीं है।

बेरोजगारी का अर्थ, मतलब व परिभाषा | Berojgari Meaning in Hindi

जब किसी व्यक्ति में योग्यता, क्षमता और कार्य करने की इच्छा होते हुए भी उसे कार्य न मिले तो ऐसी स्थिति को बेरोजगारी कहा जाता है। उपरोक्त शर्तों को पूरा करने वाले व्यक्ति को बेरोजगार तभी कहा जाएगा जब उसकी आयु 15 वर्ष से अधिक और 64 वर्ष से कम होगी।

क्योंकि 0 से 15 वर्ष तक के बालकों और 64 वर्ष से अधिक उम्र के वृद्धों को देश के श्रमबल में नही गिना जाता।

बेरोजगारी की परिभाषा देशों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है जैसे अमेरिका में ऐसे व्यक्ति को भी बेरोजगार माना जाता है जो कार्य तो कर रहा है लेकिन उसे अपनी योग्यता के अनुसार कार्य नही मिला है।

टाइम कैप्सूल का अर्थ | Time Capsule Meaning in Hindi

हाल ही में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा राम मंदिर की नींव रखने से पूर्व 2000 फीट नीचे नीचे टाइम कैप्सूल रख जाने का निर्णय लिया ग...