अमोनियम नाइट्रेट का अर्थ | Ammonium Nitrate Meaning in Hindi

04 अगस्त 2020 को लेबनान की राजधानी बेरूत में एक बड़ा विस्फोट हुआ। जिसमें 73 लोगों की मौत हुई तथा 4000 के करीब लोग घायल हो गए। इस हादसे के बाद लेबनान के प्रधानमंत्री की ओर से बयान आया कि यह विस्फोट बंदरगाह पर रखे 2700 टन अमोनियम नाइट्रेट में हुआ है। तो हम इस आर्टिकल में ये जानने की कोशिश करेंगे कि अमोनियम नाइट्रेट क्या होता है और यदि यह इतना खतरनाक है तो इसे एकत्रित करके क्यों रखा जाता है आइए इन सब प्रश्नों के उत्तर खोजने की कोशिश करते हैं।



दरअसल अमोनियम नाइट्रेट एक गंधहीन विस्फोटक केमिकल है जिसका प्रयोग कई कामों में होता है लेकिन मुख्य रूप से इसका इस्तेमाल केवल दो कामों में किया जाता है। पहला खेती में कृषि के लिए उर्वरकों के तौर पर तथा दूसरा खनन कार्यों में विस्फोटक के तौर पर।

अमोनियम नाइट्रेट का रासायनिक सूत्र है NH4NO3

रासायन की भाषा में समझा जाए तो अमोनियम नाइट्रेट एक अकार्बनिक यौगिक (जिनकी उत्पत्ति में जैविक क्रियाओं का योगदान न हो) है। अमोनियम नाइट्रेट साधारण ताप व दाब पर सफेद रंग के क्रिस्टलीय ठोस रूप में पाया जाता है। इसका प्रयोग कृषि में उच्च-नाइट्रोजन युक्त उर्वरक के रूप में किया जाता है।

इसके अतिरिक्त मुख्य रूप से अमोनियम नाइट्रेट का प्रयोग विस्फोटकों में ऑक्सीकारक के रूप में होता है।
 ऑक्सीकारक वो पदार्थ होते हैं जो अपनी आक्सीकरण की क्षमता के कारण दूसरे पदार्थो के इलेक्ट्रानो को खीच कर ग्रहण कर लेते हैं।

अमोनियम नाइट्रेट ANFO (अमोनियम नाइट्रेट फ्यूल ऑइल) नामक प्रसिद्ध विस्फोटक का प्रमुख घटक है। ANFO का प्रयोग आद्योगिक विस्फोटक के रूप में किया जाता है और इस विस्फोटक के निर्माण में 94% अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल होता है।

ANFO का प्रयोग कोयला खनन, उत्खनन, धातु खनन इत्यादि में व्यापक रूप से किया जाता है क्योंकि इसकी लागत कम है जो उद्योगों को आर्थिक लाभ देती है।

खनन के कार्यस्थल पर चट्टानों में छेद बनाकर उनमें ANFO को भर दिया जाता है तथा बाद में उन छेदों में विस्फोट कर खनन का कार्य पूरा किया जाता है।

उत्तरी अमेरिका में प्रयोग होने वाले कुल विस्फोटकों में 80% हिस्सेदारी ANFO की होती है।

उद्योगों में अमोनियम नाइट्रेट की आवश्यकता देखते हुए इसे एकत्रित किया जाता है लेकिन बहुत बार यह मानव निर्मित आपदाओं का कारण बन चुका है जिसका हालिया उदाहरण हमें लेबनान की राजधानी बेरूत में देखने को मिला।

अमोनियम नाइट्रेट के बड़े भंडार ऑक्सीकरण के चलते आगजनी का कारण बन सकते हैं इसका एक बड़ा उदाहरण हमने वर्ष 1947 में टेक्सास में देखा था। जहां पर आगजनी के चलते एकत्रित किए हुए 2300 टन अमोनियम नाइट्रेट में विस्फोट हो गया था जिसने आसपास के तेल भंडारों को अपनी चपेट में ले लिया तथा इस घातक आद्योगिक दुर्घटना में 581 लोग मारे गए थे।

इस हादसे ने उद्योगों को अमोनियम नाइट्रेट के भंडारण तथा देखरेख में और ज्यादा सतर्कता बरतने हेतु प्रेरित किया। इसके अलावा भी बहुत बार यह अकार्बनिक यौगिक बहुत से हादसों की वजह बन चुका है।

