जीरो बैलेंस एकाउंट | Zero Balance Account Meaning in Hindi

शब्द चर्चा में क्यों : हाल ही में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने सभी बचत खातों को जीरो बैलेंस फैसिलिटी से लैस कर दिया है जिसके बाद अब SBI के किसी भी बचत खाते में न्यूनतम राशि रखने की बाध्यता समाप्त हो चुकी है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के इस फैसले से 44 करोड़ से भी अधिक खाता धारकों को सीधा लाभ पहुँचा है। इसी घटनाक्रम के चलते जीरो बैलेंस एकाउंट शब्द चर्चा में आया है।

जीरो बैलेंस एकाउंट का अर्थ : जब हम किसी बैंक में बचत खाता खुलवाते हैं तो हमें बैंकिंग सुविधाओं का लाभ लेने हेतु कुछ राशि अपने खाते में जमा रखनी अनिवार्य होती है। SBI बैंक की बात की जाए तो पुराने नियमों के अनुसार SBI के मेट्रो बचत खाते में 3000, शहरी बचत खाते में 2000 और ग्रामीण क्षेत्रों के बचत खाते में 1000 रुपए रखे जाने की अनिवार्यता थी। यदि कोई खाताधारक इस राशि को बनाए रखने में सक्षम नही होता था तो उसके खाते पर पेनल्टी लगती थी जिसके कारण उसकी जमा राशि से जुर्माने का तौर पर कुछ पैसे काट लिए जाते थे। लेकिन जब कोई बैंक एक ऐसे खाते की सुविधा देता है जिसमें बैंकिंग सुविधाएं लेने के लिए कोई राशि रखने की बाध्यता नही होती तो वह बैंक ऐसे खातों को जीरो बैलेंस एकाउंट नाम देता है क्योंकि आप इन खातों से पूरे पैसे निकालने के बाद भी बैंकिंग सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं यदि आपके खाते की राशि 0.00 भी हो जाती है तो भी आपको किसी तरह का शुल्क या जुर्माना नही देना पड़ता। इस प्रकार के खातों को जीरो बैलेंस एकाउंट कहा जाता है।

आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 | Essential Commodities Act 1955 Meaning in Hindi

शब्द चर्चा में क्यों : हाल ही में कोरोना वायरस के चलते भारत सरकार ने मास्क और सैनिटाइजर को 30 जून 2020 तक आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अंतर्गत सूचिबद्ध किया है जिसके चलते आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 चर्चा में आया है।

आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 : आवश्यक वस्तु अधिनियम वर्ष 1955 में बनाया गया वह कानून है जिसके तहत रोजमर्रा की आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु आवश्यक उत्पादों एवं वस्तुओं की आपूर्ति व मूल्य को सुनिश्चित किया जाता है ताकि लोगों का सामान्य जीवन सुचारू रूप से चल सके। इस अधिनियम के अंतर्गत खाद्य उत्पाद, दवाएँ, उर्वरक, दलहन, खाद्य तेल व पेट्रोलियम पदार्थ इत्यादि आते हैं। इस अधिनियम के अंतर्गत यदि किसी वस्तु को सूचिबद्ध कर दिया जाता है तो उस वस्तु की कालाबाजारी व जमाखोरी के विरूद्ध ज्यादा कड़े कदम उठाए जाते हैं। इस अधिनयम के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति या व्यापारी सूचिबद्ध वस्तुओं की कालाबाजारी करता है तो उसे 6 महीने के लिए नजरबंद किया जा सकता है वहीं यदि इन उत्पादों की जमाखोरी की जाती है तो 7 वर्ष की जेल व जुर्माने का प्रावधान इस अधिनियम में रखा गया है। आवश्यक वस्तुओं की पूर्ति जीवन के लिए अनिवार्य होती है इसीलिए इन वस्तुओं का प्रयोग लाभ के उद्देश्य से नही किया जाना चाहिए यही बात यह अधिनयम सुनिश्चित करता है।

कालाबाजारी | Kalabazari Meaning in Hindi

शब्द चर्चा में क्यों : हाल ही में कोरोनावायरस के चलते भारत में मास्क और हैंड सैनिटाइजर की कालाबाजारी हो रही है जिसके चलते 300 रुपए की MRP वाला मास्क 1200 रुपए तक बिक रहा है वहीं 40 से 50 रुपए में मिलने वाले हैंड सैनिटाइजर 100 से 200 रुपए में बिक रहे हैं। इसी कालाबाजारी के चलते सरकार ने मास्क और हैंड सैनिटाइजर को 30 जून 2020 तक आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अंतर्गत सूचिबद्ध कर दिया है। इसी घटनाक्रम के चलते कालाबाजारी जैसे शब्द चर्चा में आए हैं।

