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अगस्त 13, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

गजनवी मिसाइल के बारे में

हाल ही में पाकिस्तान ने गजनवी नामक बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। गजनवी सतह से सतह से कम दूरी तक मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है।  इसे राष्ट्रीय विकास परिसर द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है।   इस मिसाइल के प्रथम संस्करण को 2004 में पाकिस्तानी सेना की रणनीतिक कमान के साथ सेवा में शामिल किया गया था। इस मिसाइल की अधिकतम मारक क्षमता 290 किमी है और इसका नाम 11वीं शताब्दी के मुस्लिम तुर्की शासक महमूद गजनवी के नाम पर रखा गया है। इस मिसाइल में 290 किलोमीटर की रेंज तक 700 किलोग्राम तक के वॉरहेड (परमाणु हथियार) पहुंचाने की क्षमता है। इस मिसाइल का परीक्षण दिन और रात दोनों मोड में किया गया है। कई भारतीय छावनियां और सैन्य ठिकाने इस मिसाइल की सीमा के भीतर आते हैं। गजनवी मिसाइल को हत्फ-3 मिसाइल के नाम से भी जाना जाता है। पाकिस्तान ने गजनवी मिसाइल को 1987 से बनाना शुरू किया था। इस मिसाइल की लंबाई 8.5 मीटर के आसपास है। चीन के सहयोग से बनी इस मिसाइल को पाकिस्तान के नैशनल डेवलपमेंट कॉम्पलैक्स ने विकसित किया है। पाकिस्तान मिसाइल कंट्रोल रिजीम ट्रीटी (MCRT) का सदस्य नहीं है इसलिए चीन

127 वां संविधान संशोधन क्या है?

हाल ही में 127 वां संविधान संशोधन विधेयक दोनों सदनों से पारित हो गया जिसके बाद यह चर्चा में बना हुआ है। संविधान का 127 वां संशोधन राज्य सरकारों को अपने अनुसार राज्य की जातियों की OBC सूची जारी करने की शक्ति को बहाल करता है जो वर्ष 2018 में हुए 102 वें संविधान संशोधन के चलते राष्ट्रपति के पास चली गई थी। दरअसल वर्ष 2018 से पूर्व OBC कैटेगरी में कौन सी जातियां होंगी इसकी सूची राज्य और केंद्र सरकार द्वारा अलग-अलग जारी की जाती थी अर्थात राज्य सरकारों के पास OBC सूची जारी करने के स्वतंत्र अधिकार थे। इसी के चलते महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में मराठा आरक्षण लागू किया था जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 102 वें संशोधन के चलते संविधानिक रूप से अवैध करार दिया था। 102 वें संशोधन के जरिए संविधान में 338B और 342A को जोड़ा गया था। अनुच्छेद 338B राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सरंचना, कर्तव्यों और शक्तियों के बारे में है। वहीं अनुच्छेद 342A राष्ट्रपति को राज्यों एंव केंद्र शासित प्रदेशों में सामाजिक एंव शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को उल्लेखित करने का अधिकार देता है। 102 वें संशोधन के बाद राज्य सरकारें अपने अनु

व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी क्या है?

चर्चा में क्यों : हाल ही में केंद्र सरकार ने देश में वाहनों के लिए नई व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी (Vehicle Scrappage Policy) लांच की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 अगस्त 2021 को इस पॉलिसी को लांच किए जाने की घोषणा की। मोदी सरकार की यह पॉलिसी सरकार की कुछ बड़ी योजनाओं में से है, आइए जानते हैं इसके बारे में। व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी क्या है : यह पॉलिसी सड़क पर न चलने योग्य वाहनों को हटाने के लिए लाया गया एक उपाय है। इस पॉलिसी का उद्देश्य सड़कों से पुरानी गाड़ियों को हटाकर वायु प्रदूषण और सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करना है मौजूदा समय में भारत में 51 लाख हल्के मोटर वाहन है जो 20 वर्ष से अधिक पुराने हैं और 34 लाख हल्के मोटर वाहन जो 15 वर्ष से अधिक पुराने हैं। वहीं देश में 17 लाख मध्यम और भारी कॉमर्शियल वाहन है जो 15 वर्ष से अधिक पुराने हैं जो वैध फिटनेस प्रमाण-पत्र के बिना सड़कों पर चल रहे हैं। ये वाहन फिट वाहनों की तुलना में 10 से 12 गुना अधिक पर्यावरण को प्रदूषित करते हैं और सड़क सुरक्षा के लिए एक भारी भी जोखिम बनते हैं। इन सब को स्क्रैप में बदलने हेतु यह पॉलिसी लांच की गई है। वित्त म

Penelope Meaning in Hindi

चर्चा में क्यों : वर्ष 2006 में एक मूवी रिलीज हुई थी जिसकी रीलिज को हाल ही में 15 वर्ष पूरे हुए हैं जिसके चलते इस मूवी का नाम चर्चा में बना हुआ है। पेनेलपी शब्द का अर्थ : दरअसल पेनेलपी यूनानी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है बुनकर। मौजूदा समय में इस शब्द का प्रयोग ईसाई लड़कियों के नाम के रूप में किया जाता है पश्चिमी देशों की पौराणिक कथाओं में पेनेलपी ओडिसियस की पत्नी का नाम था जो अपने पति की लंबी अनुपस्थिति के दौरान उसके प्रति वफादार रही थी इसलिए पेनेलपी शब्द का एक दूसरा अर्थ "एक वफादार पत्नी" भी होता है। इस नाम से वर्ष 2006 में रिलीज हुई मूवी में मुख्य भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री की नाक एक श्राप के चलते पिग (Pig) बन जाती है जिस वजह से उसे पिग गर्ल कहा जाने लगता है। वह लड़की कैसे अपना जीवन जीती है और उसे किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है इसी पर मूवी की पूरी कहानी आधारित है।