सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

बिनोद का अर्थ | BINOD Meaning in Hindi

विनोद का शाब्दिक अर्थ होता है "हैप्पीनेस" (खुशी)

हाल ही में दुनिया भर की मुख्य खबरों के बीच एक हास्य शब्द सुर्खियों में छा गया। एक तरफ जहां धार्मिक राष्ट्रवाद का मुद्दा मुखर है (जिस पर आधारित अगली वीडियो आने वाली है) तो वहीं हमारे मिलेनियल्स हास्य-व्यंग्य में मदमस्त हैं। मौजूदा समय में BINOD शब्द ट्रेंड कर रहा है। ट्रेंड करने का मतलब इंटरनेट पर हर जगह इसी शब्द के बारे में बात की जा रही है। ट्विटर जिसे राजनीति का ऑनलाइन युद्ध क्षेत्र माना जाता है वहां पिछले कुछ दिनों से BINOD शब्द ट्रेंड में बना हुआ है; जबकि इस शब्द का कोई लॉजिक नही है। तो इस आर्टिकल में हम जानने का प्रयास करेंगे कि क्यों अचानक से ऐसे अजीबोगरीब शब्द इंटरनेट पर ट्रेंड करने लगते हैं जिनका कोई औचित्य ही नही होता।

दरअसल इंटरनेट की सार्वजनिक उपलब्धता ने दो दशक से भी ज्यादा का समय पार कर लिया है और इंटरनेट पर समय के साथ पेज तथा ग्रुप्स की एक ऐसी श्रृंखला तैयार हो चुकी है जो लोगों को हँसाने का काम करती है। यह श्रृंखला मीमर्स (Memers) के नाम से जानी जाती है।

मीमर्स द्वारा लोगों को हँसाने के लिए मीम्स (Memes) बनाए जाते हैं। (मीम्स एक ऐसी इमेज या वीडियो इत्यादि को कहा जाता है जिसमें कुछ हास्य प्रस्तुत करने वाले शब्द लिखे होते हैं तथा मौजूदा समय में इंटरनेट की आसान उपलब्धता के कारण ये बड़ी तेजी से फैलते हैं)

मीम्स मुख्यतः ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर बनाए जाते हैं ताकि लोगों को हँसने के लिए कुछ नया मिल सके। ज्यादातर समय यह ट्रेडिंग टॉपिक न्यूज से निकलते हैं। लेकिन कभी-कभी किसी प्रसिद्ध मीम्स पेज द्वारा स्वयं भी गढ़ लिए जाते हैं।

BINOD शब्द भी इसी तरह का एक ट्रेंडिंग मीम है जिसे मिलेनियल फ्रेंडली यूट्यूब चैनल द्वारा उस समय गढ़ा गया जब Binod Tharu नाम के यूट्यूब यूजर ने कोई वैल्यूएबल कमेंट करने की बजाए अपना ही नाम BINOD लिख कर कमेंट कर दिया; जिसका कोई लॉजिक नही बना। जिसके बाद मीमर्स की श्रृंखला ने इसे हाथों हाथ लिया और BINOD शब्द का इस्तेमाल कर तरह-तरह के व्यंग्य तैयार करने शुरू के दिए जिसके बाद यह शब्द अचानक से ट्विटर पर ट्रेंड करने लगा।

मीमर्स मुख्य रूप से मिलेनियल्स तथा सेंटेलियन्स के लिए कंटेंट्स बनाते हैं।

मिलेनियल्स उन लोगों को कहा जाता है जो 21 वीं शताब्दी की शुरुआत में युवा अवस्था में पहुँचे हैं; अर्थात जिनका जन्म 1981 से 1996 के मध्य हुआ है। इन्हें जनरेशन Y के नाम से भी जाना जाता है। इस जनरेशन ने इंटरनेट को बनते हुए देखा है तथा ये इंटरनेट से पहले की दुनिया तथा बाद कि दुनिया दोनों से वाकिफ हैं।

वहीं सेंटेलियन्स उन लोगों को कहा जाता है जो 21 वीं शताब्दी के दूसरे दशक में युवा हुए हैं; अर्थात जिनका जन्म 1995 से 2015 के मध्य हुआ है। ये बचपन से ही इंटरनेट के संपर्क में रहे हैं जिस कारण इंटरनेट को अपने जीवन का अटूट हिस्सा मानते हैं लेकिन इंटरनेट से पहले के जीवन के बारे में ज्यादा जानकारी नही रखते। इन्हें जनरेशन Z के नाम से जाना जाता है।

इस प्रकार इंटरनेट की आसान उपलब्धता, इसके उपयोगकर्ताओं की बड़ी संख्या, मीमर्स द्वारा नए कंटेंट की खोज तथा हास्य व्यंग्य करने का नया चलन; इन सब के चलते हमें बहुत बार अजीबोगरीब शब्द ट्रेंड करते दिखाई देते हैं।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

