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भीड़तंत्र का अर्थ | Mobocracy Meaning in Hindi

भीड़तंत्र एक ऐसा तंत्र होता है जिसमें भीड़ का शासन चलता है और क्योंकि भीड़ का कोई चेहरा नही होता इसलिए यह तंत्र न्याय को सीधी आँख दिखाता है। कोई उग्र भीड़ आकर किसी निर्दोष की जान ले ले भला इससे भयंकर दृश्य किसी सभ्य समाज के लिए और क्या हो सकता है।

सभ्य समाज से यहाँ तातपर्य ऐसे समाज से है जहाँ लोग मिलजुलकर संपूर्ण मानवता की प्रगति के लिए कार्य कर रहे हों। जहाँ नियमों का पालन होता हो, न्याय का दरवाजा खुला हो, कानून को सरेआम चुनौती ना दी जाती हो, डर का माहौल ना हो, महिलाओं सहित सभी वर्ग सुरक्षित महसूस करें ऐसे सभ्य समाज की संकल्पना करने के पश्चात ही संविधान निर्माताओं ने भारत के संविधान में लोकतंत्र व गणतंत्र की व्यवस्था की थी।

लेकिन भीड़तंत्र इन दोनों से अलग है वो किसी नियम कानून को नही मानता खुद की कानूनी किताब में खुद की ही परिभाषाएँ बनाता और मिटाता है, वो किसी पर केस चलाने में समय व्यर्थ नहीं करना चाहता सीधा फैसला सुनाता है; फैसला भी ये कि किसी निर्दोष को अधमरा करके छोड़ना है या उसके प्राण त्यागने तक उसे सजा देते रहना है।

भीड़तंत्र किसी भी देश की सुरक्षा व शांति में सबसे बड़ा दैत्य बन सकता है इसलिए यदि हमें कहीं पर भीड़ का उग्र रूप दिखे तो उसका साथ देने की बजाए उसे शांत करने की कोशिश करनी चाहिए। उचित शिक्षा व ज्ञान के माध्यम से उग्र भीड़ द्वारा की जाने वाली मोब लिंचिंग को हम रोक सकते हैं।

किसी भी लोकतंत्र में लोगों का शासन होना चाहिए। देश से जुड़े छोटे से छोटे फैसले में भी सभी लोगों का प्रतिनिधित्व साफ झलकना चाहिए। न्यायिक प्रक्रियाएं स्वतंत्र व पारदर्शी होनी चाहिए। देश का प्रत्येक नागरिक, समाज का प्रत्येक वर्ग सुरक्षित महसूस करे ऐसा माहौल होना चाहिए तभी हम कहेंगे कि हम एक सभ्य समाज में रह रहे हैं।

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