सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Vibes Meaning in Hindi | वाइब्स का मतलब

Vibes एक अंग्रेजी का शब्द है जो मौजूदा समय में अत्याधिक प्रचलित है।

Vibes का शाब्दिक अर्थ होता है अनुभूति या भावनात्मक तरंग 

Vibes के अंग्रेजी में पर्यायवाची होते हैं Aura (औरा) Energy (एनर्जी) Viberation (वाईब्रेशन)

Vibes शब्द को वाक्य में इस प्रकार प्रयोग किया जा सकता है You can feel the positive vibes from the audience.

वाइब्स (Vibes) भावनात्मक तरंगे होती है जो प्रत्येक व्यक्ति अपने आस-पास के लोगों को अपनी शारीरिक भाषा और सोशल बातचीत के जरिए देता है।

माना जाता है कि प्रत्येक मनुष्य अपने व्यवहार से कंपन उर्जा यानि Vibrational Energy पैदा करता है। इसलिए जब आप किसी व्यक्ति से मिलते हैं तो आपको कोई ना कोई एहसास होता है जैसे खुशी, दुख, उदासी, भय इत्यादि यह एहसास Vibes की वजह से ही होता है।

खुशी का एहसास पॉजिटिव वाइब्स से आता है और दुख का एहसास नेगेटिव वाइब्स से।

जो व्यक्ति हँसमुख होता है उससे बात करके खुशी की अनुभूति होती है यही अनुभूति पॉजिटिव वाइब कहलाती है। यानी कि ऐसे व्यक्ति के आसपास रहने से हमें सकारात्मक अनुभव मिलते हैं।

वहीं अगर कोई रो रहा होता है तो उसे देख कर आप भी दुखी हो जाते हैं भले ही वो व्यक्ति आपका अपना हो या न हो। लेकिन वो अपने व्यवहार से अपने आस पास एक एनर्जी उत्सर्जित कर रहा होता है जिन्हें वाइब्स कहा जाता है इसलिए ये नेगेटिव वाइब्स (भावनात्मक तरंगे) अपको भी दुखी कर देती हैं।

इसलिए हम अक्सर सुनते हैं कि जैसी संगत में बैठोगे वैसे ही बनोगे, यह इसीलिए होता है क्योंकि पॉजिटिव और नेगेटिव वाइब्स हमें प्रभावित करती हैं।





















टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

आमी तोमाके भालोबाशी का अर्थ - Ami Tomake Bhalobashi Meaning in Hindi

* आमी तोमाके भालोबाशी बंगाली भाषा का शब्द है। * इसका हिंदी में अर्थ होता है "मैं तुमसे प्यार करता/ करती हूँ। * इस शब्द का प्रयोग हिंदी फिल्मों और गानों में बंगाली टच देने के लिए किया जाता है। * आमी तोमाके भालोबाशी में "तोमाके" का अर्थ होता है "तुमको" इसे "तोमे" के साथ भी बोला जा सकता है अर्थात "आमी तोमे भालोबाशी" का अर्थ भी "मैं तुमसे प्यार करता हूँ" ही होता है। * अपने से उम्र में बड़े व्यक्ति जैसे माता-पिता को बंगाली में यह शब्द कहते हुए "तोमाके" शब्द को "अपनके" बोला जाता है जैसे : आमी अपनके भालोबासी" * अंग्रेजी में इसका अर्थ आई लव यू होता है। * अगर बोलना हो कि "मैं तुमसे (बहुत) प्यार करता हूँ" तो कहा जाएगा "आमी तोमाके खूब भालोबाशी" * वहीं अगर बोलना हो " तुम जानती हो मैं तुमसे प्यार करता हूँ" तो कहा जाएगा "तुमी जानो; आमी तोमाके भालोबाशी"

जिहाल-ए-मिस्कीं मकुन बरंजिश का अर्थ | Zihale-E-Miskin Mukun Ba Ranjish Meaning in Hindi

"जिहाल-ए -मिस्कीन मकुन बरंजिश" पंक्ति हिंदी फिल्म गुलामी में गए गए गीत के चलते प्रचलित हुई है। यह गीत प्रसिद्ध कवि अमीर ख़ुसरो द्वारा रचित फ़ारसी व बृजभाषा के मिलन से बनी कविता से प्रेरित है। यह कविता मूल रूप में इस प्रकार है। ज़िहाल-ए मिस्कीं मकुन तगाफ़ुल, दुराये नैना बनाये बतियां... कि ताब-ए-हिजरां नदारम ऐ जान, न लेहो काहे लगाये छतियां... इस मूल कविता का अर्थ है : आँखे फेरके और बातें बनाके मेरी बेबसी को नजरअंदाज (तगाफ़ुल) मत कर... हिज्र (जुदाई) की ताब (तपन) से जान नदारम (निकल रही) है तुम मुझे अपने सीने से क्यों नही लगाते... इस कविता को गाने की शक्ल में कुछ यूँ लिखा गया है : जिहाल-ए -मिस्कीं मकुन बरंजिश , बेहाल-ए -हिजरा बेचारा दिल है... सुनाई देती है जिसकी धड़कन , तुम्हारा दिल या हमारा दिल है... इस गाने की पहली दो पंक्तियों का अर्थ है : मेरे दिल का थोड़ा ध्यान करो इससे रंजिश (नाराजगी) न रखो इस बेचारे ने अभी बिछड़ने का दुख सहा है...

करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान दोहे का अर्थ Karat Karat Abhyas Ke Jadmati Hot Sujan Doha Meaning in Hindi

करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान मध्यकालीन युग में कवि वृंद द्वारा रचित एक दोहा है यह पूर्ण दोहा इस प्रकार है "करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान; रसरी आवत जात ते सिल पर परत निसान" इस दोहे का अर्थ है कि निरंतर अभ्यास करने से कोई भी अकुशल व्यक्ति कुशल बन सकता है यानी कि कोई भी व्यक्ति अपने अंदर किसी भी प्रकार की कुशलता का निर्माण कर सकता है यदि वह लगातार परिश्रम करे। इसके लिए कवि ने कुए की उस रस्सी का उदाहरण दिया है जिस पर बाल्टी को बांध कर कुए से पानी निकाला जाता है। बार-बार पानी भरने के कारण वह रस्सी कुए के किनारे पर बने पत्थर पर घिसती है तथा बार-बार घिसने के कारण वह कोमल रस्सी उस पत्थर पर निशान डाल देती है क्योंकि पानी भरने की प्रक्रिया बार बार दोहराई जाती है इसलिए वह रस्सी पत्थर निशान डालने में सफल हो जाती है। यही इस दोहे का मूल है इसमें यही कहा गया है कि बार-बार किसी कार्य को करने से या कोई अभ्यास लगातार करने से अयोग्य से अयोग्य व मूर्ख से मूर्ख व्यक्ति भी कुशल हो जाता है। इसलिए व्यक्ति को कभी भी अभ्यास करना नहीं छोड़ना चाहिए। इस दोहे के लिए अंग्रेजी में एक वाक्य प्रय