अमोनियम नाइट्रेट से जुड़ी घटनाओं को देखते हुए भारत में भी विस्फोटक अधिनियम 1984 के अंतर्गत आने वाले अमोनियम नाइट्रेट नियम 2012 का अनुसरण किया जाता है; जिसमें कृषि के लिए उपयोग होने वाले अमोनियम नाइट्रेट युक्त उर्वरकों में से अमोनियम नाइट्रेट को अलग किए जाने की प्रक्रिया को अवैध घोषित किया गया है।

राजनीतिक मानचित्र का अर्थ | Political Map Meaning in Hindi

हाल ही में पाकिस्तान ने अपना नया पॉलिटिकल मैप (राजनीतिक मानचित्र) जारी किया है जिसमें उसने पूरे जम्मू कश्मीर तथा गुजरात के जूनागढ़ को अपना हिस्सा बताया है और कहा कि वो अपने विद्यालयों में इसी नए मैप पर आधारित पाठ्यक्रम पढ़ाएगा। भारत ने इस पॉलिटिकल मैप को "राजनीतिक मूर्खता" करार देते हुए कहा है कि इस तरह के 'हास्यास्पद अभिकथनों' की न तो कानूनी वैधता है और न ही कोई अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता। बल्कि इस कदम से पाकिस्तान के मन में आंतकवाद के जरिए खुद का क्षेत्र बढ़ाने की जो सनक है वो सामने आती है। तो इन सब प्रतिक्रियाओं के बीच एक प्रश्न जो हमारे सामने आता है वो ये है कि पॉलिटिकल मैप आखिर होता क्या है जिसे कोई भी देश अपने मन मुताबिक बना कर जारी कर देता है तथा कैसे यह मैप अन्य मैप्स से भिन्न होता है आइए जानने की कोशिश करते हैं।

दरअसल मैप्स (मानचित्र) मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं पॉलिटिकल मैप (राजनीतिक मानचित्र) और फिजिकल मैप (भौतिक मानचित्र)

पहले बात करते हैं पॉलिटिकल मैप की : वे मानचित्र जिनमें गांवों शहरों, राज्यों, प्रान्तों और विश्व के विभिन्न देशों तथा उनके बीच की सीमाओं को दर्शाया गया हो; ऐसे मानचित्रों को पॉलिटिकल मैप (राजनीतिक मानचित्र) कहा जाता है। इनमें आमतौर पर पानी के महत्वपूर्ण स्त्रोत भी शामिल होते हैं। इन मानचित्रों में दो राष्ट्रों के बीच अंतर व इनकी सीमा स्पष्ट करने के लिए अलग-अलग रंगों का प्रयोग किया जाता है।

वहीं वे मानचित्र जिनमें पृथ्वी की आकृतियों के बारे में जानकारी दी गई होती है जैसे कि रेगिस्तान, पहाड़, पठार, नदियां, महासागर, मैदान इत्यादि; ऐसे मानचित्रों को फिजिकल मैप (भौतिक मानचित्र) कहा जाता है।

इसके अलावा आपको मानचित्र के एक अन्य प्रकार के बारे में पता होना चाहिए; इन मानचित्रों में किस विशेष थीम के बारे में जानकारी दी गई होती है। जैसे कि सड़कों का जाल, स्थानों के अनुसार वर्षा, क्षेत्रों के अनुसार वनों की सघनता, व उद्योगों की स्थिति इत्यादि। इन मानचित्रों कोे थिमैटिक मानचित्र कहा जाता है।

ज्ञात रहे कि भारत ने जम्मू कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश घोषित कर एक अपडेटेड पॉलिटिकल मैप जारी किया था। जिसमें पड़ोसी देशों के साथ किसी प्रकार का अवैध सीमा बदलाव शामिल नही था। लेकिन इसके कुछ दिनों बाद पड़ोसी देश नेपाल ने कालापानी सहित आसपास के कुछ क्षेत्र को विवादित बताते हुए इसे अपनी भूमि का हिस्सा बताया और नया पॉलिटिकल मैप जारी कर दिया। ठीक ऐसा ही अब पाकिस्तान ने किया है। हालांकि इस प्रकार से पॉलिटकल मैप जारी कर देने से किसी अन्य देश की जमीन अपनी नही हो जाती।

जेईई मेन का अर्थ | JEE Main Meaning in Hindi

JEE MAIN एक इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा है; भारत के इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन लेने के लिए राजकीय स्तर पर कई प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की ज...