एक्स वाई जेड प्लस सुरक्षा का अर्थ | X Y Z Plus Security Meaning in Hindi

Z प्लस सुरक्षा VVIPs को मिलती है जैसे कि प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति इत्यादि। Z प्लस सिक्योरिटी में 36 सुरक्षा कर्मी तैनात होते हैं इनमें 10 NSG और SPG के सुरक्षा कर्मी तैनात होते हैं बाकि पुलिस दल के अधिकारी होते हैं जो तीन शिफ्टों में VVIPs की सुरक्षा करते हैं सुरक्षा के पहले घेरे में NSG कमांडो तैनात होते हैं जबकि दूसरे घेरे में एसपीजी SPG कमांडो तैनात होते हैं।

Z कैटेगरी की सुरक्षा में 22 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं इसमें पुलिस के अलावा ITBP और CRPF के जवान भी शामिल होते हैं।

Y कैेटेगरी में 11 सुरक्षा कर्मी तैनात होते हैं ये सुरक्षा कर्मी PSO (पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर्स) होते हैं।

X कैटेगरी में एक PSO सहित केवल 02 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं।

Y-प्लस सुरक्षा में सशस्त्र कमांडों सहित 11 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं। जो तीन शिफ्टों में सुरक्षा करते हैं। इनमें से तीन PSOs लगातार साथ रहते हैं व एक सुरक्षाकर्मी को व्यक्ति के निवास स्थान पर तैनात किया जाता है।

प्रश्नकाल का अर्थ | Prashnakal Meaning in Hindi

जब लोकसभा की बैठक होती है तो इसमें पहला घण्टा प्रश्न पूछने के लिए होता है।

इस घण्टे में लोकसभा के सदस्य सरकार और प्रशासन के कार्यों से संबंधित कोई भी प्रश्न पूछ सकते हैं।

प्रश्न जिस मंत्रालय से संबंधित होता है उस मंत्रालय से संबंधित मंत्री उत्तर देने के लिए खड़ा होता है।

यह घण्टा सरकार के कार्यों की परख करने के लिए होता है और सरकार को उचित उत्तर देकर सदन को संतुष्ट करना होता है।

इसी घण्टे को प्रश्नकाल नाम से जाना जाता है।

लोकसभा में इसका समय सुबह 11 बजे से 12 बजे तक होता है।

प्रश्नकाल में तीन प्रकार के प्रश्न पूछे जा सकते हैं 1). तारांकित प्रश्न 2). अतारांकित प्रश्न 3). अल्प सूचना प्रश्न।

तारांकित प्रश्नों पर स्टार का निशान बना होता है वे वो प्रश्न होते हैं जिनका उत्तर सदस्य मौखिक रूप में चाहता है अर्थात उत्तरदायी मंत्री को सदन में बोलकर इसका उत्तर देना होता है। इन प्रश्नों के उत्तर की संपूर्णता हेतु पूरक प्रश्न पूछे जा सकते हैं।

अतारांकित प्रश्न वे प्रश्न होते हैं जिनका सदस्य मौखिक उत्तर नही माँगता इनका उत्तर लिखित में देना होता है। इन प्रश्नों में पूरक प्रश्न नही पूछे जा सकते।

तारांकित और अतारांकित प्रश्नों का उत्तर पाने के लिए सदस्यों को 10 दिन पूर्व सूचना देनी पड़ती है।

लेकिन यदि 10 दिन से कम अवधि की सूचना देकर प्रश्न पूछा जाता है तो इसे "अल्प सूचना प्रश्न" कहा जाता है।

सदन में किस तरह के प्रश्न पूछे जा सकते हैं इसके संबंध में जानकारी लोकसभा के प्रक्रिया और कार्य संचालन संबंधी नियम 41 (2) में उपलब्ध है।

प्रश्नकाल में ऐसे प्रश्न नहीं पूछे जा सकते जो व्यक्तिगत आरोप लगा रहे हो या व्यक्तिगत टिप्पणी कर रहे हो या सामने वाले व्यक्ति की निंदा से संबंधित हों।

आरोप-प्रत्यारोप वाले प्रश्नों को प्रश्नकाल में जगह नहीं दी जाती बल्कि केवल उन्हीं प्रश्नों को पूछे जाने की इजाजत होती है जो सरकार या प्रशासन की कार्यप्रणाली से संबंधित होते हैं।