आमी तोमाके भालोबाशी का अर्थ - Ami Tomake Bhalobashi Meaning in Hindi

* आमी तोमाके भालोबाशी बंगाली भाषा का शब्द है। * इसका हिंदी में अर्थ होता है "मैं तुमसे प्यार करता/ करती हूँ। * इस शब्द का प्रयोग हिंदी फिल्मों और गानों में बंगाली टच देने के लिए किया जाता है। * आमी तोमाके भालोबाशी में "तोमाके" का अर्थ होता है "तुमको" इसे "तोमे" के साथ भी बोला जा सकता है अर्थात "आमी तोमे भालोबाशी" का अर्थ भी "मैं तुमसे प्यार करता हूँ" ही होता है। * अपने से उम्र में बड़े व्यक्ति जैसे माता-पिता को बंगाली में यह शब्द कहते हुए "तोमाके" शब्द को "अपनके" बोला जाता है जैसे : आमी अपनके भालोबासी" * अंग्रेजी में इसका अर्थ आई लव यू होता है। * अगर बोलना हो कि "मैं तुमसे (बहुत) प्यार करता हूँ" तो कहा जाएगा "आमी तोमाके खूब भालोबाशी" * वहीं अगर बोलना हो " तुम जानती हो मैं तुमसे प्यार करता हूँ" तो कहा जाएगा "तुमी जानो; आमी तोमाके भालोबाशी"

जिहाल-ए-मिस्कीं मकुन बरंजिश का अर्थ | Zihale-E-Miskin Mukun Ba Ranjish Meaning in Hindi

"जिहाल-ए -मिस्कीन मकुन बरंजिश" पंक्ति हिंदी फिल्म गुलामी में गए गए गीत के चलते प्रचलित हुई है। यह गीत प्रसिद्ध कवि अमीर ख़ुसरो द्वारा रचित फ़ारसी व बृजभाषा के मिलन से बनी कविता से प्रेरित है। यह कविता मूल रूप में इस प्रकार है। ज़िहाल-ए मिस्कीं मकुन तगाफ़ुल, दुराये नैना बनाये बतियां... कि ताब-ए-हिजरां नदारम ऐ जान, न लेहो काहे लगाये छतियां... इस मूल कविता का अर्थ है : आँखे फेरके और बातें बनाके मेरी बेबसी को नजरअंदाज (तगाफ़ुल) मत कर... हिज्र (जुदाई) की ताब (तपन) से जान नदारम (निकल रही) है तुम मुझे अपने सीने से क्यों नही लगाते... इस कविता को गाने की शक्ल में कुछ यूँ लिखा गया है : जिहाल-ए -मिस्कीं मकुन बरंजिश , बेहाल-ए -हिजरा बेचारा दिल है... सुनाई देती है जिसकी धड़कन , तुम्हारा दिल या हमारा दिल है... इस गाने की पहली दो पंक्तियों का अर्थ है : मेरे दिल का थोड़ा ध्यान करो इससे रंजिश (नाराजगी) न रखो इस बेचारे ने अभी बिछड़ने का दुख सहा है...

करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान दोहे का अर्थ Karat Karat Abhyas Ke Jadmati Hot Sujan Doha Meaning in Hindi

करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान मध्यकालीन युग में कवि वृंद द्वारा रचित एक दोहा है यह पूर्ण दोहा इस प्रकार है "करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान; रसरी आवत जात ते सिल पर परत निसान" इस दोहे का अर्थ है कि निरंतर अभ्यास करने से कोई भी अकुशल व्यक्ति कुशल बन सकता है यानी कि कोई भी व्यक्ति अपने अंदर किसी भी प्रकार की कुशलता का निर्माण कर सकता है यदि वह लगातार परिश्रम करे। इसके लिए कवि ने कुए की उस रस्सी का उदाहरण दिया है जिस पर बाल्टी को बांध कर कुए से पानी निकाला जाता है। बार-बार पानी भरने के कारण वह रस्सी कुए के किनारे पर बने पत्थर पर घिसती है तथा बार-बार घिसने के कारण वह कोमल रस्सी उस पत्थर पर निशान डाल देती है क्योंकि पानी भरने की प्रक्रिया बार बार दोहराई जाती है इसलिए वह रस्सी पत्थर निशान डालने में सफल हो जाती है। यही इस दोहे का मूल है इसमें यही कहा गया है कि बार-बार किसी कार्य को करने से या कोई अभ्यास लगातार करने से अयोग्य से अयोग्य व मूर्ख से मूर्ख व्यक्ति भी कुशल हो जाता है। इसलिए व्यक्ति को कभी भी अभ्यास करना नहीं छोड़ना चाहिए। इस दोहे के लिए अंग्रेजी में एक वाक्य प्रय