व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी क्या है?

चर्चा में क्यों :

हाल ही में केंद्र सरकार ने देश में वाहनों के लिए नई व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी (Vehicle Scrappage Policy) लांच की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 अगस्त 2021 को इस पॉलिसी को लांच किए जाने की घोषणा की। मोदी सरकार की यह पॉलिसी सरकार की कुछ बड़ी योजनाओं में से है, आइए जानते हैं इसके बारे में।

व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी क्या है :

यह पॉलिसी सड़क पर न चलने योग्य वाहनों को हटाने के लिए लाया गया एक उपाय है। इस पॉलिसी का उद्देश्य सड़कों से पुरानी गाड़ियों को हटाकर वायु प्रदूषण और सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करना है मौजूदा समय में भारत में 51 लाख हल्के मोटर वाहन है जो 20 वर्ष से अधिक पुराने हैं और 34 लाख हल्के मोटर वाहन जो 15 वर्ष से अधिक पुराने हैं।

वहीं देश में 17 लाख मध्यम और भारी कॉमर्शियल वाहन है जो 15 वर्ष से अधिक पुराने हैं जो वैध फिटनेस प्रमाण-पत्र के बिना सड़कों पर चल रहे हैं। ये वाहन फिट वाहनों की तुलना में 10 से 12 गुना अधिक पर्यावरण को प्रदूषित करते हैं और सड़क सुरक्षा के लिए एक भारी भी जोखिम बनते हैं। इन सब को स्क्रैप में बदलने हेतु यह पॉलिसी लांच की गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साल 2021 के केंद्रीय बजट में इस पॉलिसी को पेश किया था। 

इस पॉलिसी के तहत फिटनेस टेस्ट और स्क्रैपिंग सेंटर से जुड़े नियम 1 अक्टूबर 2021 से लागू होंगे। वहीं सरकारी और PSU से जुड़े 15 साल पुराने वाहनों को स्क्रैप करने वाले नियम 1 अप्रैल 2022 से लागू होंगे। कॉमर्शियल व्हीकल्स के लिए जरूरी फिटनेस टेस्टिंग से जुड़े नियम 1 अप्रैल 2023 से लागू होंगे। अन्य वाहनों के लिए जरूरी फिटनेस टेस्टिंग से जुड़े नियम 1 जून 2024 से चरणबद्ध तरीके से  लागू होंगे।

व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी के प्रावधान :

1. नई स्क्रैप पॉलिसी में डीजल और पेट्रोल के प्राइवेट वाहनों के लिए 20 साल तक चलने की इजाजत दी गई है।

2. 20 साल से अधिक पुराने प्राइवेट व्हीकल यदि ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्ट पास करने में फेल हो जाते हैं या रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रिन्यू नहीं कराते हैं तो 01 जून 2024 से खुद से रजिस्ट्रेशन खत्म हो जाएगा।

3. इस पॉलिसी के तहत कमर्शियल गाड़ियों को 15 साल और प्राइवेट व्हीकल को 20 साल बाद कबाड़ किया जाएगा।

4. नए नियम के तहत अब केवल गाड़ी की उम्र ही नही देखी जाएगी बल्कि यदि व्हीकल  फिटनेस टेस्ट में अनफिट हो जाता है तो भी उसे स्क्रैप कर दिया जाएगा।

5. वाहन के मालिक को व्हीकल का स्क्रैप मूल्य जो लगभग 4 से 6 प्रतिशत होता है वो उसे मिलेगा और एक स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट भी मिलेगा। जिसके आधार पर नया वाहन खरीदने खरीदते समय 5 प्रतिशत की छूट भी मिलेगी और रजिस्ट्रेशन फीस और रोड टैक्स में भी भारी छूट दी जाएगी।

व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी के लाभ :

1. स्क्रैपिंग की वजह से जो स्क्रैप मटीरियल तैयार होगा उससे ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को सस्ते दाम में कच्चा माल प्राप्त होगा उससे वाहन बनाने की लागत कम होगी।

2. स्क्रैप मटीरियल से ऐसी चीजें भी प्राप्त होंगी जो इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बैटरी के रिसर्च में काम आ सकती हैं।

3. 'व्हीकल स्क्रैपिंग' पर्यावरण के अनुकूल तरीके से प्रदूषणकारी वाहनों को हटाने में मदद करेगी।

4. यह नीति परिवहन के अनावश्यक दबाव को कम करेगी और आर्थिक विकास के लिए सहायक होगी।


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