श्राद्ध का अर्थ | Shradh Meaning in Hindi

श्राद्ध का अर्थ होता है श्रद्धा से किया जाने वाला कार्य। श्राद्ध एक कर्म है जो हिंदू धर्म में पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने के लिए किया जाता है।

वैचारिक रूप से यह लोगों के लिए अपने माता-पिता और पूर्वजों के प्रति हार्दिक कृतज्ञता और धन्यवाद व्यक्त करने का एक तरीका है क्योंकि वे आज जो भी हैं अपने पूर्वजों की वजह से ही हैं।

श्राद्ध के जरिए हिन्दू लोग अपने स्वर्गीय पूर्वजों की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।

मान्यता है कि श्राद्ध पक्ष में पितृलोक से पितृ देव अपने परिजनों से मिलने के लिए धरती पर किसी न किसी रूप में आते हैं और परिजनों के द्वारा भोजन और भाव ग्रहण करते हैं। पितृपक्ष के दौरान पिंडदान, तर्पण और ब्राह्मणों को भोजन करवाया जाता है जिससे पितृ देव प्रसन्न होते हैं।

श्राद्ध पक्ष 16 दिनों का होता है यह हिन्दू महीने भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा से अमावस्या तक का समय होता है। श्राद्ध पक्ष को पितृ पक्ष भी कहा जाता है।

शुक्ल पक्ष हिन्दू कैलेंडर में उन 15 दिनों को कहा जाता है जब चंद्रमा की कलाएं बढ़ रही होती हैं इसके विपरीत चंद्रमा की कलाएं घटने के समय को कृष्ण पक्ष कहा जाता है।

श्राद्ध को "स्मरण का दिन" भी माना जा सकता है। श्राद्ध भारतीय कैलेंडर की तिथियों के अनुसार सभी पूर्वजों के लिए उनकी मृत्यु वर्षगांठ पर अलग-अलग किया जाता है।

हिन्दू शास्त्रों में कहा गया है कि जो स्वजन अपने शरीर को छोड़कर चले गए हैं चाहे वे किसी भी रूप में अथवा किसी भी लोक में हों उनकी तृप्ति और उन्नति के लिए श्रद्धा के साथ श्राद्ध के दिन तर्पण किया जाता है।

तर्पण का अर्थ होता है तृप्त करने की प्रक्रिया; श्राद्ध में पूर्वजों को तृप्त करने के लिए जलदान किया जाता है इसे ही तर्पण कहा जाता है।

मान्यता है कि पितृ पक्ष में हम जो भी पितरों के नाम का निकालते हैं उसे वे सूक्ष्म रूप में आकर ग्रहण करते हैं।

हिन्दू धर्म में केवल तीन पीढ़ियों का श्राद्ध और पिंड दान करने का ही विधान है।

पिंड दान का अर्थ होता है किसी वस्तु का गोलाकार रूप; पिंड दान के लिए पके हुए चावल, दूध और तिल को मिलाकर एक पिंड का रूप दिया जाता है फिर उसे पूर्वजों को अर्पित किया जाता है। माना जाता है कि पितृपक्ष के दौरान मृत व्यक्ति अपने पुत्र और पौत्र से पिंडदान की आशा रखते हैं।

पुराणों के अनुसार मुताबिक मृत्यु के देवता यमराज श्राद्ध पक्ष में जीव को मुक्त कर देते हैं ताकि वे स्वजनों के यहां जाकर तर्पण ग्रहण कर सकें।

श्राद्ध पक्ष का महत्व उत्तर व उत्तर-पूर्व भारत में ज्यादा है। श्राद्ध पक्ष को तमिलनाडु में आदि
अमावसाई, केरल में करिकडा वावुबली और महाराष्ट्र में पितृ पंधरवडा नाम से जाना जाता है।

शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि मनुष्य पर तीन ऋण होते हैं 1). देव ऋण 2). ऋषि ऋण 3). पितृ ऋण

श्राद्ध में पितृ ऋण को उतारा जाना आवश्यक माना जाता है।

एफ.ए.यू.जी. का अर्थ | FAUG Meaning in Hindi

FAU-G (Fearless And United Guards) गेम को बेंगलुरु आधारित मोबाइल गेम्स डेवलप करने वाली कंपनी nCore ने विकसित किया है।