कालाबाजारी का अर्थ : किसी अकस्मात स्थिति के चलते वस्तु-विशेष की बढ़ी हुई माँग का लाभ उठाते हुए वस्तुओं को ऊँचे दामों पर बेच कर अनुचित लाभ कमाने की प्रक्रिया कालाबाजारी कहलाती है। कालाबाजारी अमूमन ऐसी स्थिति में की जाती है जब किसी वस्तु की आपूर्ति में कमी आ रही हो। जब कोई वस्तु बाजार में आसानी से नही मिलती तो खरीदने वाले उसके लिए अधिक दाम देने को तैयार हो जाते हैं जिसके चलते उस वस्तु विशेष की कीमत को अवसरवादी व्यापारियों द्वारा बढ़ा दिया जाता है। इस तरह किसी परिस्थिति का लाभ उठाते हुए वस्तुओं के मनमाने दाम वसूलने की प्रक्रिया कालाबाजारी कहलाती है। कालाबाजारी को काली अर्थव्यवस्था या समानांतर अर्थव्यवस्था भी कहा जाता है। सरकार कालाबाजारी से निपटने के लिए नियमों को कड़ा करती है तथा उन जगहों पर रेड करती हैं जहाँ उस वस्तु की बिक्री हो रही होती है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन वस्तुओं की कितनी कीमत वसूली जा रही है। इसके अलावा उस वस्तु विशेष के उत्पादकों से बात कर उत्पादन को बढ़ाने की कोशिश भी की जाती है ताकि आपूर्ति और माँग के बीच सामंजस्य बनाया जा सके।

कोविड 19 | COVID 19 Meaning in Hindi

शब्द चर्चा में क्यों : चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ कोरोनावायरस धीरे-धीरे पूरे विश्व में फैलता जा रहा है और भारत में भी इसके कुछ मामले सामने आए हैं। कर्नाटक में 76 वर्षीय व्यक्ति के कोरोना से पीड़ित होने के बाद हुई मृत्यु के चलते देश में एक पैनिक की स्थिति बन गई है। वहीं दुनिया के अन्य देशों में भी कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं इतने व्यापक स्तर पर फैलने के चलते सभी देश सयुंक्त रूप से इसका मुकाबला करने के लिए तैयार हो रहे हैं। इसी श्रृंखला में इस बीमारी को अंतराष्ट्रीय नाम दिया गया है COVID-19

COVID-19 का अर्थ : कोविड 19 एक संक्षिप्त शब्द है इसमें CO का अर्थ है CORONA; VI का अर्थ है VIRUS और D का अर्थ है DISEASE और क्योंकि इसकी पहचान वर्ष 2019 में हुई है इसलिए इसके साथ 19 लगाया गया है। इस प्रकार COVID-19 का पूरा नाम बनता है CORONA VIRUS DISEASE 2019 (कोरोना वायरस डिजीज 2019) सभी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ जैसे कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी इस बीमारी को COVID-19 के नाम से ही मेंशन करता है।

शुरुआत व लक्षण : COVID-19 फैलने का कारण Severe Acute Respiratory Syndrome Coronavirus 2 है जिसे संक्षिप्त रूप में SARS-CoV-2 लिखा जाता है। इस वायरस का सबसे पहला मामला चीन के वुहान शहर में मिला था जिस कारण इसे वुहान कोरोनावायरस के नाम से भी जाना जाता है। इस बीमारी के सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, सूखी खांसी व सांस लेने में कठिनाई शामिल हैं। इसके अलावा बलगम, मांसपेशियों में दर्द व गले में खराश भी इसके अन्य लक्षण हो सकते हैं। कोविड-19 से ग्रसित रोगियों की मृत्यु दर 01 से 05 प्रतिशत के मध्य है। इस वायरस को माइक्रोस्कोप से देखने पर इसके चारों ओर सूर्य के कोरोना की तरह शाखाएँ निकली हुई दिखाई देती है जिस कारण इस वायरस का नाम कोरोना वायरस रखा गया है।

फैलने के कारण, बचाव व निवारण : यह वायरस खाँसने, छींकने व मुँह के बहुत नजदीक आकर साँस लेने से फैलता है आम तौर पर इसके लक्षण 02 से 14 दिन में दिखाई देते हैं। इस बीमारी की फिलहाल कोई दवा या टीका उपलब्ध नही है और संभवतः वर्ष 2021 से पहले इसके टीके व दवा का मिलना मुश्किल है इसलिए इस वायरस से बचाव ही सही कदम है। हाथों को साबुन या सैनिटाइजर से धोना, लोगों से दूरी बनाए रखना व मुँह पर मास्क पहनना इत्यादि इस वायरस से बचाव में सहायक हैं। हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने COVID-19 को वैश्विक महामारी (Pandemic) घोषित किया है।

चैनल पेजेज ट्रैफिक | Channel Pages Traffic Meaning in Hindi

जब भी आप यूट्यूब चैनल पर अपने व्यू देखते हो तो आपको ट्रैफिक सोर्स में चैनल पेजेज का विकल्प दिखाई देता है दरअसल चैनल पेजेज से आने वाली ट्रैफिक वह ट्रैफिक होती है जो किसी यूजर द्वारा आपके चैनल को स्क्रॉल करते हुए जनरेट की जाती है। उदाहरण के तौर पर जब कोई यूजर आपके चैनल पर विजिट करता है तो  वह आपकी वीडियोज को स्क्रॉल करता है और वीडियोज को स्क्रोल करते हुए जब वह किसी वीडियो पर क्लिक करता है तो उस क्लिक से आपके चैनल पर जो ट्रैफिक जनरेट होता है उसे चैनल पेजेज से आए हुए ट्रैफिक के रूप में प्रदर्शित किया जाता है और यूट्यूब इस ट्रैफिक को आपके चैनल पेजेज से आई हुई ट्रैफिक की श्रेणी में शो करता है। इन्हीं व्यूज को चैनल पेजेज ट्रैफिक कहा जाता है।

सचिवालय का अर्थ | Sachivalaya Meaning in Hindi

सचिवालय (Secretariat) राज्य प्रशासन का एक भाग है जो चुनाव में जीते मंत्रियों की नीति निर्माण करने में सहायता करता है; सचिवालय में अलग-अलग वि...