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राजनीतिक मानचित्र का अर्थ | Political Map Meaning in Hindi

हाल ही में पाकिस्तान ने अपना नया पॉलिटिकल मैप (राजनीतिक मानचित्र) जारी किया है जिसमें उसने पूरे जम्मू कश्मीर तथा गुजरात के जूनागढ़ को अपना हिस्सा बताया है और कहा कि वो अपने विद्यालयों में इसी नए मैप पर आधारित पाठ्यक्रम पढ़ाएगा। भारत ने इस पॉलिटिकल मैप को "राजनीतिक मूर्खता" करार देते हुए कहा है कि इस तरह के 'हास्यास्पद अभिकथनों' की न तो कानूनी वैधता है और न ही कोई अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता। बल्कि इस कदम से पाकिस्तान के मन में आंतकवाद के जरिए खुद का क्षेत्र बढ़ाने की जो सनक है वो सामने आती है। तो इन सब प्रतिक्रियाओं के बीच एक प्रश्न जो हमारे सामने आता है वो ये है कि पॉलिटिकल मैप आखिर होता क्या है जिसे कोई भी देश अपने मन मुताबिक बना कर जारी कर देता है तथा कैसे यह मैप अन्य मैप्स से भिन्न होता है आइए जानने की कोशिश करते हैं।

दरअसल मैप्स (मानचित्र) मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं पॉलिटिकल मैप (राजनीतिक मानचित्र) और फिजिकल मैप (भौतिक मानचित्र)

पहले बात करते हैं पॉलिटिकल मैप की : वे मानचित्र जिनमें गांवों शहरों, राज्यों, प्रान्तों और विश्व के विभिन्न देशों तथा उनके बीच की सीमाओं को दर्शाया गया हो; ऐसे मानचित्रों को पॉलिटिकल मैप (राजनीतिक मानचित्र) कहा जाता है। इनमें आमतौर पर पानी के महत्वपूर्ण स्त्रोत भी शामिल होते हैं। इन मानचित्रों में दो राष्ट्रों के बीच अंतर व इनकी सीमा स्पष्ट करने के लिए अलग-अलग रंगों का प्रयोग किया जाता है।

वहीं वे मानचित्र जिनमें पृथ्वी की आकृतियों के बारे में जानकारी दी गई होती है जैसे कि रेगिस्तान, पहाड़, पठार, नदियां, महासागर, मैदान इत्यादि; ऐसे मानचित्रों को फिजिकल मैप (भौतिक मानचित्र) कहा जाता है।

इसके अलावा आपको मानचित्र के एक अन्य प्रकार के बारे में पता होना चाहिए; इन मानचित्रों में किस विशेष थीम के बारे में जानकारी दी गई होती है। जैसे कि सड़कों का जाल, स्थानों के अनुसार वर्षा, क्षेत्रों के अनुसार वनों की सघनता, व उद्योगों की स्थिति इत्यादि। इन मानचित्रों कोे थिमैटिक मानचित्र कहा जाता है।

ज्ञात रहे कि भारत ने जम्मू कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश घोषित कर एक अपडेटेड पॉलिटिकल मैप जारी किया था। जिसमें पड़ोसी देशों के साथ किसी प्रकार का अवैध सीमा बदलाव शामिल नही था। लेकिन इसके कुछ दिनों बाद पड़ोसी देश नेपाल ने कालापानी सहित आसपास के कुछ क्षेत्र को विवादित बताते हुए इसे अपनी भूमि का हिस्सा बताया और नया पॉलिटिकल मैप जारी कर दिया। ठीक ऐसा ही अब पाकिस्तान ने किया है। हालांकि इस प्रकार से पॉलिटकल मैप जारी कर देने से किसी अन्य देश की जमीन अपनी नही हो जाती।

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