अभिनेता अक्षय कुमार ने 04 सितंबर 2020 को ट्विटर के माध्यम से FAU-G नामक एप्लीकेशन को जल्द ही लांच जाने की घोषणा की।

अक्षय कुमार ने दावा किया कि यह एप्लीकेशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लांच किए गए मिशन "आत्मनिर्भर भारत" की दिशा में एक कदम है।

भारत में युवाओं के लिए ऑनलाइन गेमिंग मनोरंजन का नया साधन बन गया है यह गेम हमारी आर्मी द्वारा रोजाना फेस किए जाने वाले वास्तविक परिदृश्यों के आधार पर डेवलप की गई है ताकि युवाओं भारतीय सेना की तरह लड़ने की जिज्ञासा उतपन्न हो।

यह गेम अक्टूबर के अंत तक लांच कर दी जाएगी और इसका पहला लेवल गलवान वैली में सेट किया जाएगा।

इसे गूगल प्ले स्टोर और एप्पल स्टोर दोनों पर उपलब्ध करवाया जाएगा।

इस गेम से होने वाली कमाई का 20% "भारत के वीर ट्रस्ट" को दान दिया जाएगा। जो पैरामिलिट्री जवानों की सहायता के लिए फंड जुटाने का काम करता है।

इस प्रकार माना जा रहा है कि FAU-G एप्लीकेशन आत्मनिर्भर भारत को सहयोग देने के साथ ही PUBG जैसी वर्ल्ड क्लास गेम का बेहतर विकल्प साबित होगी।

बनाना रिपब्लिक का अर्थ | Banana Republic Meaning in Hindi

बनाना रिपब्लिक (केला गणतंत्र) एक ऐसे देश को कहा जाता है जो राजनीतिक रूप से अस्थिर हो तथा जिसकी अर्थव्यवस्था सीमित उत्पादों के निर्यात पर निर्भर हो। जैसे: केले या खनिज इत्यादि।

मौजूदा समय में कुछ ऐसे देश हैं जिनकी अर्थव्यवस्था विशेष उत्पाद पर निर्भर है जिस कारण उन्हें बनाना रिपब्लिक कहा जाता है जैसे कि : घाना (कोकोनट), बांग्लादेश (जूट), क्यूबा (शुगर) इत्यादि।

वर्ष 1901 में एक अमेरिकी लेखक ओ' हेनरी ने सर्वप्रथम इस शब्द का प्रयोग किया।

इस शब्द का प्रयोग उसने पड़ोसी देश होंडुरास के लिए किया। जिसका अमेरिकी फल कंपनियों द्वारा आर्थिक शोषण किया जा रहा था।

कारण था होंडुरास की अर्थव्यवस्था का केले पर आधारित होना; होंडुरास की पूरी अर्थव्यवस्था पूर्णतः केले के उत्पादन और निर्यात पर आधारित थी।

इसको देखते हुए अमेरिकी फल कंपनियों ने धीरे-धीरे होंडुरास के केले के व्यापार पर पूर्णतः काबू पा लिया। फलस्वरूप होंडुरास की अर्थव्यवस्था, राजनीतिक व्यवस्था व सामाजिक व्यवस्था पर भी इन कंपनियों का अप्रत्यक्ष अधिकार हो गया।

फलस्वरूप कंपनियों ने होंडुरास का आर्थिक शोषण करना आरंभ कर दिया; व इसकी राजनीति में हस्तक्षेप करते हुए इसकी नीतियों को अपने व्यापार के अनुसार बनाने का दबाव बनाने लगे।

इस घटना से प्रभावित शब्द "बनाना रिपब्लिक" को राजनीतिक विज्ञान में जगह मिली।

समय के साथ इस शब्द का विस्तार हुआ और इसे कमजोर देशों के लिए भी प्रयोग किया जाने लगा। आधुनिक समय में ऐसे सभी देश जो कमजोर, और अस्थिर हों और जिनमें विदेशी राष्ट्रों द्वारा नियंत्रित सरकारों का शासन चलता हो; को बनाना रिपब्लिक कहकर अपमानित किया जाता है।

ये देश राजनीतिक व आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं इनका शासन तंत्र अल्पतंत्र बन जाता है तथा पूंजीपतियों व सैन्य अधिकारियों की आवश्यकता से अधिक मनमर्जी चलने लगती है ऐसा देश राष्ट्र ना रहकर एक कंपनी या व्यवसायिक समूह बन कर रह जाते हैं।

