विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, कब व क्यों

हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पहले 14 अगस्त का दिन ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में घोषित किया।

अब से प्रत्येक वर्ष 14 अगस्त का दिन विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में जाएगा।

15 अगस्त को भारतीय स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है देश को इसी दिन आज़ादी की घोषणा हुई थी तो वहीं 14 अगस्त को पाकिस्तान स्वतंत्रता दिवस मनाता है इसी दिन भारत का विभाजन हुआ था उसी विभाजन के चलते आज पाकिस्तान और बांग्लादेश नाम के देश अस्तित्व में हैं।

पाकिस्तान 14 अगस्त को भारत से अलग हुआ था। इस दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने कहा था कि देश के नागरिक जो पाकिस्तान के साथ रहना चाहते हैं वो रह सकते हैं और जो भारत के साथ रहना चाहते हैं वो यहां पर रह सकते हैं। पाकिस्तान ने उस दौरान तो इस समझौते को स्वीकार कर लिया था। लेकिन इसके अगले ही दिन पाकिस्तान से आने वाली ट्रेनों पर हिंदुओं और सिखों की लाशें आने लगी थी।

यह दिवस देश के बंटवारे के दर्द की याद में मनाया जाएगा तथा उस नफरत और हिंसा को समाप्त करने प्रेरित करेगा जिसकी वजह से असंख्य भारतीयों को विस्थापित होना पड़ा था जिसमें लाखों लोगों ने अपनी जान तक गंवाई थी। जान गंवाने वालो की संख्‍या अलग-अलग स्त्रोतों द्वारा लगभग 02 लाख से 20 लाख तक बताई जाती है। इस त्रासदी ने किसी को भी नही बख्शा था महिलाएं, बच्‍चे, बूढ़े सब इस हिंसा की भेंट चढ़ गए थे।

उन सभी लोगों के संघर्ष और बलिदान की याद में 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के तौर पर मनाने का निर्णय लिया गया है।

यह Partition Horrors Remembrance Day का दिन हमें भेदभाव, वैमनस्य और दुर्भावना के जहर को खत्म करने के लिए न केवल प्रेरित करेगा, बल्कि इससे एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाएं भी मजबूत होंगी।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

वर्ण शंकर का अर्थ | Varna Shankar meaning in Hindi

वर्ण व्यवस्था के अंतर्गत चार वर्ण बताए गए हैं ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र। जब दो अलग अलग वर्ण के महिला व पुरुष आपस में विवाह करते हैं...