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गजनवी मिसाइल के बारे में

हाल ही में पाकिस्तान ने गजनवी नामक बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया।

गजनवी सतह से सतह से कम दूरी तक मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है।  इसे राष्ट्रीय विकास परिसर द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। 

इस मिसाइल के प्रथम संस्करण को 2004 में पाकिस्तानी सेना की रणनीतिक कमान के साथ सेवा में शामिल किया गया था।

इस मिसाइल की अधिकतम मारक क्षमता 290 किमी है और इसका नाम 11वीं शताब्दी के मुस्लिम तुर्की शासक महमूद गजनवी के नाम पर रखा गया है।

इस मिसाइल में 290 किलोमीटर की रेंज तक 700 किलोग्राम तक के वॉरहेड (परमाणु हथियार) पहुंचाने की क्षमता है।

इस मिसाइल का परीक्षण दिन और रात दोनों मोड में किया गया है।

कई भारतीय छावनियां और सैन्य ठिकाने इस मिसाइल की सीमा के भीतर आते हैं।

गजनवी मिसाइल को हत्फ-3 मिसाइल के नाम से भी जाना जाता है।

पाकिस्तान ने गजनवी मिसाइल को 1987 से बनाना शुरू किया था।

इस मिसाइल की लंबाई 8.5 मीटर के आसपास है।

चीन के सहयोग से बनी इस मिसाइल को पाकिस्तान के नैशनल डेवलपमेंट कॉम्पलैक्स ने विकसित किया है।

पाकिस्तान मिसाइल कंट्रोल रिजीम ट्रीटी (MCRT) का सदस्य नहीं है इसलिए चीन 300 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक मार करने वाली मिसाइल की तकनीक पाकिस्तान को नहीं दे सकता।

छोटी दूरी तक मार करने वाली गजनवी मिसाइल सॉलिड फ्यूल से चलने वाली मिसाइल है। इस मिसाइल को रेल और सड़क मार्ग से कहीं भी लाया ले जाया जा सकता है।

चीन ने M-11 मिसाइल वर्ष 1987 में पाकिस्‍तान को दी थीं। M-11 की तकनीक का इस्‍तेमाल करके पाकिस्‍तान ने गजनवी मिसाइल का निर्माण किया है।

जानने योग्य है की मौजूदा समय में पाकिस्‍तान के पास करीब 160 परमाणु हथियार हैं। 

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