इसलिए बनाना रिपब्लिक एक अपमानित शब्द है जिसका प्रयोग राजनीतिक तथा आर्थिक रूप से कमजोर व अल्पतंत्र शासन वाले देश के लिए किया जाता है।

मारिजुआना का अर्थ | Marijuana Meaning in Hindi

मारिजुआना एक नशीला पदार्थ है जो Cannabis (कैनबिज) नामक पौधे का प्रयोग कर भिन्न-भिन्न विधियों से बनाया जाता है।

मारिजुआना को हिंदी में "गाँजा" नाम से जाना जाता है; वहीं इसके पौधे कैनबिज को हिंदी में "भांग का पौधा" कहा जाता है।

गाँजे के पौधे का साइंटिफिक नाम "कैनबिस सैटाइवा" है।

इसका प्रयोग मनोसक्रिय मादक
(Psychoactive Drug) के रूप में किया जाता है।

आमतौर पर गाँजा; भांग के मादा पौधे के फूल, आसपास की पत्तियों एवं तनों को सुखाकर बनाया जाता है।

गाँजे का सेवन व्यक्ति की उत्तेजना को बढ़ाता है। गाँजे मे मिलाई जाने वाली तंबाकू मिरजी कर्करोग (Cancer) का मुख्य कारण है।

हालांकि गाँजे का सेवन बहुत से रोगों का कारण बनता है इसके सेवन से व्यक्ति के चेहरे पर काले धब्बे (Spots) पड़ जाते है।

यद्द्पि इसका प्रयोग औषधियां बनाने में भी किया जाता है; दुनिया में सबसे बेहतरीन गांजा मलाना हिल्स हिमाचल प्रदेश में ऊगता है।

गाँजे से मिलते जुलते शब्दों में "चरस" तथा "सुल्फे" का नाम आता है।

चरस दरअसल गाँजे के पौधे से निकला हुआ चिपचिपा द्रव है चरस को ही सुल्फा कहा जाता है यह हरे व पीले रंग का होता है।

गाँजा भारत में गैर कानूनी है जिसे कई बार अर्थव्यवस्था को हो रहे नुकसान की तरह भी देखा जाता है क्योंकि गाँजे की खपत बहुत ज्यादा है।

वैसे तो यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्यादातर देशों में बैन है लेकिन कुछ पश्चिमी देश इसे लीगल भी कर रहे हैं।

फ्रांस के लोग गाँजे का सेवन आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए करते हैं।

भारत में गाँजे का सेवन 5000 वर्ष पूर्व से होता आया है; ऐसे प्रमाण मिलते हैं; वहीं एक अनुमान के मुताबिक मौजूदा समय में लगभग 3 करोड़ भारतीय इसका इस्तेमाल करते हैं। माना जाता है कि यह शराब के बाद इस्तेमाल किया जाने वाला दूसरा सबसे बड़ा नशा है।

गाँजे की प्रचीन समय से एक औषधि के रूप मान्यता रही है यही कारण है कि कर्नाटक के कुछ मंदिरों में आज भी गाँजा प्रसाद के रूप में दिया जाता है।

हाल ही में कनाडा ने गाँजे के इस्तेमाल को कानूनी वैधता दी है इसीलिए बहुत से देश इसे वैध बनाने को लेकर विचार कर रहे हैं।

प्राचीन समय से ही लोगों में मान्यता है कि गाँजा यौन उत्तेजना को बढ़ाता है; हालांकि इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नही है। इसके उलट डॉक्टर्स के अनुसार नशा करना यौन संबंधी समस्याओं को बुलावा देने का काम करता है।

वर्तमान में गांजा रखना, इसका व्यापार करना, इसे लाना ले जाना और उपभोग करना "नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांसेज एक्ट 1985 के तहत भारत में प्रतिबंधित है और ये गतिविधियां गैर कानूनी हैं।

हालांकि इसे कानूनी वैधता देने की माँग अन्य देशों की तरह भारत में भी उठती रहती है।

जेईई मेन का अर्थ | JEE Main Meaning in Hindi

JEE MAIN एक इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा है; भारत के इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन लेने के लिए राजकीय स्तर पर कई प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की ज...