अदीब का अर्थ | Adeeb Meaning in Hindi

अदीब एक उर्दू का शब्द होने ज साथ-साथ एक नाम भी है। अदीब का हिंदी में अर्थ होता है साहित्यकार या लेखक। यह शब्द "विद्वान" का पर्यायवाची भी है। इस शब्द का प्रयोग कर उर्दू के बड़े शब्द व शायरी की पंक्तियां बनाई जाती हैं। जैसे उदाहरण के तौर पर यह शायरी लीजिए "जो लोग खुद को हमेशा समझते हैं अदीब... वो जीवन में कभी आगे बढ़ते नही हैं..." यहां अदीब का मतलब विद्वान से है। वहीं एक शब्द है "अदीब ए वक्त" जिसका अर्थ होता है "वक्त का लेखक"

खाक उड़ाना मुहावरे का अर्थ | Khaak Udana Meaning in Hindi

मिट्टी की धूल को खाक कहा जाता है और जब हम चलते हैं तो पैरों से टकराकर धूल उड़ती है। यहीं से यह प्रचलित मुहावरा बना है। खाक उड़ाना का अर्थ होता है "व्यर्थ काम करना" या "भटकते फिरना"। इस मुहावरे का प्रयोग ऐसे व्यक्ति के लिए किया जाता है जो बिना किसी काम धाम के घुमक्कड़ों की तरह फिरता रहता है और अपना समय नष्ट करता है।

उदाहरण : कोई काम धंधा शुरू कर लो क्यों पूरा दिन खाक उड़ाते फिरते हो।

कौड़ी का तीन होना मुहावरे का अर्थ | Kaudi Ka Teen Hona Meaning in Hindi

इस मुहावरे को समझने से पहले आपको समझना होगा कि कौड़ी क्या होती है दरअसल छोटे-छोटे समुंद्री जीवों की रक्षा के लिए उनके ऊपर हड्डी की एक शैल बनी होती है जो देखने में सूक्ष्म शंख जैसी प्रतीत होती है। पुराने समय में इस शैल को रुपए के सबसे छोटे भाग के रूप में प्रयोग किया जाता था और इसे कौड़ी कहा जाता था। उस समय कौड़ी से सबंधित बहुत से मुहावरे बने जैसे फूटी कौड़ी का न होना (अर्थात बेकार होना) इत्यादि। इसी प्रकार का एक मुहावरा है "कौड़ी का तीन होना" अर्थात "बहुत सस्ता होना"

एक कौड़ी में यदि तीन वस्तुएँ मिल रही हैं तो समझो वे बेहद सस्ती हैं इसलिए उन्हें दीनहीन व्यक्ति जिसके पास कुछ न हो और जो किसी लायक न हो कि लिए एक कटाक्ष के रूप में प्रयोग किया जाने लगा। वहीं से इस मुहावरे का जन्म हुआ।

उदाहरण : तुम्हारे साथ व्यापार करूँगा तो मैं भी कौड़ी का तीन हो जाऊंगा।

कोहराम मचाना मुहावरे का अर्थ | Kohram Machana Meaning in Hindi

कोहराम मचाना एक प्रचलित मुहावरा है जिसका हिंदी में अर्थ होता है "हो हल्ला मचाना या अशांति फैलाना" पुराने समय में एक राज्य दूसरे राज्य को हड़पने के लिए उस पर अचानक हमला कर देता था जिससे वहां के लोगों में अराजकता फैल जाती व मार काट होने लगती। इसके चलते लोग इधर उधर भागने लगते और वहां कोहराम मच जाता। इस प्रकार किसी स्थान को अशांत कर देना और वहां पर तबाही मचा देने पर वहां के लोगों का चीख पुकार करना कोहराम की स्थिति कहलाता है।

उदाहरण : चंगेज खान जिस भी राज्य में जाता कोहराम मचा देता था।

डॉ. मनमोहन सिंह के तीन सुझाव

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री व दिग्गज अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह ने हाल ही में बीबीसी से ईमेल के जरिए बातचीत की; जिसमें उन्होंने कोरोना के क...